अल्बेयर कामू के तर्क बिखरे हुए ज़रूर थे लेकिन व्यावहारिक थे

Albert Camus

अल्बेयर कामू जैसे निर्मम राजनैतिक चिन्तक को सार्त्र ने अपना पिछलग्गू अस्तित्ववादी लेखक बना दिया……. कलावादी यहाँ तक कि मनोवैज्ञानिक-कुंठाओं का फ्रायडीय लेखक बना दिया….  “हर नयी क्रांति सत्ता के नाम पर दमन का नये से नया मुखौटा लगाकर खड़ी हो जाती है जो आम आदमी के ख़िलाफ़ जाता है.”——–कामू अल्बेयर कामू की यह घोषणा