पूछता है भारत : क्या आप अपनी संतान को गोडसे बनाना चाहेंगे ?

It is necessary to bring back the lost politics

संघ को रोल मॉडल की तलाश है। वह भगत सिंह, सरदार पटेल से लेकर सुभाष बाबू तक एक अदद रोल मॉडल की तलाश में भटक रहे हैं। वे अपने रोल मॉडल के खोखलेपन से भी परिचित हैं और भारतीय समाज की उनके प्रति अस्वीकार्यता का भी उन्हें पर्याप्त ज्ञान है।

कानून – जानिए बलात्कार की धारा 375 आईपीसी

Law and Justice

दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए बलात्कार तथा हत्या के मामले के बाद देश में आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013 पारित किया गया जिसने बलात्कार की परिभाषा को और अधिक व्यापक बनाया तथा इसके अधीन दंड के प्रावधानों को कठोर किया।

बढ़ते अपराध, पुलिस के समक्ष साख का संकट और जज लोया का रास्ता

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

यह साख का ही संकट है कि CBI जज ब्रजमोहन लोया के बेटे से सरकार को परोक्ष रूप से टीवी पर कहलवाना पड़ा कि ‘सब चंगा सी’ औऱ अब यही साख का संकट हाथरस पुलिस को बाध्य कर रहा है कि वह एक एनओसी, पीड़िता के घर वालों से प्राप्त करे कि, ‘हम खुश हैं, सरकार आप से !’

महिला सुरक्षा की बनी संस्थाओं की बर्बादी महिला हिंसा की जिम्मेदार – आइपीएफ

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

इतने बर्बर तरीके से पीड़ित हुई युवती के प्रति पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा लापरवाही और असंवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है। हद तो यह हो गयी कि युवती के परिवारजनों की मांग के बावजूद उसकी लाश भारी पुलिस फोर्स लगाकर रात के अंधेरे में जला दी गयी और उसके परिजनों तक को नहीं दी गयी।

हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार, बचता तानाशाह भी नहीं है। उसका अंत तो और भी दारुण होता है

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का चुपके से रात के अंधेरे में समस्त मानवीय और वैधानिक मूल्यों को दरकिनार कर किया गया अंतिम संस्कार अनुचित है और बचता तानाशाह भी नहीं है। उसका अंत तो और भी दारुण होता है …. बता रहे हैं अवकाशप्राप्त आईपीएस अफसर विजय शंकर सिंह