दंगे देश की अर्थ व्यवस्था को पीछे ढकेलते हैं, दंगे मानवता के नाम पर कलंक हैं

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यह किसी से छिपा नहीं है कि देश कुछ दिनों से कमजोर उत्पादन, बेरोजगारी, आशंकित अर्थव्यवस्था के चलते चिंतित है। डॉलर की तुलना में रूपए का अवमूल्यन, महंगाई से आम लोग प्रभावित हैं। उधर कोरोना वायरस के कारण चीन से प्रतिबंधित हुए व्यापार के कारण देश के कारखानों में काम ठप्प है और इसका सीधा