मादा पेंगुइन : मातृत्व का एक भावपूर्ण उदाहरण

मादा पेंगुइन : मातृत्व का एक भावपूर्ण उदाहरण

The female penguin: a soulful example of motherhood

जानिए पक्षियों की अद्भुत दुनिया के बारे में

संसार में पक्षियों की दुनिया (Bird world) अद्भुत है जो ये बताती है कि प्रकृति को अपनी अन्य संतानों से उतना ही प्यार-दुलार है, जितना कि मनुष्य से। हाँ, मनुष्य ज्येष्ठ अवश्य है, इस वजह से उसकी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि सभी के साथ हिल-मिलकर रहे। यदि मनुष्य अन्य जीव-जंतुओं के वैभव व विभूतियों को जान सके तो फिर प्रकृति में असंतुलन की समस्या (Problem of imbalance in nature) ही बाकी नहीं रहेगी।

Penguin facts in Hindi | Full Information about Penguin in Hindi | पेंग्विन पक्षी की रोचक जानकारी

पेंगुइन पक्षी का जीवन (Penguin Bird Life) भी समुद्र किनारे शुरू होता है। ये समुद्र में ऐसे तैरते हैं माने उड़ रहे हों। यानि कि अंदर डुबकी ये बहुत देर तक रह सकते हैं।

Penguin’s wings fall off after a certain time | एक निश्चित समय के पश्चात् झड़ जाते हैं पेंगुइन के पंख

पेंगुइन के पंख एक निश्चित समय के पश्चात् झड़ जाते हैं, कुछ समय के पश्चात् फिर नए पंख निकल आते हैं। जब तक इनके नए पंख नहीं आते, ये पानी में नहीं जाते।

Some interesting facts about penguins | पेंगुइन जीवनकाल

ये अपने पारिवारिक जीवन को मिलजुलकर जीते हैं। मादा अंडा देती है तो नर भोजन का इंतजाम करता है। वह समुद्र से मछलियाँ व झींगे इत्यादि निगलकर पेट में एकत्र कर लेता है, फिर मादा के पास आकर उगल देता है। इस प्रकार मादा अंडों पर बैठे-बैठे ही भोजन कर लेती है।

मादा पेंगुइन मातृत्व का एक भावपूर्ण उदाहरण है। यह अंडों से बच्चा निकलने के दो से चार महीनों के अंतराल में अपने अंडों से हटती नहीं, चाहे जितनी बरफ पड़े या बर्फीली हवाएँ चलें।

(देशबन्धु में प्रकाशित लेख का संपादित अंश साभार)

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