रानी बोली अभी तो अंधेरे की शुरुआत हुई/ मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई

Sarah Malik poem on King

रानी बोली अभी तो अंधेरे की शुरुआत हुई/ मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई

सुबह सवेरे सूरज निकला

चिड़िया बोली, और दिन निकला

राजा ने आंखें मलीं, और मुंह खोला,

सोने का समय हुआ, दिन बीता रात हुई

रानी बोली अभी तो  अंधेरे की शुरुआत हुई,

मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई।

 

नगाड़ा बजा रात का ऐलान हुआ

यह देख मुर्गा बड़ा परेशान हुआ,

शाही दावत में मुर्ग मुसल्लम का एहतमाम हुआ।

बड़े पैमाने पर प्रोग्राम हुआ, सब ने देखा सब ने खाया,

थोड़ा थोड़ा मु़र्गा सबके हिस्से में आया

यह देख सारे जानवर डर गए दावत ना हो जाए

छुपते छुपाते घर गए, जमाना बड़ा हैरान हुआ।

अब क्या  रह गया था सोचने को, सबको लगा रात हुई

सच राजा के मुंह की बात हुई, सुबह-सुबह यह नई शुरुआत हुई।

सारा मलिक

 

Sara Malik, सारा मलिक, लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।
Sara Malik, सारा मलिक, लेखिका स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

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