आज है देव उठनी एकादशी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का कोविड से निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बुधवार तड़के 3.30 बजे गुरुग्राम के अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 साल के थे और एक महीने पहले कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे।

Today is Dev Uttani Ekadashi, senior Congress leader Ahmed Patel dies from COVID-19

नई दिल्ली, 25 नवंबर 2020. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बुधवार तड़के 3.30 बजे गुरुग्राम के अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 साल के थे और एक महीने पहले कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे।

श्री पटेल के निधन की सूचना उनके बेटे फैसल पटेल ने ट्विटर पर दी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को अहमद पटेल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस के एक समर्पित सहकर्मी को खो दिया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया,

“यह एक दुखद दिन है। श्री अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के एक स्तंभ थे। उन्होंने कांग्रेस में रहकर सांस ली और अपने सबसे कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहे। वह एक जबरदस्त संपत्ति थी।

हम उन्हें याद करेंगे। फैसल, मुमताज और परिवार को मेरा प्यार और संवेदना।“

अहमद पटेल के निधन पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह  और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने अहमद पटेल के निधन को कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति बताया।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया,

“अहमद पटेल के निधन से दुखी हूं। उन्होंने समाज की सेवा करते हुए सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए। अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाने वाले नेता को कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।’’

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया,

“अहमद भाई बहुत ही धार्मिक व्यक्ति थे और कहीं पर भी रहें, नमाज़ पढ़ने से कभी नहीं चूकते थे।

आज देव उठनी एकादशी भी है जिसका सनातन धर्म में बहुत महत्व है।

अल्लाह उन्हें जन्नतउल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाएँ।

आमीन।

#AhmedPatel”

उन्होंने जोड़ा,

“कोई भी कितना ही ग़ुस्सा हो कर जाए उनमें यह क्षमता थी वे उसे संतुष्ट कर ही भेजते थे। मीडिया से दूर, पर कॉंग्रेस के हर फ़ैसले में शामिल। कड़वी बात भी बेहद मीठे शब्दों में कहना उनसे सीख सकता था। कॉंग्रेस पार्टी उनका योगदान कभी भी नहीं भुला सकती। अहमद भाई अमर रहें।”

#AhmedPatel

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations