कुछ पल इरफान के साथ, बनारस से मुम्बई तक, तुम बहुत याद आओगे गांधी के इस देश को

Irrfan Khan

With Irfan for a few moments, from Banaras to Mumbai, you will be missed in Gandhi’s country दिसम्बर 2014 की एक सुबह एक अनजाने नम्बर की कॉल से नींद खुली और फोन करने वाले ने कहा कि इरफान बोल रहा हूँ। लग रहा है कि सो रहे है, कब तक जगेगें, मुलाकात कैसे होगी। जब

इरफ़ान हिन्दुस्तानी फ़िल्म इंडस्ट्री में मिसफिट थे – अजय ब्रह्मात्मज

Irrfan Khan

अलगाव की स्थिति स्थाई नहीं होनी चाहिए – अशोक वाजपेयी The state of isolation should not be permanent – Ashok Vajpayee – सहज होना, सरल होना, आसान होना, कितना मुश्किल है इरफान होना – अजय ब्रह्मात्मज नई दिल्ली, 01 मई 2020 . प्राकृतिक आपदाएं आती हैं और अपने साथ बहुत कुछ बहा कर ले जाती