क्या आपको भी आते हैं खर्राटे? हो सकता है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया!

क्या आपको भी आते हैं खर्राटे? हो सकता है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया!

खर्राटों की वजह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Snoring Cause Obstructive Sleep Apnea)

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2022. एक समाचार के मुताबिक ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (obstructive sleep apnea in Hindi) खर्राटों की वजह बनता है।

जानिए क्या होता है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया?

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) नींद का एक विकार है, जिसमें सांस लेते समय हवा का बहाव कम हो जता है। सोते समय सांस की यह एक आम समस्या है। इस वजह से नींद के दौरान हवा के बहाव का ऊपरी हिस्सा काम करना बंद भी कर सकता है।

दिन में ज्यादा सोने से जुड़ा हुआ है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया

जब हवा के बहाव का मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाता है तो उसे ऑब्सट्रक्टिव एपनिया कहा जाता है। जब थोड़ी सी रुकावट से हवा का बहाव कम हो जाता है तो उसे हाईपोपेनिया कहा जाता है।

सोते समय किसी को भी एपनिया और हाईपोपेनिया हो सकता है।

देशबन्धु की एक पुरानी खबर में  इस बारे में जानकारी देते हुए आईएमए के तत्तकालीन नेशनल प्रेसीडेंट इलेक्ट एवं एचसीएफआई के प्रेसीडेंट डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया, “एपनिया या हाईपोपेनिया की वजह से सांस कम आता है, जिससे ऑक्सीजन कम हो जाती है और कार्बन डाईऑक्साइड बढ़ जाती है। चूंकि हवा का रास्ता बंद होता है, इसलिए तेजी या जोर से सांस लेने के बावजूद ऑक्सीजन का स्तर तब तक संतुलित नहीं होता जब तक हवा का बहाव खुल नहीं जाता।”

डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “आमतौर ऐसा करने के लिए व्यक्ति को नींद से जागना पड़ता है। एक बार रास्ता खुल जाए तो हम कई गहरी सांसे लेकर सांस को संतुलित करते हैं। जब पीड़ित उठता है तो वह थोड़ा सा हिल सकता है, खर्राटे ले सकता है और गहरी सांस ले सकता है। कोई व्यक्ति हांफते हुए, दम घुटने या सांस में रुकवाट महसूस होने पर बहुत कम बार पूरी तरह से उठ सकता है।”

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षण

इसके प्रमुख लक्षणों (Symptoms of obstructive sleep apnea) में तेज आवाज में खर्राटे, कमजोरी और दिन में सोना आदि होते हैं, लेकिन कुछ लोगों में कोई भी लक्षण नजर नहीं आता। थकान और अनिद्रा के कई कारण होते हैं और आमतौर पर ज्यादा थके होना और बढ़ती उम्र इसका कारण माना जाता है।

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के कुछ और लक्षण : –बेचैनी भरी नींद, हांफते हुए, दम घुटने या सांस में रुकावट महसूस करते हुए उठना। बार बार पेशाब करने के लिए उठना, थके हुए और सुस्त उठना, याद न रहना, ध्यान लगाने में परेशानी, ऊर्जा कम रहना।

क्यों करवानी चाहिए ओएसए की जांच?

डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि इसके साथ फेफड़ों का हल्का हाईपरटेंशन भी जुड़ा रहता है। दिल का ब्लॉकेज गंभीर ओएसए की वजह से होता है, हल्के से नहीं। इसलिए मरीजों को अपनी ओएसए की जांच करवानी चाहिए।

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