कोयला उद्योग का निजीकरण : इंदिरा गाँधी ने जो शंका व्यक्त की थी, मोदी उसे सच साबित कर रहे हैं

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कोयला उद्योग – राष्ट्रीयकरण से निजीकरण की ओर….??? कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल जिस समय देश आज़ाद हुआ हमारा कोयला उद्योग (Coal industry) निजी मालिकों के हाथों में था और कोयला मजदूरों की स्थिति (Status of coal laborers) जानवरों से भी बदतर थी जिसका भली-भांति चित्रण शत्रुघ्न सिंहा की फ़िल्म “कालिका“ में