Home » Tag Archives: ग्लेशियर

Tag Archives: ग्लेशियर

ग्लेशियर News in Hindi| ग्लेशियर इन हिंदी, ग्लेशियर किसे कहते हैं।

Glaciers ग्लेशियर कैसे बन सकते हैं खतरनाक,

ग्लेशियर का मतलब.

ग्लेशियर कहाँ पाए जाते हैं. हिमालय के प्रमुख ग्लेशियर. हिमालय के हिमनद. भारत में हिमालय (Himalaya) के ग्लेशियर (Glacier). glaciers in india map, glaciers in great himalayas, which is the largest glacier in india, longest glacier of india, 2nd largest glacier in india, rundun glacier, sasaimi glacier, bichom glacier,

खास लोगों के लिए आपदा ही अवसर है खतरे से खाली नहीं इस निजाम में आम लोगों की आवाज उठाना

opinion debate

For special people, disaster is an opportunity. Raising voice of common people in this system not free from danger कोहरा क्यों जरूरी है? कुहासा का मौसम शुरू हो गया। यह चुनाव का मौसम भी है। गेंहू और लाही की फसल के लिए कोहरा जरूरी है। ज्यादा सर्दी भी। धान की फसल चौपट होने के बाद किसान इसी फसल के भरोसे …

Read More »

बिन बरसात कैसे बचेंगे गांव? कैसे बचेंगे किसान?

 ग्लेशियर पिघलेंगे, नदियां नहीं निकलेंगी तो इंसान कैसे जिएंगे? पलाश विश्वास आज 13 जुलाई है। न बादल हैं न बरसात। खेत बंजर हो रहा है। पानी नहीं है तो कैसे लगेगा धान? बिजली, खाद, उर्वरक, कीटनाशक पर बेतहाशा खर्च करने के बाद जो धान लगा है, वह भी सूखने लगा है। बरसात नहीं हो रही बरसात के मौसम में। अंधाधुंध …

Read More »

मानसून के बादल भी क्या बांझ होने लगे हैं? नवजात शिशुओं के लिए कितनी सुरक्षित है पृथ्वी?

 जलवायु परिवर्तन का जलवा (climate change storm), अमेरिका और कनाडा में भी 49 डिग्री सेल्सियस तापमान और लू से मर रहे लोग। पूर्वी अमेरिका के रेगिस्तान और कनाडा के पठारी पहाड़ी इलाकों में भी इतनी गर्मी अभूतपूर्व है। सात–सात पृथ्वी के संसाधन हड़पने के बाद पूरे अंतरिक्ष को उपनिवेश बनाने वाले महाशक्तिमान के कार्बन उत्सर्जन की यह परमाणु ऊर्जा है। …

Read More »

सुंदरलाल बहुगुणा 100 साल जिएं, देश की जनता पर्यावरण चेतना से लैस हो

sunderlal bahuguna

Sunderlal Bahuguna should live for 100 years, the people of the country should be equipped with environmental consciousness राजीव नयन बहुगुणा से जून महीने में अपने पिता पर लिखने को कहा है। चिपको सन्त सुंदरलाल बहुगुणा जीवन भर पर्यावरण जागरूकता के लिए काम करते रहे। पर्यावरण जागरूकता सबसे जरूरी काम है, जिसकी गैरमौजूदगी ही कोरोना महामारी, कोरोना राजनीति और कोरोना …

Read More »

चमोली आपदा का वैज्ञानिक आकलन : हिमालय में बन रहे बांध बन रहे तबाही का कारण

climate change

चमोली आपदा का ये वैज्ञानिक आकलन बढ़ाता है हमारी पर्वतीय आपदाओं की समझ This scientific assessment of the Chamoli disaster increases our understanding of mountain disasters. नई दिल्ली, 05 मार्च. एक उल्लेखनीय साझे प्रयास में, पर्वतों पर ग्लेशियर और पेराफ्रॉस्ट से जुड़े खतरों को समझने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय वैज्ञानिकों के समूह ने उत्तराखंड में बीती 7 फरवरी को …

Read More »

दोगुनी तेजी से पिघल रही है हिमालय के ग्लेशियरों में जमी बर्फ

Glaciers

Himalayan glaciers are melting twice as fast  नई दिल्ली, 10 फरवरी, 2021: बर्फ के विपुल भंडार के कारण दुनिया का तीसरा ध्रुव कहे जाने वाले हिमालयी ग्लेशियर जलवायु-परिवर्तन-जन्य खतरों के साये में हैं। एक अध्ययन में पता चला है कि बढ़ते तापमान के कारण हिमालयी ग्लेशियर 21वीं सदी की शुरुआत की तुलना में आज दोगुनी तेजी से पिघल रहे हैं। …

Read More »

ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झीलों से बढ़ा आपदा का खतरा

climate change

Glaciers are continuously melting due to global warming नई दिल्ली, 08 फरवरी 2021: उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद हुई तबाही ने ग्लोबल वार्मिंग के खतरों (Dangers of global warming) के प्रति एक बार फिर आगाह किया है। पहाड़ों में ऐसी घटनाएं ग्लेशियर के टूटने (Glacier breakdown events) या फिर ग्लेशियरों की वजह से बनी झीलों की …

Read More »

ग्लेशियर हादसे पर उमा भारती ने, नदियों पर पावर प्रोजेक्ट को जिम्मेदार ठहराया, भाजपा सरकार की नीति पर सवाल ?

Uma Bharti

Uma Bharti blamed on glacier accident, power project on rivers, questioning BJP government policy? ग्लेशियर हादसे पर उमा बोलीं, नदियों पर पावर प्रोजेक्ट पर मंत्रालय ने चेताया था नई दिल्ली, 7 फरवरी 2021. उत्तराखंड के चमोली में हुए ग्लेशियर हादसे पर बड़ा बयान देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा है कि उनके मंत्री रहते हुए मंत्रालय ने …

Read More »

चिंताजनक तेजी से पिघल रही है ध्रुवों और पर्वतीय क्षेत्रों में जमी बर्फ

Climate change Environment Nature

Freezing snow in the poles and mountain areas is worrying fast नई दिल्ली, 29 जनवरी 2021: जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनियाभर में हो रहे विभिन्न शोध-अध्ययनों (Various research studies on climate change) में कई चेतावनी भरी जानकारियां सामने आ रही हैं। एक नये शोध में पता चला है कि ध्रुवों और पर्वतीय क्षेत्रों में जमी बर्फ के पिघलने की दर …

Read More »

ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2021 : भारत शीर्ष दस देशों में शामिल

Climate change Environment Nature

Global Climate Risk Index 2021: India ranks in the top ten countries हमारे आपके समाज में आज भी ऐसे तमाम लोग हैं जो जलवायु परिवर्तन को अपनी समस्या नहीं मानते और किसी दूर देश की परेशानी समझते हैं। लेकिन ऐसे लोगों के लिए आज जारी ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2021 यक़ीनन हैरान करने वाला होगा। क्या है ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क …

Read More »

जीना है तो महासागरों को बचाना ही होगा

World Ocean Day

World Oceans Day is celebrated worldwide on June 8. जीवन में महासागरों के महत्व (Importance of oceans in life) को समझते हुए पर हम पृथ्वीवासियों का ध्यान महासागरों के अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाए रखने की ओर अवश्य ही जाना चाहिए। वर्तमान में मानवीय गतिविधियों का असर समुद्रों पर (The impact of human activities on the seas) भी दिखने लगा है। …

Read More »

हिमालय में जलवायु परिवर्तन के हो सकते हैं दूरगामी परिणाम

Forests

Climate change in Himalayas can have far-reaching consequences नई दिल्ली, 5 जून (उमाशंकर मिश्र ): उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बाद सबसे अधिक बर्फ का इलाका होने के कारण हिमालय को तीसरा ध्रुव भी कहा जाता है। हिमालय में जैव विविधता की भरमार है और यहाँ पर 10 हजार से अधिक पादप प्रजातियां पायी जाती हैं। इस क्षेत्र में जलवायु …

Read More »

जंगल को बचाने वाली आम जनता के खिलाफ सरकार युद्ध पर आमादा क्यों?

climate change

विश्व पर्यावरण दिवस 2020 पर विशेष लेख | Special article on World Environment Day 2020 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस (June 5 means World Environment Day), जिसकी शुरूआत 1972 से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा की गयी थी। आज पर्यावरण संकट एक वैश्विक मुद्दा (Environmental crisis a global issue) बन चुका है और कई दशकों से पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर …

Read More »

नरभक्षियों के महाभोज का चरमोत्कर्ष है यह

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

पलाश विश्वास वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता से अवकाशप्राप्त, अब उत्तराखंड के दिनेशपुर में स्थाई प्रवास। पलाश …

Read More »

जलवायु परिवर्तन और कोरोना वायरस : पीने को पानी नहीं, हाथ कहां से धोएं

Water

World Water Day is celebrated on 22 March. 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 से बचने के लिए हाथ धोना को सबसे बुनियादी एहतियाती कदम बताया है। लेकिन दुनिया भर में लगभग 3 बिलियन लोगों को हाथ धोने की बुनियादी सुविधा तक की कमी है और 2.2 और 4.2 बिलियन लोगों को …

Read More »

भूजल ने हिमालयी स्लिप और जलवायु को प्रभावित किया : अध्ययन

Environment and climate change

Groundwater affected Himalayan slip and climate नई दिल्ली, 14 मार्च 2020. विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान, भारतीय भू-चुम्बकत्व संस्थान– An autonomous institute under the Department of Science and Technology, Indian Institute of Geomagnetism (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोमैग्नेटिज़्म) (आईआईजी) के शोधकर्ताओं ने भूजल में मौसमी बदलावों के आधार पर शक्तिशाली हिमालय को घटते हुए पाया। The Himalayas …

Read More »