ये आँखें हैं ..कि सुनती ही नहीं मेरी कोई बात ….

Father and Daughter

जिदंगी मौत का ये झगड़ा …
जाने किस और सुलटे …
ख़ुराक हाथ में लिये डाक्टरों का झुंड तुम पर ….
बेकार की कोशिशों में लगा है ….
क्योंकि साफ़ नज़र आ रही है ……
तुम्हारी बेदिली …