काजल की कोठरी : छतीसगढ़ में कोयला खदानों की लिस्ट बदली, लेकिन स्थिति जस की तस

Coal

Kajal cell: List of coal mines changed in Chhattisgarh, but the situation remains the same नई दिल्ली, 18 सितंबर 2020.  कोयले का खनन (Coal mining) काजल की कोठरी में जाने से कम नहीं। कुछ ऐसी ही स्थिति छतीसगढ़ में हो रही है। दरअसल जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सरकार ने वहां खनन

कोयला खनन का निजीकरण राष्ट्र विरोधी, हर देशभक्त करे मजदूरों के आंदोलन का समर्थन

दिनकर कपूर Dinkar Kapoor अध्यक्ष, वर्कर्स फ्रंट

Privatization of coal mining is anti-national, every patriot should support the workers’ movement कोयला के निजीकरण के खिलाफ आज से शुरू मजदूरों की हड़ताल पर दिनकर कपूर का आलेख Dinkar Kapoor’s article on workers’ strike against coal privatization starting today आज से पूरे देश में कोयला क्षेत्र के निजीकरण (Privatization of coal sector) के खिलाफ

मोदी सरकार ने निकाला पर्यावरण नष्ट करने का आपदा में अवसर

climate change

क्या यह वास्तव में भारत में ‘प्रकृति के लिए समय‘ है? | Is it really ‘Time for Nature’ in India? While India Focused On COVID-19, Here’s What Govt Did To The Environment पूरा विश्व आज विश्व पर्यावरण दिवस मना रहा है। ‘समय के लिए प्रकृति’ (‘Time for Nature’) इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस के लिए