मुनाफ़ा, राजनीति और महामारी

COVID-19 news & analysis

दिलचस्प है कि एक ऐसी महामारी जिसका आगमन अपरिहार्य था, उसके लिए कोविड-19 के आगमन तक कोई निवारक कार्रवाई नहीं की गई। पीटर दासज़क, जो नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंजीनियरिंग एंड मेडिसिन में माइक्रोबियल थ्रेट्स फोरम के अध्यक्ष और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार समूह के सदस्य हैं, कहते हैं कि “रोकथाम बहुत संभव थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। सरकारों ने सोचा कि यह बहुत महंगा है। जबकि फ़ार्मास्यूटिकल कंपनियां लाभ के लिए काम करती हैं”।