देश की एकता और अखंडता को तार-तार करने के लिए जनता ने आपको लाइसेंस नहीं दिया है, लोगों को सताने की सभी बातें तुरंत बंद कीजिये

PM Modi Speech On Coronavirus

फिर से रामायण  ? | Ramayana again

दूरदर्शन पर अब लॉक डाउन के कारणवश अपने-अपने घरों में मजबूरन बैठे हुए लोगों को देखकर सरकार द्वारा उसे पुनः दिखाने की पहल करने की बात सुनकर मेरे मन में जो प्रतिक्रिया आ रही है उसे आप मित्रों को “मन की बात” करने की कोशिश कर रहा हूँ।

बड़ोदा में एक सावरकर को मानने वाले मराठी लेखक जो दादूमियां नाम से माणूस नाम के मराठी पत्रिका में लिखा करते थे, और जिनके घर में वर्तमान प्रधानमंत्री जो कभी संघ के प्रचारक के नाते उनके घर पर ठहरा करते थे, ने मुझे 90 के दशक में नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैठकों के कारण  मेरे बड़ौदा प्रवास के दौरान अपने घर पर चाय पर बुलाया था तो मैंने उनसे पूछा कि बाबरी मस्जिद को निर्माण होकर 500 साल हो गए हैं, लेकिन इन 500 सालों में कोई पुरजोर कोशिश इसके खिलाफ मुझे याद नहीं आ रही है कृपया आपको पता हो तो बता दो।

तो उन्होंने मुझे बताया कि हम लोग अपने हिंदुत्व की राजनीति बखूबी कर रहे थे लेकिन 1915 में दक्षिण अफ्रीका से गाँधीजी लौट आये और 1920 में तिलक की मृत्यु के बाद भारत की राजनीति पर छा गये। हम लोगों ने कई कोशिशें कीं पर इस आदमी ने अपने आप को सनातनी हिंदू कहकर और राजनीति में आश्रम और प्रार्थना आदि कर्म के कारण हमारी जमीन ही छीन ली तो उसके बाद हम लोगों ने गाय, राम राज्य समिति और अन्य बहुत कुछ किया लेकिन इसका जादू भारतीय जनमानस पर ऐसा चढ़ा हुआ था कि हमारी सभी कोशिशें बेकार साबित हुईं ! फिर आजादी के बाद भी हमने और आपने अपने ढंग से कई प्रयोग किये गये। अधिकाँश नाकामयाब साबित हुए तो करें तो क्या करें। इस पशोपेश में थे तो अचानक यह टीवी सीरियल शुरू हुआ और हमने देखा कि सीरियल के समय रास्ते पर लोग नहीं के बराबर  होते हैं। सभी टीवी को देख रहे हैं यहां तक कि शादी के समय भी रामायण सीरियल के मुताबिक तय होने की खबरें आ रही थी और कई विधानसभा के सत्रों को सीरियल के हिसाब से होता देखकर हम लोगों को लगा कि राम मंदिर का मुद्दा उठाने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा और हम लोगों ने रथयात्रा और दूसरे प्रचार-प्रसार के माध्यम इस्तेमाल कर के दो संसदों की जगह 80-90 संसदों तक तरक्की कर ली है। (उस समय वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे और बीजेपी की सपोर्ट से उनकी सरकार टिकी हुई थी और अडवाणी जी को गिरफ्तार करने के कारण बीजेपी ने सपोर्ट निकालने के कारण उनकी सरकार गिर गई थीं।)

मैंने कहा था कि 80-90 की जगह आपको सौ सवा सौ तक की कामयाबी मिलेगी लेकिन 544 की सदस्यता वाली संसद में बहुमत  का सफर तय करना मुश्किल नहीं लगता  ? और जिस अखंड भारत की बात आप लोग गाहे-बगाहे करते रहते हो उसका क्या  ?

तो उन्होने जवाब दिया कि पहले सरकार में तो आने दो बाद में देख लेंगे !

वह बाद का समय आजकल हम आप सभी देख रहे हैं। और उसमें यह  सीरियल के प्रसारण के कारण राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के आंदोलन को हवा देने में  काम आया वह फिर से दिखाने का अभी का फैसला देखकर वह सब कुछ याद आया है।

मुझे खुद को रामायण, महाभारत और भी कई एपीक बहुत उच्च कोटि का साहित्य लेखन लगते हैं, लेकिन उसे लेकर कुछ राजनीतिक दलों को अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का तवे के रूप में उनका इस्तेमाल करने की बात उसके अपमान कीं बात भी  लगती है और इसलिए अभी हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मंदिर निर्माण के लिये लोगों को उकसाने का काम लगता है।

अरे भाई जब सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा, भले वह फैसला हमारे संविधान के अनुसार नहीं है और इस निर्णय पर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिया है तो क्यों जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हो  ?

2019 के मई के बाद लगातार अल्प संख्यक समुदाय को उकसाने के अलावा कोई और काम नहीं है  ? आते ही 370 हटाने का काम किया फिर मंदिर बनाने का फैसला फिर तथाकथित नागरिकता संशोधन कर दिया। आखिर इस देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक के बाद एक लगातार बढ़ती जा रही घटनाओं का परिणाम क्या होगा  ?

बहुत ही मुश्किल से 73 साल की उम्र के आजादी के बाद के दौर में देश की एकता और अखंडता को तार-तार करने के लिए आपको लाइसेंस नहीं दिया है। कृपया अभी भी समय है आप पहले चुनाव में सबका साथ सबका विकास का नाम लेकर चुनाव में उतरे थे। और प्रधानमंत्री का भाषण 15 अगस्त 2014 को लालकिले की प्राचीर से 135 करोड़ का टीम इंडिया की बात शायद आपको याद नहीं होगी, लेकिन मुझे पूरा याद है क्योंकि मुझे आपकी बात खत्म होने के बाद तुरंत ही एक टीवी चैनल पर आप के जिन्दगी के पहले आजादी का राष्ट्रीय प्रसारण पर प्रतिक्रिया देने के लिये बैठना था और मैं लगभग आपने लाल किले के भाषण में जितना समय लिया था मुझे भी उस चैनल ने उतना ही समय दिया है। जो था इसलिए मैंने उसे बहुत गौर से  सुना था इसलिए आप ने उस प्रसारण में 135 करोड़ आबादी वाले टीम इंडिया टीम इंडिया की बात बार-बार दोहराया है और मैंने अपनी प्रतिक्रिया में सबसे पहले आपने टीम इंडिया में भारत में रहने वाले सभी लोगों का समावेश किया है इसलिए मैंने आपको धन्यवाद देते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई है।

क्योंकि आप संघ परिवार में पले बढे होने के कारण और आपके प्रधानमंत्री बनने के पहले आप गुजरात के मुख्यमंत्री 15 सालों में आप के कार्यकाल के दौरान 2002 का दंगा और उस दंगे के समय आप का काम काफी विवादित रहा है जिसके कारण आपको कई देशों के वीसा बैन हो गए थे और उस समय के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आपने राज धर्म का पालन नहीं किया है यह झिड़क भी लगाई है।

Suresh Khairnar
Suresh Khairnar

अब आप 135 करोड़ आबादी वाले भारत के प्रधानमंत्री होने के कारण आप से गुजारिश है कि कृपया भारत की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए अल्प संख्यक समुदाय के लोगों को डराने, धमकाने से भारत की एकता के लिए ठीक नहीं है तो मेहरबानी करके दलित, आदिवासी, महिलाओं तथा अल्प संख्यक समुदाय के लोगों को सताने की सभी बातें तुरंत बंद कीजिये

और देश के महत्वपूर्ण सवाल बेरोजगारी, कृषि क्षेत्र जो लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है और इसी कारण पांच लाख किसानों को आत्महत्या करने को मजबूर किया है !

हैल्थ के बारे में कोरोना के चलते हुए नहीं लिखूं तो अच्छा है शिक्षा, और अन्य क्षेत्रों में भी हमारे देश की हालत गंभीर बनी हुई और आपकी प्राथमिकता में यह सब मूलभूत संरचना की जगह  मंदिर-मस्जिद में उलझाकर देश के साथ और मुख्यतः देश की जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हो और यह एक 50 साल से भी अधिक समय से सामाजिक कार्यकर्ता के नाते आपको आगाह कर रहा हूँ।

किसी टीवी के साक्षात्कार में आप ने राजीव शुक्ला जी को कहा था ना कि आपने उम्र के 17 साल के दौरान घर छोड़कर देश सेवा के लिए समर्पित हो गये थे बस हमारी भी कहानी कुछ कुछ ऐसी ही है! आप संघ को समर्पित हो गये और हम राष्ट्र सेवा दल को। और आपातकाल में जेल में भी रहा हूँ इसलिए आपसे अनुरोध है कि इन मामलों को लेकर आवाज उठाने वालों को देशद्रोही बताना बंद कीजिये और थोड़ा रहमदिल होने का प्रयास करेंगे इस उम्मीद के साथ।

आपका

डॉ. सुरेश खैरनार,

नागपुर

28 मार्च 2020 

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