हस्तक्षेप.कॉम ‘साहित्यिक कलरव’ में इस रविवार सुप्रसिद्ध नवगीतकार डॉ. सुभाष वसिष्ठ के “शब्द चुप हैं”

Subhash Vasishtha

नई दिल्ली, 13 जून 2020. हस्तक्षेप.कॉम साहित्यिक कलरव की पृथक् शैली की शुभ-यात्रा देश के जाने-माने नवगीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र जी के गीत के माध्यम से प्रारम्भ हो चुकी है।

यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप.कॉम साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु व डॉ. कविता अरोरा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों ने गीत को ख़ूब दुलारा।

उन्होंने बताया कि “आगामी रविवार,14 जून 2020 को ‘साहित्यिक कलरव’ का ऑडियो-वीडियो कॉलम, साहित्य का एक और मोती लेकर हाज़िर हो रहा है सुपरिचित नवगीतकार……. आदरणीय डॉ सुभाष वसिष्ठ जी को….जिनका क़ीमती दीर्घ नवगीत ‘शब्द चुप हैं’ हमारे कॉलम की शोभा बढ़ा रहा है।“

उन्होंने बताया कि “सुभाष वसिष्ठ जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं और बड़ी ख़ुशी की बात है कि सौभाग्यवश हमारे इस ‘साहित्यिक कलरव’ के नवजात पौधे के संरक्षक भी।“

उन्होंने कहा, “पिछले रविवार बुद्धिनाथ मिश्र जी की मंजरी आम के कंधों पर सर रख कर सो गयी थी …… इस रविवार को शब्दों की चुप्पी को वर्तमान माहौल में अपने ढंग से जोड़ते हुए  लेकर आ रहे हैं डॉ सुभाष वसिष्ठ जी !”

उन्होंने कहा, “दोस्तो, आएँ और जियें संवेदना के कुछ पल शब्दों के साथ-साथ……. !”

उन्होंने बताया कि कल रविवार 20 जून को मध्यान्ह 12 बजे निम्न लिंक पर डॉ. सुभाष वसिष्ठ के नवगीत का प्रसारण/ प्रीमियर होगा –