मूलतः त्रिलोचन जी लोकधर्मी गीतकार थे

Trilochan Shastri त्रिलोचन शास्त्री

Trilochan a poet of Folk जीवन के अंतिम पड़ाव पर त्रिलोचन जी हरिद्वार की एक सँकरी गलीवाली कालोनी में अपनी वकील बहू के साथ रहने लगे थे। जब तबियत बहुत ख़राब हो गयी, तो राज्य सरकार ने उन्हें देहरादून के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। मुझे जब मालूम हुआ, तो सपत्नीक उनसे मिलने गया।