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Tag Archives: जनतंत्र

फ़्रांसिस फ़ुकुयामा के परि‍प्रेक्ष्‍य में ‘इति‍हास का अंत’

jagdishwar chaturvedi

‘End of history’ from Francis Fukuyama’s perspective यह भविष्‍यवादी चिंतकों का युग है। ये ऐसे विचारक हैं जो कभी भी कुछ भी कह सकते हैं। कभी भी अपनी धारणाओं को बगैर कोई कारण बताए बदल सकते हैं। किसी भी अवधारणा को मनमाने ढ़ंग अर्थ दे सकते हैं। समय, देष-काल, स्थान, उत्पादक शक्तियां, शोषक वर्ग, प्रतिरोध, समग्रता, ऐतिहासिकता आदि का इनके …

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73वां गणतंत्र दिवस : खतरा किधर से है!

rajendra sharma

73rd Republic Day: Where is the danger from! डॉ आंबेडकर ने 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा को संबोधित करते हुए, सबसे बढ़कर खुद अपने श्रम के फल, स्वतंत्र भारत के संविधान की एक बुनियादी कमजोरी (A basic weakness of the Constitution of Independent India) को रेखांकित किया था और चेतावनी दी थी कि इस कमजोरी को जल्द से जल्द …

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2022 : चुनौतियां और संभावनाएं | भारतीय जनतंत्र का संकट गहरे रंगों में उभरकर सामने आया है

rajendra sharma

2022: Challenges and Prospects नये साल की दहलीज पर खड़ा भारत, अपने साथ क्या लेकर उस नये साल में जा रहा है, जो एक स्वतंत्र देश के रूप में उसके पचहत्तर वर्ष पूरे होने का वर्ष भी होगा। एक छोटी सी विडंबना, उस विरासत को बखूबी उजागर कर देती है, जो लेकर भारत, 2022 में जा रहा है। यह विडंबना …

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गांधी ने कांग्रेस कब छोड़ा था ? महावीर त्यागी, कमलापति त्रिपाठी की जगह आनंद शर्मा, गुलामनबी और राजीव शुक्ला पैदा होने लगे

Congress Logo

महिलाओं से प्यार करने के पीछे कई वजूहात हैं, जिसमें से एक है उनकी कुदरती रचनाधर्मिता। दो दिन पहले हमारी एक महिला मित्र से सियासत पर बात हुई। इनसे रु-ब-रु कभी नहीं मिल पाया हूँ लेकिन फेसबुक पर बड़ी बेबाकी से बात होती है – (इन बॉक्स एक खत मिला ) ‘जनतंत्र के समर्थक हो, समाजवाद, समता, सौहार्द्र, वगैरह सब …

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प्रताप भानु मेहता की समकालीन राजनीति पर शैक्षणिक अटकलबाजियां

Apurvanand talks with Pratap Bhanu Mehta on 'The Wire'

कथित ‘कुलीनतावाद-विरोध’ और जनतंत्र में आबादी के तर्क का सच ! संयोग से हमने आज ही ‘द वायर’ पर प्रताप भानु मेहता से अपूर्वानंद की साल भर पुरानी वार्ता (Apurvanand talks with Pratap Bhanu Mehta on ‘The Wire’) को सुना। वार्ता साल भर पुरानी होने पर भी राजनीति शास्त्र में दैनंदिन राजनीतिक घटनाक्रमों से सिद्धांत-निर्णय की अकादमिक क्रियाशीलता पर विचार …

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हिंदू-राष्ट्रवादी एजेंडा और चुनावी तानाशाही

democracy

Hindu-nationalist agenda and electoral dictatorship स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय से जुड़े स्वतंत्र शोध संस्थान, वी-डैम (The V-Dem Institute (Varieties of Democracy) is an independent research institute founded by Professor Staffan I. Lindberg in 2014.) ने वह काम कर दिया है, जो एक बहुउद्यृत लोक कथा में उस बच्चे किया था, जो बड़ों की जुबान को बांधे डर और संकोच से …

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ट्रंप ने अपनी भारी हार को खुद ही सुनिश्चित कर लिया है, ट्रंप इतिहास में सबसे ज्यादा मतों से हारने वाले राष्ट्रपति होंगे

Victory of joe biden in America and Tejashwi in Bihar

Trump has ensured his massive defeat by himself डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने वास्तव में अमेरिकी जनतंत्र (American democracy) के सामने जिसे दर्शनशास्त्र की भाषा में हेगेलियन क्षण (Hegelian moments in the language of philosophy) कहते हैं, उसकी परिस्थिति पैदा कर दी है। ट्रंप स्वतंत्रता की बात करते हैं, कहते हैं कि बाइदेन (joe biden) के आने से अमेरिकी समाज …

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