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Tag Archives: धर्मनिरपेक्षता

पंडित जवाहरलाल नेहरू और धर्मनिरपेक्षता की चुनौतियाँ

jawahar lal nehru

Pandit Jawaharlal Nehru and the challenges of secularism in Hindi लोकतंत्र बचाना है तो क्या करना होगा? साम्प्रदायिकता के औजार क्या हैं? भारत जब आजाद हुआ तो उसकी नींव साम्प्रदायिक देश-विभाजन पर रखी गयी। फलतः साम्प्रदायिकता हमारे लोकतंत्र में अंतर्गृथित तत्व है। लोकतंत्र बचाना है तो इसके खिलाफ समझौताहीन रवैया रखना होगा। साम्प्रदायिकता के औजार हैं आक्रामकता और मेनीपुलेशन। इसने …

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मसला केवल कांग्रेस के भविष्य का नहीं, मसला देश के भविष्य का है

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कांग्रेस की चुनावी विफलता | Congress’s electoral failure कांग्रेस को इस चुनाव में जैसी हार मिली है उससे निश्चित ही कांग्रेस विचार को पसन्द करने वाले लोगों को गहरा धक्का लगा है। कांग्रेस जहां एक ओर खुद गंभीर आंतरिक चुनौतियों से गुजर रही है,वहीं दूसरी ओर भाजपा आरएसएस के सबसे वीभत्स विरोध का सामना भी उसी को करना पड़ रहा …

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जानिए यूपी चुनाव में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करना क्यों जरूरी है?

opinion debate

Know why it is necessary to protect secularism in UP elections? यूपी में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करना प्रथम चुनौती Protecting secularism in UP is the first challenge भारत में धर्मनिरपेक्षता की पुख्ता जड़ें हैं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सबसे बड़ी चुनौती है उन दलों को परखा जाए जो धर्मनिरपेक्षता की कसौटी पर खरे उतरे हैं। प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी …

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‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यों हो?’ योगी जी को सलमान खुर्शीद को थैंक्यू बोलना चाहिए!

yogi ji should say thank you to salman khurshid

Yogi ji should say thank you to Salman Khurshid! ‘हुए तुम दोस्त जिसके दुश्मन उसका आसमां क्यूं हो’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) इस समय दिल से किन लोगों को धन्यवाद-धन्यवाद कह रहे होंगे? निश्चित ही रूप से प्रधानमंत्री मोदी या अमित शाह को नहीं। अपनी पार्टी के किसी और नेता को नहीं, …

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जन साधारण के राज की बात करते हैं रैदास जी

रैदास जी जन साधारण के राज की बात करते हैं। एक ऐसे लोकतांत्रिक गणराज्य की जिसमें जनता की भौतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक सभी जरूरतें पूरी हों। रैदास की बेगमपुरा रचना प्लेटो, थामस मूर के विचार की तरह यूटोपियन नहीं है, यह ठोस व व्यावहारिक है तथा लोगों की आवश्यकता के अनुरूप है।  संत रैदास वाणी ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन …

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जस्टिस काटजू बोले जैसे ही आप मुस्लिम कट्टरवाद की निंदा करते हैं, आप सांप्रदायिक हो जाते हैं

Justice Markandey Katju

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2021. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju) ने कहा है कि हिंदू कट्टरवाद की निंदा जरूर की जानी चाहिए, लेकिन जैसे ही आप मुस्लिम कट्टरवाद की निंदा करते हैं, आप सांप्रदायिक हो जाते हैं। जस्टिस काटजू ने अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर एक संक्षिप्त पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा है कि …

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क्या धर्मनिरपेक्षता भारत की परंपराओं के लिए खतरा है?

Dr. Ram Puniyani

Hindi Article By Dr Ram Puniyani : Is Secularism a threat to Indian Traditions भारत को एक लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश राज से मुक्ति मिली. यह संघर्ष समावेशी और बहुवादी था. जिस संविधान को आजादी के बाद हमने अपनाया, उसका आधार थे स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के वैश्विक मूल्य. धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान की मूल …

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हामिद अंसारी और भारतीय बहुवाद को खतरे : हमें अंसारी की बातों को गंभीरता से लेना होगा

hamid ansari

Hamid Ansari’s Woes: Plight of Pluralism in India भारत का उदय विविधता का सम्मान करने वाले बहुवादी प्रजातंत्र के रूप में हुआ था. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हमारे संविधान में समुचित प्रावधान किये गए, जिनका खाका सरदार पटेल की अध्यक्षता वाली संविधानसभा की अल्पसंख्यकों पर समिति ने बनाया था. आज, सात दशक बाद, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके आर्थिक …

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जानिए कांग्रेस के ऊपर हमला क्यों भारत के आधुनिक राष्ट्र राज्य की हौसियत पर हमला है

opinion, debate

बुनियादी मूल्यों की रक्षा से ही देश बचेगा Know why the attack on Congress is an attack on the hilarity of the modern nation state of India The country will survive only by protecting basic values 80 के अंतिम सालों में कांग्रेस के कमज़ोर होने के साथ ही राजनीति मुख्यतः दो ध्रुवीय होने लगी। धर्मनिरपेक्ष और साम्प्रदायिक। पहले खेमे में …

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