Home » Latest » सरकार के खिलाफ मार्च का राहुल गांधी ने किया नेतृत्व, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग

सरकार के खिलाफ मार्च का राहुल गांधी ने किया नेतृत्व, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग

Rahul Gandhi led the march against the government, demanding withdrawal of agricultural laws

लोकतंत्र पर हमला | attack on democracy

नई दिल्ली, 12 अगस्त 2021. संसद सदस्यों और विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद के मानसून सत्र में कटौती के विरोध में (protest against the cut in the monsoon session of Parliament) आज संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला।

सांसदों ने बैनर और तख्तियां लेकर कृषि कानूनों को वापस लेने का आह्वान किया और इन तख्तियों पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ लिखा हुआ था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए आरोप लगाया, “हमें प्रेस से बात करने के लिए यहां आना होगा क्योंकि विपक्ष में हमें संसद में बोलने की अनुमति नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के 60 फीसदी लोगों की आवाज को कुचला गया, अपमानित किया गया और कल राज्यसभा में उन्हें (महिला सांसदों को) पीटा गया। संसद का सत्र खत्म हो गया है, लेकिन जहां तक देश के 60 फीसदी हिस्से का सवाल है, तो संसद का कोई सत्र नहीं हुआ है।

Opposition leaders demand that agricultural laws should be withdrawn immediately

विपक्षी नेताओं ने मांग की कि कृषि कानूनों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और कहा कि वे मानसून सत्र को कम करने का विरोध कर रहे हैं जो शुक्रवार तक होने वाला था।

शिवसेना ने भी किया विरोध

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा,

“विपक्ष को सदन में अपने विचार रखने का मौका नहीं मिला और महिला सांसदों के खिलाफ कल की घटना लोकतंत्र के खिलाफ थी क्योंकि ऐसा लगा कि हम (विपक्ष) पाकिस्तान की सीमा पर खड़े हैं।”

बुधवार की घटनाओं के बारे में शिकायत करने के लिए विपक्षी नेताओं के सदन के सभापति से मिलने की संभावना है।

कांग्रेस सांसद छाया वर्मा का आरोप पुरुष मार्शलों ने मारपीट की

बुधवार को संसद अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब वे सदन में बीमा विधेयक का विरोध कर रहे थे, तो महिला सांसदों के साथ पुरुष मार्शलों ने मारपीट की।

कांग्रेस सांसद छाया वर्मा ने कहा, “मुझे पुरुष मार्शलों द्वारा धक्का दिया गया और मैं फूलो देवी नेताम पर गिर गई। वह भी सदन के फ्लोर पर गिर गईं।”

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा,

“अपने पूरे संसदीय करियर में मैंने कभी नहीं देखा कि जिस तरह से आज उच्च सदन में महिला सांसदों पर हमला किया गया। 40 से अधिक पुरुषों और महिलाओं को बाहर से सदन में लाया गया। यह बहुत दुखद और दर्दनाक है। यह लोकतंत्र पर हमला है।”

पहली बार बाहरी लोगों को राज्यसभा में लाया गया और सांसदों के साथ बदतमीजी की गई, मीडिया इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहा है?
– श्री राहुल गांधी

अगर आप राहुल गांधी जी के समर्थन में हैं तो रिट्वीट जरूर करें।#मैं_भी_राहुल #RahulGandhi pic.twitter.com/xe1JGaWayY

— 𝗜’𝗠 𝗥𝗔𝗛𝗨𝗟 𝗚𝗔𝗡𝗗𝗛𝗜 ✋ (@Binoy_R) August 12, 2021

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

political prisoner

“जय भीम” : जनसंघर्षों से ध्यान भटकाने का एक प्रयास

“जय भीम” फ़िल्म देख कर कम्युनिस्ट लोट-पोट क्यों हो रहे हैं? “जय भीम” फ़िल्म आजकल …

Leave a Reply