वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है ..

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है .. वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… और करने भी नहीं देते… भाषण देते हैं चिल्ला-चिल्ला कर चीख़ते हैं… व्यवस्था… व्यवस्था… अब देश में है ही क्या मनोरंजन इससे सस्ता… कहीं भी मजमा जोड़ लो .. करो इतिहास पुराण की