बच्चों की यौन जिज्ञासा को सुलझाने में माता-पिता की भूमिका

बच्चों की यौन जिज्ञासा को सुलझाने में माता-पिता की भूमिका

बच्चों की यौन जिज्ञासाओं को मोबाइल की पहुंच ने तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया है

इंटरनेट के बढ़ते जाल ने जहां जीवन को आसान बना दिया है वहीं इसके कई नकारात्मक पहलू भी समय-समय पर सामने आते रहते हैं. विशेषकर इस आधुनिक तकनीक ने बच्चों को मानसिक रूप से सबसे अधिक प्रभावित किया है. मोबाइल की पहुंच ने उनकी यौन जिज्ञासाओं को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया है. यही कारण है कि दुनिया भर में इस विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है और स्थानीय भाषाओं में किताबें लिखी जा रही हैं ताकि बच्चों के साथ साथ अभिभावकों को भी इस मुद्दे पर जागरूक बनाया जा सके.

मराठी साहित्य ने बच्चों की कामुकता (children’s sexuality) के नाजुक विषय पर ध्यान नहीं दिया है. इस मायावी विषय पर इस भाषा में कोई सामग्री नहीं मिलती है. हालांकि एक वरिष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट और काउंसलर डॉ. राजन भोसले (Senior Sexologist and Counselor Dr. Rajan Bhosale) ने सबसे पहले इस विषय पर मराठी भाषा में ‘आधुनिक पालकत्व-लैंगिकता व पलाकत्व जेव गुरफत्तात’ नामक एक पुस्तक लिखी है.

पेरेंटिंग एंड सेक्सुअलिटी पर किताब

इस संबंध में डॉ भोसले कहते हैं कि मेरे पाठक और शुभचिंतक मुझे आधुनिक समय के पालन-पोषण और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर एक किताब लिखने के लिए कहते रहे हैं. जिसके बाद मुझे ‘पेरेंटिंग एंड सेक्सुअलिटी’ पर एक किताब (book on parenting and sexuality) लिखने की भी जरूरत महसूस हुई. मुझे यह जानने में दिलचस्पी थी कि क्या होता है जब आप अपने बच्चे की सेक्स के बारे में जिज्ञासा का सामना करते हैं? यही कारण है कि इस विषय पर मराठी में एक पुस्तक प्रकाशित करने की आवश्यकता हुई.

अपने अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. राजन भोसले ने कहा कि मैं पेशे से एक डॉक्टर और काउंसलर हूं. प्रतिदिन मैं अपने मरीजों की विभिन्न चिंताओं और चुनौतियों का समाधान करता रहा हूं. समय पर समाधान नहीं होने के कारण कुछ समस्याएं गंभीर रूप ले लेती हैं. इस तरह के बहुत सारे मामले हैं जिसका अनुभव मैंने अपनी किताब में लिखा है.

डॉ. राजन भोसले ने कहा कि पालन-पोषण और रिश्तों में आने वाली गड़बड़ियों के बारे में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है. माता-पिता का रिश्ता किसी भी बच्चे के जीवन का पहला और सबसे महत्वपूर्ण बंधन होता है. इस संबंध के विशाल विस्तार में हमारे जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष शामिल हैं. माता-पिता और बच्चों के बीच बहुत कुछ ऐसा होता है जिसका हमारे व्यक्तित्व और बच्चों के हर पहलू पर गहरा प्रभाव पड़ता है. जब माता-पिता मानसिक या आर्थिक रूप से लड़खड़ाते हैं तो इसका प्रभाव बच्चों और समाज पर समान रूप से पड़ता है. एक डॉक्टर और काउंसलर के रूप में मैंने इसके कई उदाहरण नजदीक से देखे हैं. यदि हम समय पर कार्रवाई करते हैं तो इस नुकसान को रोका जा सकता है.

उन्होंने कहा कि मेरा अनुभव मुझे बताता है कि किसी समस्या के होने से पहले उसे रोकना संभव है. जब कोई समस्या आती है, तो हमें उसके मूल की तलाश करनी होती है जो एक कठिन काम है. मैंने अपनी पुस्तक में इसके कुछ उदाहरणों को उद्देश्यपूर्ण ढंग से उद्धृत किया है.

दरअसल सभी समस्याएं अज्ञानता, पूर्वाग्रह, विचारहीनता, गलतफहमी और दूरदर्शिता की कमी से उत्पन्न होती हैं.

समस्याओं पर काबू पाने के लिए उचित मार्गदर्शन और परामर्श प्राप्त करना आवश्यक है. यहां टेबलेट और दवा काम नहीं करेगी. डॉक्टर तुरंत दवाएं और गोलियां लिख देंगे लेकिन वे अपने मरीजों को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे. ऐसी कई समस्याएं हैं जिन पर गोलियां काम नहीं करेंगी लेकिन उन्हें सुनना उन्हें समय देना होगा.

हमें काउंसलिंग के दौरान क्लाइंट के साथ समय बिताना होता है. मैं कई वर्षों से इस सिद्धांत का पालन कर रहा हूं. मैंने इस मुद्दे को परामर्श पाठ्यक्रम में शामिल किया है और हम पढ़ाते समय इस सिद्धांत पर जोर देते हैं. डॉक्टरों की भूमिका पर चर्चा (Discuss the role of doctors,) करते हुए डॉ भोसले ने कहा कि आप अपने काम में सक्रिय, ईमानदार और आगे आने वाले हो सकते हैं लेकिन आप बहुत से ऐसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जो तनाव और लगातार दर्द में हैं. यह कमी मुझे कई सालों से परेशान कर रहा था. इस पुस्तक के माध्यम से मैं कई माता-पिता से जुड़ना चाहता हूं जिनसे मैं नहीं मिल पाया हूं. इसलिए, मैंने इस पुस्तक को लिखने की चुनौती सहर्ष स्वीकार की.

बहुत ही विशाल और जटिल विषय है पेरेंटिंग

उन्होंने कहा कि पेरेंटिंग एक बहुत ही विशाल और जटिल विषय (Parenting is a very vast and complex subject.) है. मैंने किताब के लिए कामुकता से संबंधित कुछ ही सूत्र उठाए हैं. साथ ही अपने द्वारा निपटाए गए मामलों का रिकॉर्ड रखा है. मैंने अपने पाठकों के लिए कामुकता से संबंधित कुछ चुनिंदा मामलों का हवाला दिया है. लेकिन गोपनीयता बनाए रखने के लिए व्यक्तियों के नाम और स्थान बदल दिए हैं. मैंने अपने कुछ मुवक्किलों की केस हिस्ट्री का हवाला देते हुए उनकी सहमति भी मांगी है.

उन्होंने कहा कि जब माता-पिता को अपने बच्चों की यौन जिज्ञासाओं और यौन जागरूकता से निपटना होता है तो वे भ्रमित हो जाते हैं. मैं अपने प्रैक्टिस के 36 वर्षों से इसका अनुभव कर रहा हूं. जब पालन-पोषण और कामुकता टकराते हैं तो माता-पिता अक्सर भ्रमित हो जाते हैं.

इस पुस्तक के पीछे का उद्देश्य इस मुद्दे के बारे में जागरूकता पैदा करना है. मैंने यह दिखाने की कोशिश की है कि कामुकता के मुद्दे को कई अलग-अलग तरीकों से संबोधित करना संभव है. मैंने ऐसे सैकड़ों मामलों को संभाला है जिनमें माता-पिता और बच्चे आमने-सामने थे. मैंने भ्रम और परेशानियों को सुलझा लिया है.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामला अपने आप में एक चुनौती भरा होता है. मैंने लगभग सभी मामलों से सीखा जो मैंने संभाला, उन्होंने मुझे नया नजरिया दिया, चीजों को देखने का नया नजरिया सिखाया है.

डॉ भोसले कहते हैं कि मराठी साहित्य ने इस विषय पर विशेष ध्यान नहीं दिया था जिससे यह और अधिक जटिल हो गए हैं. उदाहरण के लिए ट्रांस सेक्ससुअलिटी के मुद्दे (trans sexuality issues), डिस्फोरिक डिसऑर्डर, पीसीओसी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम– polycystic ovary syndrome), एनाबॉलिक स्टेरॉयड, होमोसेक्सुअलिटी (homosexuality), गाइनेकोमास्टिया (gynecomastia), सैडिज्म (Sadism), एरोमांटिसिज्म (aromanticism), सेक्शुअल ऑब्सेसिव (Sexual obsessions), कंपल्सिव डिसऑर्डर और पोर्नोग्राफी की लत (Compulsive Disorder and Pornography Addiction) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं. मैंने उपरोक्त सभी के बारे में अपनी पुस्तक में विस्तार से लिखा है. उन्होंने कहा कि हमारे पास मराठी में इन सभी शब्दों के पर्यायवाची शब्द भी नहीं हैं. यह केवल हमारे समाज की उदासीनता को दर्शाता है. हालांकि, ये मुद्दे बड़ी संख्या में उभरने लगे हैं. इससे कई लोगों की मानसिक स्थिति और रिश्ते खराब हो गए हैं और परिवार के लिए इन समस्याओं से निपटना मुश्किल हो गया है. इसलिए मुझे इन नाजुक लेकिन दबाव वाले विषयों पर लिखना महत्वपूर्ण लगा.

अलका गाडगिल

महाराष्ट्र

(चरखा फीचर)

वात्स्यायन के कामसूत्र से उठे सवाल

(डॉ. राजन भोसले से बातचीत के आधार पर लेख लिखा गया है)

Role of parents in solving children’s sexual curiosity

https://www.hastakshep.com/old/veda-bf-official-movie-trailer/

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.