बारिश से उजड़े आशियाने में चूल्हा जलाने की रिहाई मंच की कोशिश

आजमगढ़, निजामाबाद के गौसपुर घुरी में मकान ढहने की सूचना पर पहुंचा रिहाई मंच

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने जिलाधिकारी से मकान के पुर्ननिर्माण, राशन और भूमि आवंटन की मांग की

आजमगढ़ 8 जून 2020। रिहाई मंच ने निजामाबाद के गौसपुर घुरी गांव में बारिश से मकान ढहने की सूचना पर पीड़ितों से मुलाकात कर उनको राहत सामग्री और सहायता उपलब्ध कराई। प्रतिनिधिमंडल में रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, बाकेलाल, अवधेश यादव, विनोद यादव और धीरेन्द्र यादव मौजूद थे।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि कोरोना महामारी में हमारी प्रतिबद्धता है कि जहां भी किसी जरुरतमंद को जरुरत है वहां हम उनके साथ खड़े हों। राजीव यादव ने जिलाधिकारी से मांग की कि मनीता यादव का घर जो बारिश में ढह गया है उसके पुर्ननिर्माण के लिए राशि प्रदान करें। मनीता विधवा हैं और उनपर चार बच्चों की जिम्मेदारी है ऐसे में उनके रोजगार के साथ उनके जीवन यापन के लिए जमीन आवंटित की जाए। वर्तमान में उनके घर में समुचित राशन की व्यवस्था हमने नहीं पाई ऐसे में उन्हें राशन भी उपलब्ध कराया जाए।

प्रतिनिधिमंडल के बाकेलाल, अवधेश यादव, विनोद यादव ने कहा कि पांच जून 2020 को बारिश में मकान ढहने की सूचना निजामाबाद के गौसपुर घुरी गांव की शबाना आजमी से मिली जिसके बाद हमने मनीता यादव से मुलाकात की। मनीता ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब जब वह चार बच्चों के साथ घर में खाना बना रहीं थी तो उसी वक्त उनके मकान की खपडै़ल की छत गिर गई जिसमें उनका परिवार बाल-बाल बचा।

मनीता ने बताया कि उनके पति सागर यादव की मृत्यु तीन साल पहले जमीन के सदमें में हो गई थी। उनके पास तीन बिस्वा के करीब जमीन हैं। उनके चार बच्चे अंकित (10 वर्ष), गुंजा (8 वर्ष), पूजा (5 वर्ष) और अविनेश (3 वर्ष) की जिम्मेदारी अकेले मनीता की है। वो पास के महाबुद्धा डिग्री कालेज में झाड़ू-पोछा करके तीन हजार रुपए पाती हैं जिससे वो बच्चों का भरण-पोषण मुश्किल से कर पाती हैं। कोराना महामारी के इस दौर में तीन महीने से वह भी नहीं मिल पा रहा है। 7 जून 2020 को जब प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला तब तक उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सहायता नहीं मिली थी।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations