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Tag Archives: तीनों नए कृषि कानूनों का विश्लेषण

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : मोदीजी की माफीवीरता किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि

deshbandhu editorial

कृषि कानूनों का निरस्तीकरण : किसानों के संघर्ष और बलिदान की पहली उपलब्धि Repeal of cruel agricultural laws: the first achievement of the struggle and sacrifices of the farmers देशबन्धु में संपादकीय आज | Editorial in Deshbandhu today 16 जून 2019 को भारत-पाक के बीच वर्ल्ड कप मैच (world cup match between india pakistan) के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमी …

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क्या सत्यपाल मलिक की चेतावनी से रद्द हुए तीन कृषि कानून!

satyapal malik

क्या मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा दी गई चेतावनी तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए जिम्मेदार है? Is the stern warning given by Meghlaya Governor Satya Pal Malik responsible for the withdrawal of three farm laws? क्या मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा दी गई चेतावनी (Warning given by Meghalaya Governor Satya Pal Malik) तीन कृषि कानूनों …

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उपेंद्र कुशवाहा ने ललकारा, कृषि कानूनों का विरोध करें नहीं तो बिहार की खेती किसानी का होगा नुकसान

upendra kushwaha kisan chau

Upendra Kushwaha ki Kisan Chaupal पटना, 24 फरवरी. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (National President of Rashtriya Lok Samata Party Upendra Kushwaha) ने केंद्र के थोपे गए कृषि कानूनों को काला बताते हुए किसानों को ललकारा और कहा कि इन कृषि कानूनों का विरोध करें नहीं तो बिहार जैसे गरीब प्रदेश को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना …

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किसानों को बंधक बनाने की साजिश रची है सरकार ने, मोदी सरकार में शामिल रही पार्टी का वार

Rashtriya Lok Samata Party

खेती-किसानी भी बाजार के हवाले करना चाहती है केंद्र सरकार : रालोसपा पटना, 21 फरवरी. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (Rashtriya Lok Samata Party) ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेती-किसानी भी बाजार के हवाले कर कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं. रालोसपा ने राज्यव्यापी किसान चौपाल के बीसवें दिन कल …

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हर क्षेत्र में सवर्ण वर्चस्व को बढ़ा रही है नरेन्द्र मोदी सरकार

Shaheed Jagdev-Karpoori Sandesh Yatra

विशद कुमार किसान आंदोलन के साथ एकजुटता में 18 फरवरी को 13वें व 19 फरवरी को 14वें  दिन सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) और बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) के बैनर तले ‘शहीद जगदेव-कर्पूरी संदेश यात्रा’ जारी रही। 18 फरवरी को भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड के बरियारपुर, हरनथ, समस्तीपुर, सतपरैया, इमादपुर, खैरा, लौगांय, खुलनी आदि गांवों में ग्रामीणों से संवाद के …

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कृषि कानूनों पर देश को गुमराह कर रही है केंद्र सरकार : रालोसपा

Rashtriya Lok Samata Party

पटना, 19 फरवरी. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (Rashtriya Lok Samata Party,) ने केंद्र सरकार पर कृषि कानूनों को लेकर देशवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है और कहा है कि सरकार देश के सत्तर करोड़ किसानों के साथ खिलवाड़ कर रही है. किसान संगठनों व किसान आंदोलन के समर्थन में बिहार में किसान चौपाल लगा रही है रालोसपा चौपाल 28 …

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नरेंद्र मोदी बुरी तरह विफल, लाल किले की घटना भाजपा की साजिश : भाकपा

Communist Party of India CPI

Narendra Modi failed miserably, BJP conspiracy in Red Fort incident: CPI भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार पर हमला किया Latest and Breaking News on Makhdoom Bhavan हैदराबाद, 31 जनवरी 2021. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व महासचिव सुरवाराम सुधाकर रेड्डी ने शनिवार को मखदूम भवन (Telangana CPI Party Office ! Makhdoom Bhavan) में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की …

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नए कृषि कानूनों का विरोध आखिर इतना क्यों ? काशी के ब्राह्मण ने समझाया

Tractor-trolley trip in Malwa-Nimar in support of farmer movement

Why so much opposition to new agricultural laws? Brahmin of Kashi explained तीनों नए कृषि कानूनों का विश्लेषण नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को 56 दिन हो गए, उत्तरोत्तर यह आंदोलन कमजोर होने के बजाय पूरे देश में बढ़ता जा रहा है, आखिर क्यों इन नए कृषि कानूनों इतना विरोध हो रहा है। दो डिग्री से भी …

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संभव है उद्यम से उन्नति, जानिए कैसे

motivational article

Sambhav Hai Udyam Se Unnati: motivational article in Hindi जब मैं इकनॉमिक टाइम्स (Economic Times), बिजनेस स्टैंडर्ड या योर स्टोरी में पढ़ता हूं कि फलां-फलां स्टार्ट-अप कंपनी (start-up company) को 20 करोड़ की सीड फंडिंग मिल गई या फंडिंग के दूसरे राउंड में फलां-फलां कंपनी ने लाखों डालर की धनराशि प्राप्त की है तो मुझे बहुत खुशी होती है। अक्सर …

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राहुल ने मोदी- नड्डा को जमकर धोया, कहा मैं अपने देश की रक्षा करता हूं और यह काम मैं करता रहूंगा

Rahul Gandhi's first press conference of the year at party headquarters

पार्टी मुख्यालय में राहुल गांधी की साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, जेपी नड्डा कौन हैं? क्या मेरे प्रोफेसर हैं : राहुल गांधी Rahul Gandhi’s first press conference of the year at party headquarters नई दिल्ली, 19 जनवरी। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के यह आरोप लगाने की निंदा की कि वह किसानों को …

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तो मितरों के लाभ के लिए बिना उचित विचार विमर्श के ही यह कृषि कानून बना दिए गए ?

Farmers Protest

Were these agricultural laws made without proper discussion? : Vijay Shankar Singh कृषि कानूनों में संवैधानिक अंतर्विरोध जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है और छन-छनकर नई सूचनाएं आ रही हैं, उनसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि तीनों नए कृषि कानून बिना उचित विचार विमर्श के ही बना दिए गए। एक वेबसाइट में प्रकाशित आरटीआई के उत्तर से प्राप्त …

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सुधार कृषि के नाम पर और लाभ अडानी ग्रुप को !

Gautam Adani (गौतम अदाणी) Chairman of Adani Group

तीनों किसान कानूनों को वापस लेने में सरकार के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट है अडानी ग्रुप द्वारा कृषि सेक्टर में भारी भरकम निवेश (Adani Group invests heavily in agricultural sector) और उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी (Very close to Prime Minister Narendra Modi) होना। आज भाजपा सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का एक ट्वीट दिखा, जिंसमें वे कहते हैं …

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इन कृषि कानूनों पर क्या कैबिनेट में भी पर्याप्त विचार विमर्श हुआ था ?

Modi government is Adani, Ambani's servant. Farmers and workers will uproot it - Randhir Singh Suman

Was there enough discussion on these agricultural laws in the cabinet too? – Vijay Shankar Singh अब जब नौ दौर की बातचीत के बाद भी वार्ताकार मंत्रीगण, किसानों को यह नहीं समझा पा रहे हैं कि यह कानून कैसे किसानों के हित में बना है, तो इससे यह बात भी स्पष्ट होती है कि, या तो मंत्रीगण खुद ही यह …

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181 वूमेन हेल्पलाइन को बंद करने पर हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जबाब

Law and Justice

वर्कर्स फ्रंट की याचिका पर हुआ फैसला High court seeks reply from UP government on the closure of 181 women’s helpline Workers Front’s petition was decided लखनऊ 13 जनवरी 2021, प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा और हमलों की परिस्थितियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पिछले चार वर्षो से चलाए जा रहे 181 वूमेन हेल्पलाइन कार्यक्रम को सरकार …

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गणतंत्र दिवस मनाने से रोकने की याचिका अपने आप में ही, लोकतंत्र विरोधी है

Farmers Protest

सरकार, किसान और गणतंत्र दिवस समारोह Government, Farmers and Republic Day Celebrations / Vijay Shankar Singh आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का पर्व है। उस दिन तीन कृषि बिलों के विरोध में आंदोलनरत किसानों (Farmers agitating against three agricultural bills) ने तिरंगा फहराने और ट्रेक्टर रैली निकालने का निश्चय किया है। पर सरकार ने बजरिये अटॉर्नी जनरल (Attorney General) …

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सर्वोच्च न्यायालय कानूनों की संवैधानिकता के बजाय सरकार की असहजता के प्रति अधिक चिंतित है, न्यायपालिका के लिये दुःखद है यह स्थिति

Farmers Protest

The Supreme Court is more concerned about the discomfort of the government than the constitutionality of the laws, this situation is sad for the judiciary. अवकाशप्राप्त वरिष्ठ आईपीएस अफसर विजय शंकर सिंह का लेख यह एक नया ट्रेंड चला है कि जब-जब सरकार निर्विकल्प होने और संकट में धंसने लगती है तो वह सर्वोच्च न्यायालय की ओर देखने लगती है। …

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कृषि कानूनों पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक

Supreme court of India

कृषि कानूनों पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का विश्लेषण (Supreme Court’s comment on agricultural laws) करते हुए इस लेख में अवकाशप्राप्त वरिष्ठ आईपीएस अफसर विजय शंकर सिंह (Vijay Shankar Singh) विश्लेषण कर रहे हैं कि किस तरह सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक (inefficiency of government) है और किस तरह ये सरकार नीतिगत विकलांगता का शिकार है।… …

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नवउदारवादी/वित्त पूंजीवादी व्यवस्था के घोड़े की गर्दन पर किसानों की गिरफ्त!

Farmers Protest

Peasants’ neo-liberal / finance capitalist gripped on horse neck! प्रत्येक व्यवस्था की अपनी अन्तर्निहित गतिकी (डाइनामिक्स) होती है, जिसके सहारे वह अपना बचाव और मजबूती करते हुए आगे बढ़ती है। भारत में निजीकरण-निगमीकरण (Privatization-corporatisation in india) के ज़रिये आगे बढ़ने वाली नवउदारवादी/ वित्त पूंजीवादी व्यवस्था, जिसे नव-साम्राज्यवाद की परिघटना (The phenomenon of neo-imperialism) से जोड़ा जाता है, भी इसका अपवाद …

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आखिर सरकार कॉर्पोरेट को एमएसपी पर फसल खरीद के लिये कानूनन बाध्य क्यों नहीं कर सकती है ?

Narendra Modi Hugging Mukesh Ambani

Why can’t the government legally force the corporate to buy crops on MSP? – Vijay Shankar Singh जब सरकार एमएसपी पर फसल खरीद सकती है तो निजी क्षेत्रों को एमएसपी पर फसल खरीद करने के लिये कानूनन बाध्य क्यों नही कर सकती ? आखिर सरकार की मंशा और मजबूरी क्या है ? विश्लेषण कर रहे हैं अवकाशप्राप्त वरिष्ठ आईपीएस अफसर …

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जानिए यह कृषि कानून किसके हित में है ?

Narendra Modi flute

Know who is in the interest of this agricultural law? : Vijay Shankar Singh यह कृषि कानून किसके हित में है, सरकार के,  कॉरपोरेट के, कंपनियों के या किसानों के या फिर यह दोनों कॉरपोरेट, अपने विरुद्ध प्रतिकूल वातावरण बनते देख कर अब यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनसे इन सब कृषि कानूनों से कोई लेना देना …

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किसान आंदोलन : 40 दिन 60 मौतें, और सरकार में सन्नाटा

Farmers Protest

Kisan agitation: 40 days 60 deaths, and silence in government – Vijay Shankar Singh किसान आंदोलन : सरकारें इतनी अहंकारी क्यों हो जाती हैं दुनियाभर के जन संघर्षों की कथा (Story of mass struggles around the world) पढ़ते-पढ़ते अक्सर यह सवाल मन मे कौंध जाता है कि आखिर सरकारें इतनी ठस और अहंकारी क्यों हो जाती हैं और कैसे जनता …

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