रामचरित मानस की प्रासंगिकता कभी कम नहीं होगी

रामचरित मानस की प्रासंगिकता कभी कम नहीं होगी

Ramayana Conclave in Bareilly :

पर्यटन और संस्कृति विभाग ने आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का किया आयोजन (Department of Tourism and Culture organized Ramayana Conclave at IMA Hall Bareilly)

बरेली 24 अक्तूबर 2021. रामायण के प्रसंगों का भावविभोर करने वाला मंचन और वातावरण को राममय बनाने वाला संगीत और कथक के रंग… मौका था बरेली की धरती पर पहले रामायण कॉन्क्लेव का। जिले में आयोजित इस कॉन्क्लेव में कलाकारों ने बेहतरीन मंचन कर रामायण को जीवंत कर दिया।

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों की प्रस्तुति देख दर्शक भावविभोर हो गए।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में (Under the joint aegis of Uttar Pradesh Tourism Department and Culture Department) बृहस्पतिवार को आईएमए हॉल में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर चर्चा के साथ रामलीला मंचन, भरतनाट्यम और कथक नृत्य नाटिका का भी मंचन किया गया।

तुलसी मठ के महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

पहले सत्र में लोक गीतों में राम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।

महंत कमल नयन दास ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रामचरित मानस एक ऐसा ग्रंथ है जो आज भी प्रासंगिक है, इसकी प्रासंगिता न तो कभी कम हुई थी न ही कभी कम होगी।

उन्होंने कहा कि रामकथा हमारी रग-रग में समाई हुई है। हमें रामायण को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है।

गोष्ठी में रंगकर्मी डॉ. कविता अरोरा, डॉ. पूर्णिमा अनिल ने भी अपने विचार रखे।

यह आयोजन अयोध्या शोध संस्थान और संस्कृति विभाग के संयुक्त प्रयास से किया गया।

शाम के समय दूसरे सत्र में देश-प्रदेश के विख्यात कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरुण राज, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह, पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स, और नवीन श्रीवास्तव संगीत नाटक अकादमी लखनऊ का कार्यक्रम आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner