Home » Latest » लॉकडाउन में भारतीयों की पीड़ा देखकर छलका राहुल का दर्द बोले- सैकड़ों भाई-बहन भूखे-प्यासे पैदल अपने गांव जाने को हैं मजबूर
Rahul Gandhi at Bharat Bachao Rally

लॉकडाउन में भारतीयों की पीड़ा देखकर छलका राहुल का दर्द बोले- सैकड़ों भाई-बहन भूखे-प्यासे पैदल अपने गांव जाने को हैं मजबूर

Rahul Gandhi’s tweet on lockdown

नई दिल्ली, 28 मार्च 2020. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिन के लॉकडाउन (#CoronavirusLockdown) के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने ‘जय हिंद’ के साथ की खास अपील की है।

राहुल गांधी ने कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से शहर छोड़कर गांव की ओर वापस लौट रहे लोगों और उनके परिवारों को लेकर शनिवार को ट्वीट किया।

अपने ट्वीट में श्री गांधी ने लिखा-

“आज हमारे सैकड़ों भाई-बहनों को भूखे-प्यासे परिवार सहित अपने गांवों की ओर पैदल जाना पड़ रहा है. इस कठिन रास्ते पर आप में से जो भी उन्हें खाना-पानी-आसरा-सहारा दे सके, कृपा करके दे! कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं से मदद की ख़ास अपील करता हूं. जय हिंद!”

बता दें कि कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की तर्ज पर अचानक बुधवार से 21 दिन के लिए देशभर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी, जिसके चलते सभी महानगरों में हालात खराब हो गए हैं, गरीब प्रवासी मजदूर भूख से बेहाल यातायात के संसाधनों के अभाव में 800 किलोमीटर तक पैदल निकल पड़े हैं।

इससे पहले भी श्री गांधी ने लॉक़डाउन को लेकर ट्वीट किया था,

“लॉकडाउन हमारे देश के गरीब और कमजोर तबके को बर्बाद करके रख देगा। इससे हमारे प्यारे देश भारत को एक बड़ा झटका लगेगा। भारत को सिर्फ स्याह और सफेद में देखना ठीक नहीं है। कोई भी फैसला करते वक्त हमें गहाराई से सोचने की जरूरत है। इस संकट से निपटने के लिए ऐसे नजरिए की जरूरत है जो लोगों के प्रति दया भी रखता हो। अभी भी बहुत देर नहीं हुई है।”

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

जानिए खेल जगत में गंभीर समस्या ‘सेक्सटॉर्शन’ क्या है

Sport’s Serious Problem with ‘Sextortion’ एक भ्रष्टाचार रोधी अंतरराष्ट्रीय संस्थान (international anti-corruption body) के मुताबिक़, …