हाथरस गैंगरेप, बलात्कार कानून और राजनीति : समझिए हाथरस गैंगरेप घटना की क्रोनोलॉजी

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

केवल पूंजीपतियों से चंदा लेकर, लफ्फाजी और लंतरानी भरी वाचाल मुद्रा में चुनाव सभाओं में जनता से झूठे वादे कर के सत्ता में आ जाना, फिर उन सब वादों को निर्लज्जता से जुमला कह उन्हें भूल जाना और उनकी याद दिलाने वालों को, राजनीतिक शुचिता का उपदेश देना, ही राजनीति नहीं होती है !