वामपंथ का काम अब ऑफिस केंद्रित हो गया है, लोहिया के प्रयोग का पतन अंततोगत्वा जातिवाद में ही हो गया

Akhilendra Pratap Singh

मौजूदा परिस्थिति में जरूरी राजनीतिक पहलकदमी के बारे में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह की वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय से वार्ता के आधार पर कुछ बातें Now the work of the Left has become office-centric, the use of Lohia eventually collapses into casteism. On the basis of Akhilendra Pratap Singh’s talks with senior journalist Santosh Bhartiya about the political

वामपंथ का आंतरिक विरोधाभास : अखिलेन्द्र प्रताप सिंह की एक जरूरी वार्ता

Akhilendra Pratap Singh

‘वामपंथ का आंतरिक विरोधाभास’ | ‘Left’s internal contradiction’ आईपीएफ और स्वराज अभियान के नेता व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अखिलेन्द्र प्रताप सिंह (Akhilendra Pratap Singh) से लाउड इंडिया टीवी (Loud India TV) के लिए वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने लंबी बातचीत की। भारत में वामपंथ की विफलताओं और वामपंथ के आंतरिक विरोधाभास पर इस वार्ता