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Tag Archives: जाति की राजनीति

दृष्टिकोण का नहीं बल्कि समाज में सत्ता समीकरण बदलने का सवाल है जातिगत भेदभाव

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

जाति आधारित भेदभाव और शक्ति समीकरण | Caste Based Discrimination and Power Equation “मुझे लगता है कि समस्या यह है कि अमेरिका में बहुत से लोग सोचते हैं कि नस्लवाद एक रवैया है। और यह पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए वे सोचते हैं कि लोग जो सोचते हैं वह उन्हें नस्लवादी बनाता है। वास्तव में नस्लवाद एक …

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जानिए ‘जय भीम’ क्यों देखें! पूरी फिल्म इतनी लाउड और नाटकीय होने के बावजूद आपको छू क्यों नहीं पाती?

film review

‘जय भीम’ फिल्म समीक्षा | फिल्म रिव्यू: जय भीम | Jai Bhim movie review Jai Bhim Review in Hindi by Abhishek Srivastava शुरुआती आधे घंटे की जबरदस्त चटान के बाद किसी तरह लय बनी, तक जाकर ‘जय भीम’ निपटी। इस बीच बार-बार गोविंद निहलानी के किरदार (Characters of Govind Nihalani) भीखू लहानिया, भास्कर कुलकर्णी, दुशाने, भोंसले, डॉक्टर पाटील आदि याद …

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कोल को जनजाति का दर्जा दिए बगैर उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय का एजेंडा पूरा नहीं होगा- आइपीएफ

Social justice agenda will not be complete in Uttar Pradesh without giving tribal status to Kol – IPF लखनऊ, 12 अगस्त 2021, इस समय जाति आधारित जनगणना पर बहस (debate on caste based census) बढ़ती जा रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश में कोल को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिले उस पर आम तौर पर मुख्यधारा के राजनीतिक दल चुप है। …

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वामपंथ का काम अब ऑफिस केंद्रित हो गया है, लोहिया के प्रयोग का पतन अंततोगत्वा जातिवाद में ही हो गया

Akhilendra Pratap Singh

मौजूदा परिस्थिति में जरूरी राजनीतिक पहलकदमी के बारे में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह की वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय से वार्ता के आधार पर कुछ बातें Now the work of the Left has become office-centric, the use of Lohia eventually collapses into casteism. On the basis of Akhilendra Pratap Singh’s talks with senior journalist Santosh Bhartiya about the political initiative required in the current …

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डॉ. लोहिया ने कहा था कि जब देश की सड़कें सूनी दिखें तो निश्चित समझना कि देश में तानाशाही है

Dr. Lohia

मजदूरों की पहचान ‘माईग्रेंट’ के रूप में करना मेहनतकश वर्ग के खिलाफ साजिश  Identifying laborers as ‘migrants’ conspiracy against the working class …… ताकि व्यवस्था पर कोई सवाल ना हो। हम जिस गाँव में रहते हैं वहाँ मेरी दस पीढ़ियाँ गुजर गयी होंगी। उस गाँव में मेरे खानदान के आने वाले पहले व्यक्ति सुनने में आता है कि आज के …

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