दबंगों ने कोरोना वारियर को जबरदस्ती पिलाया सैनिटाइजर, हुई मौत, गोदी मीडिया में कोई डिबेट नहीं

Novel Cororna virus

Rampur man deployed at sanitization work dies family alleges forcefully given sanitizer to drink

तौसीफ कुरैशी। यूपी के रामपुर ज़िले में कोरोना फाइटर्स के साथ दुर्व्हवहार का सिलसिला लगातार जारी है। एक तरफ पूरा देश जहाँ कोरोना से लड़ाई लड़ रहा है वहीं कुछ लोग हैं जो कोरोना योद्धाओं की ही जान लेने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। सरकार को चाहिए इस मामले में सख़्त कार्रवाई करे। जैसे लीपा पोती की जा रही है उससे नहीं लगता कि सरकार या पुलिस आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगी (rampur News in Hindi)।

कोरोना योद्धा को इंसाफ़ नहीं मिल रहा है इंसाफ़ की अगर बात करें तो आरोपियों के विरूद्ध रासुका के तहत मुक़दमा दर्ज कराया जाना चाहिए था, लेकिन योगी सरकार का राम राज्य इसी को कहते हैं। एक के विरूद्ध NSA दूसरे के विरूद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला बना कर रफ़ा दफ़ा करने की कोशिश की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर ज़िले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव करने गये एक युवक कुंवर पाल को दबंगों ने जबरदस्ती सेनेटाइजर पिला दिया, इसके बाद इलाज के दैरान उसकी मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सैनिटाइजर का छिड़काव (Sanitizer spray) करते समय गांव के इन्द्रपाल और उसके साथियों ने पैर पर छींटे आ जाने से नाराज़ होकर कुंवर पाल को मारा पीटा और सैनिटाइजर मशीन का पाईप उसके मुंह में डाल कर उसे सैनिटाइजर पिला दिया। इसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना भोट थाना इलाके के पेमपुर गांव की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने इंद्रपाल और उसके चार अज्ञात साथियों सहित पांच आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 14 अप्रैल की है जब युवक कुंवर पाल सैनिटाइजर पिला दिया गया था जिससे उसकी हालत ख़राब हो गयी। कुंवर पाल को हालत बिगड़ने पर मुरादाबाद के टीएमयू मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया जहां 17 अप्रैल को उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने इन्द्रपाल सहित पांच आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 323 व 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस मामले में विवेचना की जा रही है। अभी कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस का कहना है कि आरोपियों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा और कार्यवाही सबूतों के आधार पर की जाएगी।

लेकिन इस मामले में पुलिस ने न तो महामारी एक्ट लगाया और न ही एनएसए के तहत मुक़दमा दर्ज किया। ऐसा इस लिए हुआ क्योंकि कुँवर पाल ग़रीब था। काश उसके घर वाले भी अमीर होते तो उसके कातिलों को भी कड़ी सज़ा मिल पाती, जैसा कि मुरादाबाद वग़ैरह में कोरोना योद्धाओं से गुस्ताख़ी करने को सरकार ने सबक़ सिखाया है वैसा ही सलूक इनके साथ भी होना चाहिए।

पाठकों सेअपील - “हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें