Home » Latest » कॉर्पोरेट प्रायोजित कमेटी का गठन करके सुप्रीम कोर्ट ने गंवाई अपनी साख – किसान सभा
Kisan Sabha

कॉर्पोरेट प्रायोजित कमेटी का गठन करके सुप्रीम कोर्ट ने गंवाई अपनी साख – किसान सभा

आंदोलन तेज करने 13-14 को मनाएंगे संकल्प दिवस — कहा किसान सभा ने

Supreme Court loses its credibility by forming corporate-sponsored committee – Kisan Sabha

रायपुर, 13 जनवरी 2021. कृषि कानूनों पर विचार-विमर्श करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी (Committee formed by Supreme Court to deliberate on agricultural laws) को कॉर्पोरेट प्रायोजित करार देते हुए छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कहा है कि देश के किसान समुदाय के पास इन काले कानूनों के खिलाफ देशव्यापी संघर्षों को तेज करने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है और इस कमेटी के पास किसान संगठनों के जाने का तो कोई सवाल ही नहीं है।

आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा कि इस कमेटी के सदस्यों की इन काले कानूनों के प्रति और कॉर्पोरेट लॉबी के प्रति प्रतिबद्धता सर्वविदित है और इससे किसानों को किसी प्रकार की निष्पक्षता की आशा नहीं है, जो कृषि और समूची अर्थव्यवस्था के कारपोरेटीकरण के खिलाफ लड़ रहे हैं। इस कमेटी का एक भी सदस्य ऐसा नहीं है, जो किसान आंदोलन की चिंताओं से साझा करता हो। इस प्रकार की कमेटी का गठन करके सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं अपनी बची-खुची साख भी गंवा दी है।

उन्होंने कहा है कि इस देश की संप्रभुता जनता में निहित है और इसको चुनौती देने वाली सरकार और उसके कानून को मानने के लिए जनता बाध्य नहीं है। इस कमेटी के गठन का जो स्वरूप है, उससे साफ है कि देशव्यापी किसान आंदोलन को शांत करने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट मोदी सरकार के मोहरे की तरह काम कर रही है।

किसान सभा नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा आंदोलन में शामिल किसानों को खालिस्तानी आतंकी कहने और विदेशी फंडिंग का आरोप लगाने की भी निंदा की है और कहा है कि वास्तव में तो किसान आंदोलन राष्ट्रविरोधी कॉर्पोरेट ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, जिसकी मोदी सरकार पिछलग्गू बनी हुई है। इस सरकार के पास 70 से ज्यादा किसानों की मौतों के लिए भी कोई संवेदना नहीं है। ऐसी संवेदनहीन सरकार के खिलाफ किसान विरोधी काले कानूनों की वापसी तक लड़ाई जारी रहेगी और यह लड़ाई दिल्ली में डटे किसानों के साथ ही पूरे देश में लड़ी जाएगी।

किसान सभा नेताओं ने बताया कि किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर 13-14 जनवरी को पूरे छत्तीसगढ़ में संकल्प सभाएं आयोजित की जाएंगी और पूरे प्रदेश में संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया जाएगा और सरकार के पुतले और काले कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

priyanka gandhi at mathura1

बिग ब्रेकिंग : प्रियंका गांधी से मथुरा में मिलने वाली बलात्कार पीड़िता को राजस्थान सरकार ने पहुंचाई तत्काल राहत

Rajasthan government gives immediate relief to the rape victim, who met with Priyanka Gandhi in …

Leave a Reply