कहानी

पुस्तक समीक्षा : महफ़िल लूटना चाहते हैं तो मुक्तक रट लीजिए

हिन्दी-काव्य में मुक्तक-काव्य-परम्परा का इतिहास (History of muktak-kavya-tradition in Hindi-poetry) देखा जाए तो यह पर्याप्त… Read More

लापता पैर : विमर्शों, कल्पनाओं और यथार्थ के मिश्रण से उपजी कहानियाँ

लेखक ने अधिकांश कहानियों का निर्माण अपनी कल्पना शक्ति से किया है, जिसके लिए उन्हें… Read More

प्रश्न पानी से नहीं धुलते : नए विमर्श पैदा करती कहानियां

वर्तमान में कहानी कला में कई परिवर्तन भी देखने को मिले हैं। खास करके भाषा… Read More

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations