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Tag Archives: गैर-कांग्रेस वाद

What do you understand by non-Congressism? What is Non-Congressism?

गैर-कांग्रेस वाद किसे कहते हैं, गैर-कांग्रेस वाद का नारा किसने दिया?

गैर कांग्रेस वाद से क्या अभिप्राय है ?

गैर कांग्रेस बाद से क्या अभिप्राय है ?

गैर कांग्रेस से आप क्या समझते हैं?

गैर कांग्रेस स्वाद से आप क्या समझते हैं?

गैर कांग्रेस वाद किसे कहते हैं?

गैर कांग्रेसवाद का नारा किसने दिया?

गैर कांग्रेसवाद से क्या तात्पर्य है?

क्या दलित मार्क्सवादी कभी स्वीकार करेंगे कि डाइवर्सिटी से बेहतर नहीं है कोई उपाय

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

क्या दलित मार्क्सवादी कभी यह सत्योपलब्धि करेंगे कि सर्वस्वहाराओं को शक्ति के स्रोतों के वाजिब शेयर दिलाने के लिए : डाइवर्सिटी से बेहतर नहीं है कोई उपाय!  मित्रों, रूस का पतन देखकर भारत के मार्क्सवादी रह-रहकर गहरे सदमे में आ जाते हैं और समय-समय पर इसकी पड़ताल भी करते हैं, जो बिलकुल स्वाभाविक ही है. किन्तु ऐसा होने के पीछे …

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बेचैन दुनिया को नई संस्कृति, नए विचार देने वाले डॉक्टर लोहिया आज भी प्रासंगिक

Dr. Ram Manohar Lohia

गांधी के बाद डॉक्टर लोहिया ही ऐसे चिंतक विचारक हुए हैं जो भारत की धरती से जुड़े हुए हैं ( डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथि 12 अक्टूबर पर विशेष लेख– Special article on Dr. Ram Manohar Lohia’s death anniversary on October 12) महापुरूषों की स्मृति और मूल्यांकन से ही कोई समाज ऊर्जा ग्रहण कर निखर सकता है. हालांकि …

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महिलाओं ने लगाए नारे- योगी राज जंगल राज, बलात्कारियों के साथ खड़ी सरकार शर्म करो, तो हो गई गिरफ्तारी

Crimes of dalit oppression

हाथरस पीड़िता के लिए न्याय की मांग के साथ प्रदर्शन करती महिला नेता तथा सामाजिक कार्यकर्ता लखनऊ के 1090 चौराहे से गिरफ्तार विरोध प्रर्दशन लोकतांत्रिक अधिकार, नहीं है किसी प्रकार की साज़िश .. उप्र में बढ़ते महिलाओं व दलितों पर हमलों के खिलाफ महिला संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार पर सवाल उठाया लखनऊ, 08 अक्तूबर 2020. प्रदेश के …

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प्रेमचन्द का संसार एक गरीब का घर-संसार था, उन्हें ‘घृणा का प्रचारक’ ‘कलम घसीटू मुन्शी’ और क्या-क्या नहीं कहा गया

Munshi premchand

प्रेमचन्द : एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व (Premchand: an inspiring personality) प्रेमचंद की पुण्यतिथि (8 October History) पर सरला माहेश्वरी का आलेख (Sarala Maheshwari’s article on Premchand’s death anniversary) प्रेमचन्द के जीवन और व्यक्तित्व के बारे में जो भी तथ्य (Facts about Premchand’s life and personality) मिलते हैं उनसे अन्ततोगत्वा इसी निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि वे एस असाधारण साधारण …

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पूछता है भारत : क्या आप अपनी संतान को गोडसे बनाना चाहेंगे ?

It is necessary to bring back the lost politics

The nation wants to know: Would you like to make your child Godse? भटक चुकी राजनीति को पटरी पर लाना ज़रूरी है, Hathras gang rape case should be studied as a model case राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कल 3 अक्टूबर हाथरस गैंगरेप की पीड़िता के घर (Hathras gang rape victim’s house) में थे। वे वहां अन्य विपक्षी सांसदों के …

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नवउदारवादी शिकंजे में आजादी और गांधी

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

यह लेख पाँच वर्ष पुराना है, गांधी जयंती के अवसर पर पुनः प्रकाशित किया जा रहा है 1. Independence and Gandhi in neo-liberal clutches आरएसएस ने आजादी के संघर्ष में हिस्सा नहीं लिया; और वह गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार है – ये दो तथ्य नए नहीं हैं। आजादी के बाद से आरएसएस के खिलाफ इन्हें अनेक बार दोहराया …

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आरएसएस-भाजपा के अधिनायकवादी प्रोजेक्ट पर अखिलेन्द्र प्रताप सिंह का महत्वपूर्ण लेख

Akhilendra Pratap Singh

Akhilendra Pratap Singh Article on Political Platform राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के अधिनायकवादी प्रोजेक्ट (Totalitarian project of Rashtriya Swayamsevak Sangh and BJP) के विरुद्ध व्यापक आंदोलन के साथ ही समाज के राजनीतिकरण (Politicization of society) पर सर्वाधिक जोर देना होगा और सामाजिक संतुलन (Social balance) को बदलना होगा। Leftist paradox पिछले दिनों वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय (SANTOSH BHARTIYA- Ex …

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वादा तो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने का, पर यहां तो एमसीपी ही खतरे में है

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वादा फरामोशी, यूं तो दुनिया भर की सभी सरकारों और राजनीतिक दलों का स्थायी भाव होता है, पर चर्चा उसी की होती है जो वर्तमान में सामने है। 20 सितंबर को राज्यसभा से किसी तरह ध्वन्यात्मकता के सहारे सरकार ने कृषि विधेयकों (Agricultural bills) को पारित ज़रूर करा लिया और जैसा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि यह सब …

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कृषि संबंधी नए कानून और एमएसपी : भाजपा ने अपने घोषणापत्र, संकल्पपत्र को तो जुमला कह दिया !

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New Agricultural Laws and MSP कृषि सुधार के नाम पर तीन नए कानून (Three new laws in the name of agricultural reform) 20 सितंबर 2020 को, राज्यसभा में पास घोषित कर दिये गए। इस बिल को कैसे आनन फानन में बिना संसदीय औपचारिकताओं को पूरा किये कैसे पास कर दिया गया, यह तो आज की बात है, पर इसी लोकसभा …

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कहीं भाजपा को उल्टा तो नहीं पड़ेगा सुशांत सिंह का दांव? 

Sushant Singh Rajput

Sushant Singh Rajput’s suicide आज की राजनीति (Today’s politics) इतनी अमानवीय है कि अपनी राजनीतिक महात्वाकांक्षाओं के लिए किसी को भी बलिवेदी पर चढा सकती है। इस दौर का गिरोह झूठ को सच और सच को झूठ बनाने व उसे प्रचारित करने के लिए पूरा तंत्र सुसज्जित कर के पहले भक्तों को और फिर देश को भटका रहा है। मीडिया …

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षड़यंत्रकारी राजनीति के मुकाबले आक्रामक राजनीति

uddhav thackeray Narendra Modi

Aggressive politics in comparison to conspiracy politics इस समय पूरा देश कुछ मीडिया चैनलों द्वारा प्रस्तुत राजनैतिक दंगल देख रहा है। पिछले तीस सालों में ऐसे दृश्य देखने को नहीं मिले थे जैसे इन दिनों देखे जा रहे हैं। आजादी मिलने पर स्वतंत्रता आन्दोलन की सबसे बड़ी अहिंसक फौज के रूप में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस देशवासियों के सामने थी और …

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इस्लामोफोबिया और साम्प्रदायिकता के वैश्विक प्रभाव

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

Hindi Article of Dr Ram Puniyani – Islamophobia Global Fall Out पैगंबर हजरत मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक पोस्टों (Offensive posts about Prophet Hazrat Mohammad) और कुरान की प्रतियां जलाने की प्रतिक्रिया स्वरूप (In response to burning copies of Quran) अभी हाल में अनेक हिंसक घटनाएं हुई हैं. नवीन कुमार, जो बेंगलुरू के एक कांग्रेस विधायक के भतीजे हैं, ने …

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मनमोहन सिंह के बच्चे : विदेशी धन का यह फंदा काटना ही होगा

Children of Manmohan Singh

यह लेख हिंदी मासिक ‘युवा संवाद’ के दिसंबर 2012 अंक में ‘समय संवाद‘ स्तंभ के अंतर्गत छपा था। ‘भ्रष्‍टाचार विरोध : विभ्रम और यथार्थ’ (वाणी प्रकाशन) पुस्‍तक में भी संकलित है। मौजूदा सरकार द्वारा देश बेचने का काम (Selling the country by the current government) देश के ही नाम पर तेज़ी से किया जा रहा है। कुछ लोगों में इसे …

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उत्तराखण्ड में ‘आप’ को तीसरे विकल्प नहीं, मोर्चे की ओर बढ़ना चाहिए

Arvind Kejriwal Narendra modi

उत्तराखण्ड में “आप” के प्रवेश पर रूपेश कुमार सिंह के सुलगते सवाल Rupesh Kumar Singh’s smoldering questions on entry of “AAP” in Uttarakhand आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) 2022 में उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव (Assembly elections in Uttarakhand) लड़ेगी। अरविन्द केजरीवाल की इस घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी है। आप नेता जगह-जगह प्रेस कांफ्रेंस करके …

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जर्मन बुद्धिजीवियों ने पसंद किया प्रमोद रंजन का हस्तक्षेप पर प्रकाशित लेख

Pramod ranjan प्रमोद रंजन की दिलचस्पी सबाल्टर्न अध्ययन, आधुनिकता के विकास और ज्ञान के दर्शन में रही है। ‘साहित्येतिहास का बहुजन पक्ष’, ‘बहुजन साहित्य की प्रस्तावना’ और ‘शिमला-डायरी’ उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उनके द्वारा संपादित दक्षिण भारत के सामाजिक-क्रांतिकारी ईवी रामासामी पेरियार के प्रतिनिधि विचारों पर केंद्रित तीन पुस्तकों का प्रकाशन हाल ही में हुआ है। रंजन इन दिनों असम विश्वविद्यालय के रवींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ लैंग्वेज एंड कल्चरल स्टडीज में प्राध्यापक हैं।

German intellectuals appreciate Pramod Ranjan’s article published on Hastakshep हस्तक्षेप में प्रकाशित प्रमोद रंजन के लेख “कोविड 19, विज्ञान और बुद्धिजीवियों की ज़िम्मेदारी” का जर्मन अनुवाद  “रूबिकॉन” ने प्रकाशित किया है। (यहां देखें) रूबिकॉन एक प्रतिष्ठित वेबपोर्टल है, जो पिछले कुछ वर्षों में जर्मनी में सत्ता प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक मुखर बौद्धिक-दार्शनिक आवाज के रूप में उभरा है। इस वेबसाइट ने कोरोना …

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राम वन गमन पथ : आदिवासी पेनगुड़ियों को मंदिरों में बदलने का आक्रामक कांग्रेसी हिंदुत्ववादी अभियान

Ram Van Gaman Path in Hindi

Ram Van Gaman Path: Aggressive Congress Hindutva campaign to convert tribal Pain Gudis into temples किसी सभ्यता और संस्कृति को नष्ट करना हो, तो उसके पास जो जल, जंगल, जमीन, खनिज व अन्य प्राकृतिक संपदा है, उस पर कब्जा करो। वह सभ्यता अपने आप मर जाएगी। आर्य और अनार्य/द्रविड़ों के संघर्ष का इतिहास (History of Arya and non-Aryan / Dravidian …

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स्वतंत्रता दिवस के कर्तव्य : मोदी को लाने वालों में सबसे पहला नाम मनमोहन सिंह का है

Narendra Modi Dr. Manmohan Singh

(यह लेख साल 2013 के स्वतंत्रता दिवस पर (Article on independence day) ‘युवा संवाद‘ मासिक के ‘समय संवाद‘ स्तंभ में छपा था। साल 2020 के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाओं के आदान-प्रदान (Exchange of wishes on independence day) के साथ हम कुछ आत्मालोचना भी करें, इस उम्मीद पर यह लेख यथावत रूप में फिर जारी किया गया है। मेरी कई बातें …

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नई शिक्षा नीति और नई चुनौतियां : अब किसी लॉर्ड क्लाइव की जरूरत नहीं

narendra modi flute

नई शिक्षा नीति और नई चुनौतियां : अब किसी लॉर्ड क्लाइव की जरूरत नहीं है, सारे सिराजुद्दौला भी मीर जाफर बन गए हैं New education policy and new challenges: No Lord Clive is needed anymore, all Siraj-ud-daulas have also become Mir Jafar ज्ञान, शिक्षा और वर्चस्व (भाग 1) | New education policy and new challenges “हर ऐतिहासिक युग में शासक …

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विश्व आदिवासी दिवस : जब तक आदिवासी जिन्दा रहेंगे वे अपने संसाधनों को आसानी से लूटने नहीं देंगे

International Day of the World's Indigenous Peoples,

मानवाधिकार कार्यकर्ता और झारखंड ह्यूमन राईट्स मूवमेंट के महासचिव ग्लैडसन डुंगडुंग का यह लेख “देश की असली समस्या नक्सली हैं या आदिवासी?” हस्तक्षेप पर मूलतः 8 जून 2013 को 9 जून, बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर ( Special on June 9, Birsa Martyrdom Day) प्रकाशित हुआ था। आज 09 अगस्त को ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’ (International Day of the World’s …

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भारत छोड़ो आंदोलन 1942 से ग़द्दारी की कहानी; आरएसएस और सावरकर की ज़बानी

Quit India Movement

  कांग्रेस का आह्वान इस 8 अगस्त 2020 को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अहम मील के पत्थर, ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ जिसे ‘अगस्त क्रांति‘ भी कहा जाता है को 78 साल पूरे हो जायेंगे। 7 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने बम्बई में अपनी बैठक में एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पारित किया, जिसमें अंग्रेज शासकों से तुरंत भारत छोड़ने …

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पुलिस-स्टेट की ओर भारत?

debate

(1) पुलिसकर्मी अपने कार्यों, शक्तियों और कर्तव्यों का उपयोग सामान्य जनता और मौजूदा सरकार के निष्पक्ष सेवक के रूप में करेंगे। … किसी भी पुलिसकर्मी को, उसके कार्यों या शक्तियों, या पुलिस संसाधनों का उपयोग करते वक्त, किसी भी राजनीतिक पार्टी या हित-समूह, अथवा वैसी पार्टी या समूह के किसी भी सदस्य को बढ़ावा देने या कमतर आंकने का न आदेश …

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