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Rubika Liaquat

रूबिका लियाकत ने तोड़ा अपना संकल्प और “जनता कर्फ्यू”, ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा #RubikaLiyaquat

Rubika Liaquat breaks her pledge and “public curfew”, trending on Twitter #RubikaLiyaquat

नई दिल्ली, 22 मार्च 2020. चर्चित और लोकप्रिय एंकर रूबिका लियाकत (Rubika Liyaquat) इस समय ट्विटर पर सुर्खी बनी हुई हैं, दरअसल उन्होंने खुद से लिया संकल्प और “जनता कर्फ्यू” को तोड़ा।

रूबिका ने  · Mar 19 को ट्वीट किया था,

“मैं ये संकल्प लेती हूं कि कोरोना के ख़िलाफ़ इस जंग में मुझसे जो बन पड़ेगा,करूंगी। रविवार को सुबह 7 से रात 9 बजे तक घर पर ही रहूंगी।   मैं ख़ुद को किसी भी क़ीमत पर संक्रमित नहीं होने दूंगी। महामारी के इस वक़्त में संयम मेरी सबसे बड़ी ताक़त होगी।“

लेकिन कल रात यानी 21 मार्च को ही उन्होंने अपना संकल्प तोड़ते हुए ट्वीट किया,

“कल का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। जनता कर्फ़्यू होगा। ज़्यादातर मीडियाकर्मी घर पर रहेंगे,किसी को तो दफ़्तर में रहना होगा। ज़िम्मेदारी मुझे सौंपी गई है। सुबह 5 बजे ऑफ़िस का रुख़ होगा। कर्तव्य के चलते अब कल ऑफ़िस ही मेरा घर होगा। #JantaCurfew सलामत रहिए और रखिए”

रूबिका यूं तो मोदी प्रशंसक एंकर के रूप में जानी जाती हैं, लेकिन जब भी वह विशेष रिपोर्टिंग करती हैं, विरोधी भी उनकी प्रशंसा करते हैं। होली के दिन मध्य प्रदेश एपिसोड को लेकर की गई उनकी रिपोर्टिंग उनके माथे पर सजी बिन्दी काफी पसंद की गई।

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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पलाश विश्वास वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की …