मुनव्वर से बरास्ते वीर दास, कुणाल तक : गहरे होते अँधेरे, मुक़ाबिल होते उजाले

पिछली सात साल में दो मामलों में मार्के का विकास हुआ है। एक; मोदी राज की उमर बढ़ी है, बढ़कर दूसरे कार्यकाल का भी आधा पूरा कर चुकी है। दो; रचनात्मकता को कुचल देने और सर्जनात्मकता को मार डालने की योजनाबद्ध हरकतें बढ़ते बढ़ते एक ख़ास नीचाई तक पहुँच गयी हैं। स्टैंड अप कॉमेडियन्स मुनव्वर … मुनव्वर से बरास्ते वीर दास, कुणाल तक : गहरे होते अँधेरे, मुक़ाबिल होते उजाले को पढ़ना जारी रखें