धूमिल के साहित्य के केंद्र में है लोकतंत्र की आलोचना – प्रो. आशीष त्रिपाठी

Criticism of democracy is at the heart of Dhumil's literature

Criticism of democracy is at the heart of Dhumil’s literature – Prof. Ashish tripathi वाराणसीः उदय प्रताप कॉलेज के हिंदी विभाग और धूमिल शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा संकाय के सभागार में जनकवि धूमिल की पुण्यतिथि पर ‘भारतीय लोकतंत्र और विपक्ष का कवि धूमिल’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके