इतना सन्नाटा क्यों है भाई? इस से पहले कोई ‘सी एम’ कानों पर मफलर इतनी कसकर बांधते नहीं थे, कि कोई चीख सुनाई न दे !

Why so much silence brother

राजधानी दिल्ली बहुत दूर है मुझ से, या मैं दिल्ली से। मैं यहाँ सेवाग्राम में हूँ – बापू कुटी के पीछे बसे मेरे नीरव घर में। सेवाग्राम कभी इस देश की जनधानी हुआ करती थी; राजधानी दिल्ली से ज्यादा महत्वपूर्ण। देश का वर्तमान और भविष्य यहीं बनता था। यहां की मिट्टी में आज भी गांधीजी

नये गोडसे की करतूत : गांधी हैं नहीं और सरदार की कुर्सी पर गोडसाओं के हिमायती बैठे हैं

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नये गोडसे और नये गांधी New godse and new gandhi इसे अगर संयोग भी मानें तब भी बहुत इसे बहुत अर्थपूर्ण संयोग कहना होगा। महात्मा गांधी की शहादत (Martyrdom of mahatma gandhi) की 72वीं बरसी पर, खुद को ‘रामभक्त’ गोपाल बताने वाले एक नौजवान ने, 2020 की 30 जनवरी को, 1948 की 30 जनवरी की