Best Glory Casino in Bangladesh and India!
धर्म निरपेक्षता जैसे मूल्यों को कभी भी चुनावी नफा नुकसान के नज़रिए से नहीं देखते थे राजीव गांधी – मणिशंकर अय्यर

धर्म निरपेक्षता जैसे मूल्यों को कभी भी चुनावी नफा नुकसान के नज़रिए से नहीं देखते थे राजीव गांधी – मणिशंकर अय्यर

फिलिस्तीन मसले पर हमेशा उसके साथ खड़े रहे राजीव गांधी – मणिशंकर अय्यर

आम आदमी की ताक़त बढ़ाने में यकीन रखते थे राजीव गांधी – मणिशंकर अय्यर

बाबरी मस्जिद ताला प्रकरण पर राजीव गांधी को अंधेरे में रखा गया, इस षड़यंत्र में भीतरी और बाहरी लोग थे शामिल – वजाहत हबीबुल्लाह

राजीव गांधी की 30 वीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने किया आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी की भूमिकापर वेबीनार

लखनऊ, 21 मई 2021. भारत रत्न पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 30 वीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने ‘आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी की भूमिका’ पर वेबीनार आयोजित किया.

Role of Rajiv Gandhi in the making of modern India

मुख्य अतिथि के बतौर संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मन्त्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राजीव जी लोकतंत्र में आम आदमी की निर्णायक भागीदारी को मजबूत करने में यक़ीन रखते थे. पंचायती राज का उनका सपना इसकी मिसाल है. राजीव गांधी धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के संवैधानिक मूल्यों को जीने वाले राजनेता थे. असम, पंजाब और मिजोरम की समस्याओं को उन्होंने जिस साहस और सूझबूझ से हल किया वैसा दूसरा उदाहरण नहीं मिलता. उनके लिए देश हित पार्टी हित से बड़ा था.

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि शाह बानो मामले में राजीव गांधी सही थे. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी धर्म निरपेक्षता जैसे मूल्यों को कभी भी चुनावी नफा नुकसान के नज़रिए से नहीं देखते थे.

पूर्व पेट्रोलीयम और पंचायती राज मन्त्री ने कहा कि 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स मामले में राजीव गांधी जी पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था. लेकिन एक साजिश के तहत मीडिया का एक हिस्सा शाहबानो और बोफोर्स पर राजीव गांधी जी के खिलाफ़ अभियान चलाता रहा है.

उन्होंने कहा कि राजीव जी हमेशा फिलिस्तीन के मसले पर मजबूती से उसके साथ खड़े रहते थे.

पूर्व अफ़सरशाह, पूर्व सूचना आयुक्त और ‘माई इयर्स विथ राजीव’ पुस्तक के लेखक वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा कि राजीव गांधी बुनियादी तौर पर ज़्यादा से ज़्यादा विचारों को सुनने और हर निर्णय में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से राय लेने में यक़ीन रखते थे. उनकी आंखें हमेशा बेहतर लोगों की तलाश में रहती थीं. सैम पिट्रोदा इसकी सबसे अच्छी नज़ीर हैं.

श्री हबीबुल्लाह ने कहा कि पंचायती राज और नवोदय विद्यालय का विचार उन्हें ऐसे ही बहसों से मिला था. राजीव जी अक्सर लोगों को बोलने के लिए उकसाते थे ताकि कोई नया विचार आए.

अपनी पुस्तक के हवाले से श्री हबीबुल्लाह ने कहा कि बाबरी मस्जिद ताला प्रकरण में उन्हें अंधेरे में रखा गया जो उन्हें बदनाम करने और कांग्रेस को नुक्सान पहुंचाने के उदेश्य से किया गया षड़यंत्र था जिसमें पार्टी के अंदर और बाहर के लोग शामिल थे.

श्री हबीबुल्लाह ने कहा कि राजीव जी भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर भी प्रयासरत रहते थे. जिसके तहत उन्होंने न्यूक्लीयर निशस्त्रीकरण के लिए दुनिया के कई देशों को तय्यार किया और संयुक्त राष्ट्र में इसके खिलाफ़ भाषण दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा को ले कर वो इतना गंभीर रहते थे कि एक तरफ बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय लाये तो दूसरी तरफ उम्र दराज़ लोगों के लिए प्रौढ़ शिक्षा का अभियान चलाया.

वेबीनार को प्रोफेशनल कांग्रेस के अनीस अंसारी, राजीव गांधी स्टडी सरकिल के प्रोफेसर सतीश राय, वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी शर्मा, प्रोफेसर विनोद चंद्रा व अन्य लोगों ने भी संबोधित किया.

वेबीनार का संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने किया.

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.