वामपंथ का काम अब ऑफिस केंद्रित हो गया है, लोहिया के प्रयोग का पतन अंततोगत्वा जातिवाद में ही हो गया

Akhilendra Pratap Singh

मौजूदा परिस्थिति में जरूरी राजनीतिक पहलकदमी के बारे में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह की वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय से वार्ता के आधार पर कुछ बातें Now the work of the Left has become office-centric, the use of Lohia eventually collapses into casteism. On the basis of Akhilendra Pratap Singh’s talks with senior journalist Santosh Bhartiya about the political

डॉ. लोहिया ने कहा था कि जब देश की सड़कें सूनी दिखें तो निश्चित समझना कि देश में तानाशाही है

Dr. Lohia

मजदूरों की पहचान ‘माईग्रेंट’ के रूप में करना मेहनतकश वर्ग के खिलाफ साजिश  Identifying laborers as ‘migrants’ conspiracy against the working class …… ताकि व्यवस्था पर कोई सवाल ना हो। हम जिस गाँव में रहते हैं वहाँ मेरी दस पीढ़ियाँ गुजर गयी होंगी। उस गाँव में मेरे खानदान के आने वाले पहले व्यक्ति सुनने में