छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, माले ने कहा बार-बार गलत साबित क्यों होते हैं केंद्र सरकार के दावे ?

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, माले ने कहा बार-बार गलत साबित क्यों होते हैं केंद्र सरकार के दावे ?

सुकमा में 22 जवानों की हत्या पर भाकपा माले का बयान

Statement on Sukma Killings of Jawans

नई दिल्ली 5 अप्रैल 2021. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुकमा में केंद्रीय सुरक्षा बलों के 22 जवानों की हत्या निन्दनीय व दुखद घटना बताते हुए भाकपा (माले) ने मारे गए जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनायें व्यक्त की हैं।

रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में शामिल 15 माओवादी भी मारे गए।

भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि जब देश में ऐतिहासिक किसान आंदोलन चल रहा है, और उसके साथ ही सार्वजनिक उद्यमों के निजीकरण के विरुद्ध मज़दूरों का संघर्ष, रोजगार के लिए युवाओं का संघर्ष तेज़ हो रहा है, और पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में माओवादियों का सैन्य हमला इन जनांदोलनों को, एवम वर्तमान चुनावों में आंदोलन के सवालों को प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिशों को अपूरणीय क्षति पहुंचाने वाला काम है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के बार बार दुहराए जाने वाले दावे कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, बस्तर के आदिवासी इलाकों में काम करने वाले लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं की धरपकड़, नोटबन्दी जैसी कार्यवाहियां इस क्षेत्र में माओवादी हिंसा और टकराव को खत्म कर देंगी, बारबार गलत साबित हुए हैं।

माले महासचिव ने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि क्यों इंटेलिजेंस एजेंसियां और सरकारी कोशिशें पुलवामा और सुकमा जैसी घटनाओं को रोकने में बार बार नाकाम हो जाती हैं।

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