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Tag Archives: जाति व्यवस्था

‘अच्छे दिन’ के हकदार : महामारी के आईने में कॉरपोरेट इंडिया की नंगी सच्चाई

Modi with Ambani Tata

‘अच्छे दिन’ के हकदार पहले भी कॉरपोरेट इंडिया के दावेदार थे, आज भी वे ही हैं, और कल भी वे ही रहेंगे। इस सच्चाई की लंबी-चौड़ी व्याख्या की जरूरत नहीं नंगी सच्चाई | Bare truth: Corporate India is loaded on the back of the toiling masses पिछले साल 24-25 मार्च की रात से जब प्रधानमंत्री ने देश पर लॉकडाउन थोपा …

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सर्वव्याप्त जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष

Dr B.R. Ambedkar

Struggle against the ubiquitous caste system अंबेडकर जयंती डॉ. अंबेडकर एक बहुजन राजनीतिक नेता, और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी होने के साथ साथ, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार भी थे। अंबेडकर का जन्म एक गरीब अस्पृश्य परिवार में हुआ था। अंबेडकर ने अपना सारा जीवन हिंदू धर्म की भेदमूलक वर्ण व्यवस्था, और भारतीय समाज में सर्वव्याप्त जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में …

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डा. आंबेडकर और वर्तमान राजनीतिक एवं आर्थिक परिदृश्य

Dr. BhimRao Ambedkar

Dr. Ambedkar and the current political and economic scenario (14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती पर विशेष – Special on Ambedkar Jayanti on 14 April) आज 14 अप्रैल है जिसे पूरे देश में ही नहीं विदेशों में भी डा. आंबेडकर जन्म दिवस अर्थात डॉ. आंबेडकर जयंती (Dr. Ambedkar Jayanti) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन जहाँ सरकारी तौर पर …

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बंगाल की सत्ता के लिए यूपी वालों की बलि चढ़ा रही योगी सरकार : माले

CPI ML

राजधानी लखनऊ में कोरोना कुव्यवस्था : Corona malfunction in the capital Lucknow रिटायर बाबरी जज को उप लोकायुक्त का पद – न्यायपालिका की गरिमा पर आंच अम्बेडकर की 130वीं जयंती को ‘संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ‘ दिवस के रूप में मनाएगी माले CPI(ML) will celebrate Ambedkar’s 130th birth anniversary as ‘Save Constitution – Save Democracy’ Day लखनऊ, 13 अप्रैल। भाकपा (माले) की …

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डियर प्रशांत किशोर लड़ाई तो टीएमसी और वाम-कांग्रेस के बीच है

prashant kishore

बंगाल में भाजपा के बारे में प्रशांत किशोर का आकलन अतिशयोक्तिपूर्ण लगता है Prashant Kishore’s assessment of BJP in Bengal seems exaggerated. भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha Elections) में बंगाल में 40 प्रतिशत मत मिले थे। वह 2016 के विधान सभा चुनाव में भाजपा के 10.2 प्रतिशत मतों से एक लंबी छलांग थी। लेकिन टीएमसी के …

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गुलामगिरी से मुक्ति का संकल्प लेने का दिन !

Jyotirao Phule बहुजनवाद के पहले सिद्धांतकार : महात्मा फुले

महात्मा फुले जयंती | Mahatma Phule Jayanti छोटी जातियों को उच्च वर्ण हिन्दुओं की गुलामी से जाग्रत करने वाले महामना फुले Mahamana Phule, who awakened lower castes from the slavery of upper caste Hindus ‘जिन्होंने हिन्दू समाज की छोटी जातियों को उच्च वर्णों के प्रति उनकी गुलामी के सम्बन्ध में जागृत किया और जिन्होंने विदेशी शासन से मुक्ति पाने से …

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वैदेही हुई, द्रौपदी हुई, झाँसी की रानी हुई पर मुझे सावित्रीबाई होना है

Manjul Bhardwaj

मंजुल भारद्वाज का नया नाटक ‘लोक-शास्त्र सावित्री’ समता का यलगार ! मेरे पुराने मित्र मंजुल भारद्वाज का जब फोन आया कि २७ मार्च २०२१ को सुबह ११:३० थाना के गडकरी रंगायतन में ‘लोक-शास्त्र सावित्री’ का मंचन है, तुम्हें आना है। मैं उलझन में थी कि कोरोना काल में पब्लिक की भीड़ में जाना सही होगा कि नहीं? पता नहीं नाटक …

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यूपी में अपराधियों का राज : रिहाई मंच

Rajeev Yadav

राजनैतिक लाभ के लिए जातीय-साम्प्रदायिक आधार पर अपराधियों को देशभक्त और देश विरोधी के खेमे में बांटने का हो रहा है खेल- रिहाई मंच लखनऊ, 7 अप्रैल 2021। रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश में सैकड़ों एनकाउंटरों के बाद भी बढ़ती बलात्कार और हत्या की घटनाओं को प्रदेश सरकार की जातीय और साम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव की नीति का ज़िम्मेदार बताया। …

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चिंताजनक है पिछले सात सालों में सुरक्षा बलों में बढ़ती हुई आत्महत्या की प्रवृत्ति

Things you should know

There is a worrying trend of increasing suicide among security forces in the last seven years: Vijay Shankar Singh (retd. Senior IPS officer) सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य | Mental health in the security forces जैसे-जैसे घृणा और जाति, धर्म, रंग, क्षेत्र से जुड़ी कट्टर घटनाएं बढ़ने लगती हैं तो उसका सीधा असर पुलिस और सुरक्षा बलों पर पड़ता है। …

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एक कुजात गांधीवादी को याद करते हुए

Dr. Ram Manohar Lohia

डॉ. राम मनोहर लोहिया के जन्म दिवस पर आज एक कुजात गांधीवादी का जन्मदिन है, हालांकि उस कुजात गांधीवादी ने अपना जन्मदिन कभी नहीं मनाया। उसी के जन्मदिन के दिन ही शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को साल 1931 में फांसी पर लटका दिया गया था। पर जन्मदिन पर कोई जश्न न मनाए, पर जन्मदिन तो आता ही है और आकर गुज़र …

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मृत भगत सिंह जीवित भगत सिंह से ज्यादा खतरनाक’ साबित हुए

Bhagat Singh

भगत सिंह ने जो कहा… भगत सिंह को भारत के सभी विचारों वाले लोग बहुत श्रद्धा और सम्मान से याद करते हैं। वे उन्हें देश पर कुर्बान होने वाले एक जज़बाती हीरो और उनके बलिदान को याद करके उनके आगे विनत होते हैं। वे उन्हें देवत्व प्रदान कर तुष्ट हो जाते हैं और अपने कर्तव्य की इतिश्री मान लेते हैं। …

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आज भी जयपाल सिंह मुंडा की प्रासंगिकता बरकरार है

jaipal singh munda

आदिवासी नायकों की कड़ी में जयपाल सिंह मुंडा Jaipal Singh Munda history in Hindi जयपाल सिंह मुंडा को भारतीय जनजातियों और झारखंड अलग राज्य आंदोलन की पहली ईंट के तौर पर देखा जाता है। उन्हें मरङ गोमके के तौर पर जाना जाता है, अत: उनके नाम के आगे मरङ गोमके (बड़ा मलिक) लगाया जाता है। जयपाल सिंह मुंडा ने ईसाई …

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निजीकरण मनुवाद का एक साजिशन उत्पाद है

Seminar on "Privatization Impacts Bahujan Youth"

Privatization is a conspiracy product of Manuvad “निजीकरण का बहुजन युवाओं पर दुष्प्रभाव” विषयक  सेमिनार Seminar on “Privatization Impacts Bahujan Youth” विशद कुमार : भागलपुर. बीती 20 मार्च 2021 को विश्वविद्यालय अम्बेडकर विचार एवं समाजकार्य विभाग,  तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रशाल में महार तालाब जल सत्याग्रह दिवस सह बिहार फुले अंबेडकर युवा मंच का चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह मनाया …

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क्या धर्मनिरपेक्षता भारत की परंपराओं के लिए खतरा है?

Dr. Ram Puniyani

Hindi Article By Dr Ram Puniyani : Is Secularism a threat to Indian Traditions भारत को एक लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश राज से मुक्ति मिली. यह संघर्ष समावेशी और बहुवादी था. जिस संविधान को आजादी के बाद हमने अपनाया, उसका आधार थे स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के वैश्विक मूल्य. धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान की मूल …

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पिछड़ी जातियों में बौद्ध धम्म के प्रति आकर्षण बढ़ा

Attraction towards Buddhist Dhamma increased among backward castes

Among the backward castes, attraction towards Buddhist Dhamma increased. उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जातियों में भी अब बुद्ध धम्म के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है. बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा 1956 में नागपुर में ऐतिहासिक दीक्षा का सबसे ज्यादा प्रभाव महाराष्ट्र में म्हारों और उसके बाहर उत्तर प्रदेश में जाटवों में दिखाई दिया और बुध धम्म उनके जीवन का हिस्सा बन …

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प्रदेश की सभी सीटों पर पूरी ताकत से पंचायत चुनाव लड़ेगी कांग्रेस-अजय कुमार लल्लू

Ajay Kumar Lallu with Priyanka Gandhi

पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए कांग्रेस की बैठक सम्पन्न विधायक, एमएलसी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित पंचायती राज विभाग के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद बेरोजगारी, किसानों की समस्या, बकाया गन्ना मूल्य, मंहगाई, पेट्रोल, डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि आदि मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी कांग्रेस – अजय कुमार लल्लू लखनऊ 16 मार्च 2021। पंचायत चुनाव की …

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क्या आप जानते हैं मोदी को पराजित करना बहुत मुश्किल काम क्यों है ?

Narendra Modi flute

Do you know why it is very difficult to defeat Modi? वर्ण व्यवस्था की पुनर्व्याख्या भी Identity politics based पिछड़ी राजनीति को नरेंद्र मोदी के मुकाबले कहीं खड़ी नहीं कर सकती. इसलिए इसके उन्मूलन पर विचार होना चाहिए. मैं पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूं कि कुछ इंटेलेक्चुअल वर्ण व्यवस्था की पुनर्व्याख्या (Reinterpretation of varna system) कर रहे हैं. …

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सेकुलरिज़्म को खतरा कहने वाले योगी संविधान तथा विधि विरोधी- रिहाई मंच

Rajeev Yadav

Yogi, who call secularism a threat, is anti-constitution and anti-legal – Rihai Manch संघ-भाजपा ने देश के संविधान को कभी स्वीकार नहीं किया संविधान में आस्था न रखने वालों की जगह जेल जिस संविधान की शपथ लेकर भाजपा सत्ता में बैठी है उसे खत्म करने के लिए तरह-तरह के षड़यंत्र कर रही ऊंच–नीच का सपना पालने वालों को संविधान पर …

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आदिवासी न हिंदू हैं न थे, बाबूलाल संघी गुलाम हैं, भाजपा- आरएसएस आदिवासी विरोधी हैं – सालखन

Salkhan Murmu is a socio-political activist working for the Tribal Empowerment in 5 states. He is also the founder and national president of Jharkhand Disom Party. He was twice the Member of Parliament in 12th and 13th Lok Sabha from Mayurbhanj constituency in Odisha during the Atal Bihari Vajpayee Govt. Wikipedia

बाबूलाल मरांडी के बयान पर आदिवासी समाज में हो रही है काफी तीखी प्रतिक्रिया रांची से विशद कुमार, 11 मार्च 2021. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (Former Jharkhand Chief Minister and BJP Legislature Party leader Babulal Marandi) द्वारा पिछले दिनों आरएसएस से जुड़ी जनजाति सुरक्षा मंच से कहा गया …

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भारतीय कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं महिलाएं, जनांदोलन के कंधे पर चढ़ कर आयी सरकार, जनांदोलनों के विरूद्ध दुश्मनी पर उतरी

Tractor-trolley trip in Malwa-Nimar in support of farmer movement

Women are the backbone of the Indian agricultural system: Vijay Shankar Singh सौ दिन से चल रहे किसान आन्दोलन की उपलब्धि क्या है | What is the achievement of the farmer movement that has been going on for a hundred days? यदि एक शब्द में इस सौ दिन से चल रहे किसान आन्दोलन की उपलब्धि बतायी जाय तो वह है …

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एक षड़यंत्र के तहत आदिवासियों को हिन्दू बनाया कहा जा रहा है – देवेंद्र नाथ चंपिया

devendra nath champia

Adivasis are being called Hindus under a conspiracy – Devendra Nath Champia विशद कुमार बिहार विधानसभा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय आदिवासी इंडिजिनियस धर्म समन्वय समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र नाथ चंपिया ने भाजपा विधायक दल के नेता श्री बाबूलाल मरांडी के उस बयान की निंदा की है, जिसमें आरएसएस से जुड़ी जनजाति सुरक्षा मंच के मंच से …

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