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Tag Archives: किसान आंदोलन का चरित्र

कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान : एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो!

pm narendra modi

किसानों के संघर्ष के आगे झुक गई मोदी सरकार Modi government bowed before the farmers’ struggle आखिरकार, किसानों के संघर्ष ने मोदी सरकार को झुकने को मजबूर कर दिया है। गुरु पर्व के मौके पर, राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन के जरिए, प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले का ऐलान किया …

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कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : उप्र-पंजाब में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक फैसला

Ghazipur border: farmers will plant flowers near police forts.

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : उत्तर प्रदेश और पंजाब में आगामी चुनाव को देखते हुए राजनीतिक फैसला Repeal of agricultural laws: Political decision in view of upcoming elections in Uttar Pradesh and Punjab प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में पारित तीन कुख्यात कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा (Announcement to repeal agricultural laws) निश्चित रूप से किसान आंदोलन और …

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पूर्वांचल में बड़ा किसान आंदोलन क्यों नहीं हो पा रहा ?

purvanchal kisan

Why is there not a big farmer movement in Purvanchal? बनारस में कल संयुक्त किसान मोर्चा की पूर्वांचल इकाई की बैठक थी। लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी (Arrest of the accused in the case of killing of farmers in Lakhimpur Kheri) और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति (Strategy of movement …

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किसान आंदोलन : जो पानी बह गया उसे फिर से छुआ नहीं जा सकता

Chhattisgarh Kisan protest 26 November 2020. Farmers protest against agricultural laws on November 26. देशव्यापी किसान आंदोलन में जगह-जगह किसानों के प्रदर्शन

Arun Maheshwari on Prabhat Patnaik’s article on Farmer’s unity कल के टेलिग्राफ में प्रभात पटनायक का एक लेख है — A Promethian moment ( The farmer’s agitation challenges theoretical wisdom)। बंधन से मुक्ति का क्षण ; किसानों के आंदोलन ने सैद्धांतिक बुद्धिमत्ता को ललकारा है। जाहिर है, यह किसान आंदोलन और उसके एक महत्वपूर्ण सबक पर लिखा गया लेख है। …

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जनांदोलन बन चुका है किसान आंदोलन

Ghazipur border: farmers will plant flowers near police forts.

Farmers’ movement has become a mass movement बेनतीजा रही सरकार और किसानों के बीच बातचीत भारत सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 9-10 महीनों से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में किसान शांतिपूर्ण और अहिंसक आंदोलन कर रहे हैं। सरकार के साथ किसान नेताओं की कई दौर की बातचीत (Several rounds of talks of farmer …

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देश चार लोगों; अम्बानी अडानी और मोदी शाह का राज बर्दाश्त नहीं करेगा- डॉ अशोक ढवले

 हाल के दौर में जमकर लड़ी है देश की जनता, इन संघर्षों को आगे बढ़ाना ही होगा शैली स्मृति व्याख्यान में “हाल के दौर के जन आंदोलन और उनकी विशेषताएं” पर बोले डॉ अशोक ढवले भोपाल, 01 अगस्त 2021. “आदरांजलि देने का काम सिर्फ शब्दों से नहीं किया जाता। सच्ची आदरांजलि उस रास्ते पर चलकर दी जाती है जिसे दिखाकर …

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किसान आंदोलन के छह माह : चुभती है इन सवालों पर किसान मोर्चे की आपराधिक चुप्पी

Ghazipur border: farmers will plant flowers near police forts.

किसान आंदोलन के नेताओं को खुला पत्र Open letter to the leaders of the farmers’ movement मेरे प्रिय किसान नेताओं, आप सभी पिछले आठ महीनों से पंजाब में व छह महीनों से ज्यादा दिल्ली की सरहदों पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन फासीवादी सत्ता के खिलाफ मजबूती से चलाये हुए हैं। इसके लिए आप सभी को क्रांतिकारी सलाम करता हूँ। इन छह …

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किसान आंदोलन में बढ़ता आक्रोश : सम्राट जनता का नहीं WTO, टाटा, अम्बानी, अडानी का चौकीदार है

Farmers launch T-shirt in support of the movement on the border "Zinda hai to Delhi Aaja, join the struggles"

Growing anger in peasant movement: King is not Chowkidar of public but WTO, Tata, Ambani and Adani देश के किसान पिछले चार महीने से जनविरोधी तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए बड़े ही व्यवस्थित व अनुशासनिक तरीके से दिल्ली की सरहदों पर बैठे हैं। किसान ईमानदारी से तीन कानूनों को रद्द करवाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन …

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किसान आंदोलन : भारतीय राजनीति को नई दिशा की ज़रूरत

Modi-Adani-Ambani effigies burnt all over the state, two leaders of Kisan Sabha arrested in Marwahi

Kisan agitation: Indian politics needs a new direction मसीहुद्दीन संजरी खाद्य, उपभोक्ता एवं सार्वजनिक वितरण मामलों की 13 दलों वाली संसद की स्थाई समिति ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 को अक्षरशः लागू करने की संस्तुति सरकार को कर दी है। यह विधेयक उन तीन कृषि कानूनों में से एक है जिसे किसान काला कानून कहते हैं और इसे वापस लेने …

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बंगाल में किसान आंदोलन और बजट 2021 में कृषि की स्थिति

Review Union Budget 2021-22

Farmer Movement in Bengal and the agriculture in the Union Budget 2021: Vijay Shankar Singh किसान आंदोलन की गूंज बंगाल के चुनाव में सुनाई देने लगी है। किसान एकता मंच ने एक अपील देश के उन राज्यों जहां फिलहाल चुनाव हो रहे हैं, के मतदाताओं से की है, कि वे देश और जनहित में भाजपा को वोट न दें। एकता …

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भाजपा को राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है किसान आंदोलन

Farmer

Farmer movement can cause political damage to BJP नई कृषि नीति के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लाये गए कानूनों के बाद पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में किसानों की अगुवाई में विरोध हो रहा है। दिल्ली राज्य के तीन प्रवेश द्वारों पर किसानों ने अपने खेमे लगा दिए हैं। किसान आन्दोलन (Kisan Andolan Hindi News) शुरू होने …

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किसान आंदोलन को नुकसान ही पहुंचा रहे हैं बौद्धिक योगेन्द्र यादव

Yogendra Yadav

योगेन्द्र यादव की राजनीति और किसान आंदोलन के हित ! Yogendra Yadav‘s politics and the interests of the peasant movement! संयुक्त किसान आंदोलन के नेतृत्व में योगेन्द्र यादव एक ऐसा प्रमुख नाम है जिनके साथ कोई महत्वपूर्ण किसान संगठन नहीं होने पर भी वे आंदोलन में अपनी मेहनत और एक सधे हुए बौद्धिक के नाते आंदोलन के प्रवक्ता बने हुए …

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आचार्य भिक्षु सुमित रत्न थेरा का साक्षात्कार – जाति धर्म के मतभेदों से ऊपर उठ अन्नदाताओं के आंदोलन का समर्थन करें

Acharya Bhikkhu Sumit Ratan thera, Convenor of Shraman Culture Movement India

Interview of Acharya Bhikkhu Sumit Ratan thera – Support Farmers Movement Above Differences of Caste Religion विद्या भूषण  रावत किसान आन्दोलन के समर्थन में देश भर के अंबेडकरवादियों और बहुजन समाज से अनुरोध करते हुए श्रमण संस्कृति आंदोलन भारत के संयोजक आचार्य भिक्षु सुमित रत्न थेरा (Acharya Bhikkhu Sumit Ratan thera, Convenor of Shraman Culture Movement India) ने कहा है …

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किसान आंदोलन को बिखरने घोषणा करने वाली चालू क़िस्म की पत्रकारिता

Peasant Movement Coverage

किसान आंदोलन की गति-प्रकृति पर दैनंदिन टिप्पणियों पर एक टिप्पणी A Commentary on the Day-to-Day Comments on the Nature of the Peasant Movement सरकार या कोई भी पत्रकार, जब किसी भी तर्क पर किसान आंदोलन के स्वत: बिखरने की कल्पना करता है, तो उसके यथार्थबोध पर गहरा शक होता है। तब वह आंदोलन की अपनी आंतरिक गति, ‘उसके अपने तर्क’ …

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किसान आंदोलन के कारण मोदी सरकार पर दबाव है, पर निश्चिंत क्यों है सरकार, जानिए

Hundreds of people from Delhi reached Delhi in support of the farmers movement

Modi government is under pressure due to farmer movement किसान आंदोलन और मोदी सरकार के हठ पर स्वतंत्र पत्रकार हरे राम मिश्र का विश्लेषण देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में जानी मानी विदेशी हस्तियों के शरीक होने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार काफी दबाव में है. जिस तरह से टूलकिट के बहाने भारत में गिरफ्तारियां हो रही …

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आन्दोलनजीविता और किसान आंदोलन 2020-21 : चैतन्यता का प्रमाण है आन्दोलनजीविता

Farmers Protest

AndolanJeevita and Farmers Movement 2020-21 By Vijay Shankar Singh किसान आंदोलन 2020 की सबसे बड़ी उपलब्धि (The biggest achievement of Kisan movement 2020) यह है कि, इसने धर्म केंद्रित राजनीति जो 2014 के बाद, जानबूझकर जनता से जुड़े मुद्दों से भटका कर, सत्तारूढ़ दल भाजपा और संघ तथा उसके थिंक टैंक द्वारा की जा रही है को लगभग अप्रासंगिक कर …

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किसान आंदोलन से लौटा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भाईचारा, भाजपा ही नहीं सपा, बसपा भी टिकैत से भयभीत

Chaudhary Rakesh Tikait

सत्तारूढ़ भाजपा के साथ ही विपक्ष की सपा, बसपा व रालोद के लिए चुनौती बनकर उभर रहे हैं राकेश टिकैत किसान आंदोलन ने जहां किसान की ताकत (Power of farmer) का अहसास मोदी सरकार को कराया है वहीं पश्चिमी उत्तर के बिगड़े भाईचारे का फिर से लौटा दिया है। जिस मुजफ्फरनगर के दंगे (Muzaffarnagar riots) के नाम पर भाजपा ने …

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