आरएसएस की जुबानी, आरएसएस की कहानी : चालू पत्रकार की चालू किताब

RSS Sangh ka safar 100 varsh पुण्य प्रसून वाजपेयी की किताब ‘आर.एस.एस. (संघ का सफर : 100 वर्ष)

पुण्य प्रसून की यह किताब हमें जरा भी संतोषप्रद नहीं लगती, बल्कि यह किसी भी चालू पत्रकार की तरह, जो प्रत्यक्ष नजर आता है या नजर में लाया जाता है, उसी के आख्यान से अपना काम चलाती है।

चीन दुत्कार रहा और आरएसएस-मोदी सुलह करने पर जोर दे रहे

RSS-Modi's politics and China

आज मोदी सरकार राष्ट्रीय विकास की तरह ही हमारी सीमा की रक्षा के मामले में भी देश के लिए एक काल सी बन गई है। यही उसकी फासिस्ट राजनीति की सबसे बड़ी कमजोरी है जो कोई सैनिक दुस्साहस न कर पाने की दशा में हर लिहाज से पंगु हो जाती है।

खेती को तबाह कर देगा कृषि विधेयक – मजदूर किसान मंच

Agriculture Bill will destroy agriculture - Mazdoor Kisan Manch

मजदूर किसान मंच ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज कराया प्रतिवाद. गांव-गांव आरएसएस- भाजपा का किसान करेंगे विरोध – दारापुरी

आरएसएस-भाजपा के अधिनायकवादी प्रोजेक्ट पर अखिलेन्द्र प्रताप सिंह का महत्वपूर्ण लेख

Akhilendra Pratap Singh

यह सही है कि मोदी सरकार के विरूद्ध आंदोलन उभर रहे हैं। नागरिक, सामाजिक और डॉक्टर अम्बेडकर के विचारों पर चल रहा दलित आंदोलन दमन का मजबूती से विरोध कर रहा है लेकिन इन धाराओं की राजनीतिक उपस्थिति नहीं है। यही वह बिंदु है जहां इन आंदोलनों को अपने को पुनर्परिभाषित करना चाहिए और देश के सामने आई राजनीतिक चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।

मोदी का ‘नया भारत’, हमारी संवैधानिक व्यवस्था के अस्तित्व के लिए ही खतरा पैदा कर रहा है

Sitaram Yechury

नये भारत का आख्यान या संविधान का ध्वंस Narrative of new india or the destruction of constitution मोदी के न्यू इंडिया पर सीताराम येचुरी का आलेख Sitaram Yechury‘s article on Modi’s New India, आज जबकि हम अपने 73वें स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, भारत के भविष्य को सौंपने के लिए, एक नया राष्ट्रीय

भारत छोड़ो आंदोलन 1942 से ग़द्दारी की कहानी; आरएसएस और सावरकर की ज़बानी

Quit India Movement

  कांग्रेस का आह्वान इस 8 अगस्त 2020 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अहम मील के पत्थर, ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ जिसे ‘अगस्त क्रांति‘ भी कहा जाता है को 78 साल पूरे हो जायेंगे। 7 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने बम्बई में अपनी बैठक में एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पारित किया, जिसमें अंग्रेज

आरएसएस की विचारधारा पर चलने वाले कांग्रेसी, पार्टी की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बने

congress

Congressmen who follow the ideology of RSS, become the biggest obstacle in the party’s path लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अंदर भी संकट का दौर चल रहा है। कहते हैं जब बुरा दौर चल रहा होता है तो ऊँट पर बैठे हुए भी कुत्ता काट लेता है, इस लिए बहुत

तो क्या आरएसएस ही भाजपा के सभी गतिविधियों में संलिप्त है जैसे नान-घोटाला, कृषि-घोटाला, ई-टेंडर घोटाला?

Vikas Tewari spokesperson Chhattisgarh Congress

आरएसएस से सवाल करो जवाब भाजपा देती है ये रिश्ता क्या कहलाता है BJP answers the question from RSS, what is this relationship called? आरएसएस कहती है वो राजनीतिक पार्टी नहीं तो जवाब भाजपा से क्यों दिलवाती है? मोहन मरकाम के सवालों का जवाब मोहन भागवत के प्रवक्ता क्यों नहीं देते भाजपा क्यों दे रही

जब तक आरएसएस के मोदी की तरह के प्रचारक के हाथ में सत्ता रहेगी, देश यूँ ही परेशान रहेगा

Modi in Gamchha

मोदी शासन का असली रोग क्या है ! What is the real disease of Modi rule? फ्रायड के मनोविश्लेषण का एक बुनियादी सिद्धांत है – रोगी की खुद की कही बात पर कभी भरोसा मत करो। उसके रोग के पीछे का सच उसकी जुबान की फिसलन, अजीबोग़रीब कल्पनाओं, ऊटपटाँग आचरण में कहीं गहरे छिपा होता

आरएसएस और मोदी का इतिहास और दिल्ली के दंगे

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

प्रतिक्रांति का एक समग्र राजनीतिक प्रत्युत्तर ही क्रांति का रास्ता तैयार कर सकता है History of RSS and Modi and Delhi riots आरएसएस और मोदी के इतिहास से परिचित कोई साधारण आदमी भी दिल्ली के दंगों और आगे इनकी और पुनरावृत्तियों का बहुत सहजता से पूर्वानुमान कर सकता है। फिर भी कथित रूप से दूरगामी