नदियों, तालाबों, झील पर पहला प्राकृतिक हक निषाद समाज का – अजय कुमार लल्लू

Lallu Arrested

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने किया नदी अधिकार यात्रा निकालने वाले कांग्रेसियों का स्वागत, किया माल्यार्पण

फिशरमैन कांग्रेस विभाग के पूर्वी उप्र के अध्यक्ष देवेन्द्र निषाद, पिछड़ा वर्ग विभाग पूर्वी जोन के चेयरमैन मनोज यादव और जितेंद्र कुमार का मुख्यालय में किया स्वागत

नदी अधिकार यात्रा के माध्यम से अति पिछड़ा वर्ग से संवाद स्थापित किया गया- कांग्रेस

वंचित और हाशिए के तबके की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध- अजय कुमार लल्लू

लखनऊ 02 अप्रैल 2021। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा 01 मार्च से प्रयागराज के बसवार गांव से निकालकर नदी अधिकार यात्रा 23 मार्च को बलिया के माझी घाट पर समाप्त हुई। यह यात्रा लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय करके बलिया के माझी घाट पहुंची। 23 दिनों तक चली इस नदी अधिकार यात्रा निकालने वाले और पूरे समय मौजूद रहे कांग्रेसजनों का आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू जी ने स्वागत किया।

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के फिशरमैन कांग्रेस विभाग के पूर्वी उप्र के अध्यक्ष देवेन्द्र निषाद, पिछड़ा वर्ग विभाग के पूर्वी जोन के चेयरमैन श्री मनोज यादव एवं जितेन्द्र कुमार का स्वागत किया गया। इस मौके पर अभा कांग्रेस कमेटी के सचिवगण जुबेर खान, धीरज गुर्जर, रोहित चौधरी, प्रदीप नरवाल एवं तौकीर आलम भी मौजूद रहे।

आरोप है कि प्रयागराज के बसवार में यूपी पुलिस ने भयानक पुलिसिया उत्पीड़न किया था और लगभग दो दर्जन नावों को क्षतिग्रस्त किया था। कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी पीड़ितों से मुलाकात करने प्रयागराज गयी थीं। कांग्रेस महासचिव ने पीड़ितों की आर्थिक मदद के साथ साथ उनके हर मुद्दे पर लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता जाहिर की। जिसके तहत नदी अधिकार यात्रा निकाली गयी। इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेसजनों ने अतिपिछड़ा वर्ग से संवाद स्थापित किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि नदियों, तालाबों, झील पर पहला प्राकृतिक हक निषाद समाज का है। भाजपा की योगी सरकार ने निषाद समाज का हक छीनकर खनन माफियाओं के हवाले कर दिया है। कांग्रेस पार्टी निषाद समाज के हितों की लड़ाई लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि वंचित और हाशियों के तबके की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है।

प्रयागराज से पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर नदी अधिकार यात्रा बलिया के माझी घाट पहुंची

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

छह जिलों के 200 निषाद बाहुल्य गांवों में हुआ सघन जनसम्पर्क

बसवार में पुलिसिया उत्पीड़न के बाद 1 मार्च को शुरू हुई थी पदयात्रा

हाशिये के समाज की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है कांग्रेस : बाजीराव खाड़े

नदियों और तालाबों पर पहला हक़ निषाद समाज का है : देवेंद्र निषाद
निषाद समाज पूरे प्रदेश में बसवार की घटना से आक्रोशित, 2022 में करारा जबाब देगा : देवेंद्र निषाद

कांग्रेस पार्टी ने निषाद समाज के लिए आवाज उठाई और दर्द को समझा : मनोज यादव

योगी सरकार में वंचित समाज का उत्पीड़न बढ़ा, सड़कों पर लड़ा जाएगा : मक़सूद खान

बलिया/लखनऊ, 23 मार्च 2021। यूपी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग द्वारा निकाली गई नदी अधिकार यात्रा बलिया के माझी घाट पर पूरी हुई। यह पदयात्रा 1 मार्च को प्रयागराज के बसवार गांव से निकली थी।

गौरतलब है कि बसवार गांव में निषाद समाज के ऊपर बर्बर लाठीचार्ज हुआ था। निषाद समाज की नाव तोड़ी गयी थी जिसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बसवार आयीं। कांग्रेस पार्टी ने निषाद परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की थी। महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर नदी अधिकार यात्रा प्रयागराज से रवाना हुई।

यह यात्रा प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर होते हुए बलिया पहुंची है। कांग्रेस पार्टी ने इस यात्रा के जरिये 200 निषाद बाहुल्य गांवों में सघन जनसंपर्क किया। बसवार से माझी घाट तक यह यात्रा 505 किलोमीटर पदयात्रा करके पहुंची।

माझी घाट पर यात्रा का समापन होने के बाद रामगढ़ में जनसभा हुई।

जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खाड़े ने कहा कि पदयात्रियों के पैरों में छाले पड़ गए हैं। कई यात्री बीमार भी हुए लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। यही प्रतिबद्धता है कि हम हाशिये के समाज की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव व निषाद समाज के नेता देवेंद्र निषाद ने कहा कि गंगा किनारे की यह 505 किलोमीटर की पदयात्रा में मैंने समाज के दर्द को महसूस किया है। 32 सालों में प्रदेश में हमें ठगा और छला गया। नदियों और तालाबों के पहले के  अधिकार से हमें बेदखल किया गया।

उन्होंने नदी अधिकार यात्रा की मांगों को दोहराते हुए कहा कि नदियों पर निषादों के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाय। एनजीटी की गाइडलाइंस का हवाला देकर यूपी सरकार द्वारा नदियों में नाव द्वारा बालू खनन पर लगी रोक को हटाया जाए।

उन्होंने कहा कि नदियों से बालू, मोरंग, मिट्टी निकालने के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाए और जिन नाव घाट पर पीपापुल का निर्माण हो उसके टोल ठेका में निषादों को वरीयता मिले। बालू खनन से माफिया राज खत्म किया जाए और मशीन द्वारा होने वाले बालू खनन पर रोक लगाई जाए।

सभा को संबोधित करते हुए पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष मनोज यादव  ने कहा कि नदियों के किनारे खेती के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। नदियों में मछली मारने का निर्बाध अधिकार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि बसवार की बर्बर घटना की न्यायिक जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही हो। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने पूरे निषाद समाज के दर्द और तकलीफ को समझा है और अपनी आवाज़ बुलंद की है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।

जारी प्रेस नोट में प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह कहा कि यह सरकार लगातार कमजोर लोगों का शोषण कर रही है। प्रदेश में हर ऐसे उत्पीड़न दमन के खिलाफ हमारी महासचिव प्रियंका गांधी ने आवाज़ बुलंद की। चाहे वह आदिवासियों के ऊपर दमन की उभ्भा की घटना रही हो, संविधान विरोधी नागरिकता कानून रहा हो। हाथरस की घटना रही हो। महासचिव प्रियंका गांधी ने आवाज़ बुलंद की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में वंचित समाज पर उत्पीड़न बढ़ा है और इसके खिलाफ सड़कों पर लड़ाई लड़ा जाएगा।

पदयात्रा में लगातार चले ओमप्रकाश ठाकुर, गोरख नाथ यादव, दिनेश चौधरी, संजय मौर्या, जितेंद्र पटेल, दयाराम पटेल, विनोद, दीपक मौर्या, शंकर यादव, श्याम जी राजभर, सेतराम केशरी, रमेश बिंद, शिवलोचन निषाद, राजीव लोचन निषाद, धर्मेन्द्र निषाद, दीनबंधु यादव, कृष्णकांत, अंगद यादव, राजेश साहनी, सुनील राजभर, मुरली मनोहर कन्नौजिया,आकाश तिवारी का स्वागत बलिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने किया।

20 दिन, 443 किलोमीटर : जारी है कांग्रेस की नदी अधिकार पदयात्रा

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

लखनऊ, 21 मार्च 2021. कांग्रेस की नदी अधिकार पदयात्रा 20 दिन से जारी है। यह यात्रा अब तक 443 किलोमीटर की यात्रा कर चुकी है। नदी अधिकार यात्रा के 20वें दिन पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट के जरिए समझते हैं, क्या है ये यात्रा, क्या है इसका इतिहास और क्या है इसका राजनीतिक महत्व …

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रयागराज के यमुना के किनारे बसवार गांव में बीती 4 फरवरी को निषाद समुदाय के ऊपर पुलिसिया उत्पीड़न हुआ। कथित अवैध खनन के नाम पर पुलिस ने निषादों की 18 नाव को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बच्चों के ऊपर भयानक लाठीचार्ज किया। सिर्फ इतना ही नहीं गांव के सैकड़ों लोगों के ऊपर पुलिस ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बर्बर कार्यवाही की थी।

यह खबर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को मौनी अमावस्या के दिन उनकी नाव चलाने वाले नाविक ने दी।

महासचिव प्रियंका गांधी को खबर मिलने के बाद 48 घंटे नहीं बीते कि वे बसवार पहुंच गईं। बसवार जाने के बाद महासचिव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। यमुना के धूल भरे कछार में ढाई किलोमीटर पैदल चलकर नाव देखने गयीं।

कांग्रेस महासचिव प्रयागराज से दिल्ली रवाना होतीं, उससे पहले ही अपने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निषाद समाज की मांगों को लेकर वे पदयात्रा निकालें। यूपी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग ने 1 मार्च से बसवार गांव से नदी अधिकार यात्रा को निकाला जोकि अब 20 वें दिन बलिया जिले में पहुंची। यात्रा ने अब तक 443 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की है।

नदी अधिकार यात्रा में लगे कांग्रेसजन हर दिन लगभग 7 से 10 निषाद बाहुल्य गांवों में सघन जनसंपर्क करती हैं।

महासचिव प्रियंका ने कहा गांव-गांव से उठ रही है आवाज़ निषाद समुदाय को उनका हक मिले

महासचिव प्रियंका गांधी ने नदी अधिकार यात्रा पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि यूपी कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग विभाग की नदी अधिकार यात्रा 19 दिन से 418 किमी चलकर निषाद समाज के बीच जाकर उनके हक की आवाज उठा रही है। निषाद नदियों के राजा और रक्षक हैं। नदी, नालों, तालाब, झील के संसाधनों पर उनका नैसर्गिक हक है।

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि निषाद समाज के गांव-गांव से एक ही आवाज उठ रही है कि उनकी सुख-दुख की साथी नदियों के संसाधनों बालू, मछली, नदी किनारे की जमीन इत्यादि के इस्तेमाल को बड़े पूजीपतियों-ठेकेदारों के चंगुल से निकालकर निषादों को इनके उपयोग का हक मिलना चाहिए।

यूपी की प्रभारी महासचिव प्रियंका गाँधी ने कहा कि ये उनकी जीविका का सवाल है और हम निषाद समाज की जीविका के हक को दिलाने की लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता से लड़ेंगे।

उन्होंने ट्वीट के अंत में कहा लिखा है कि यात्रा की अगुवाई कर रहे देवेंद्र निषाद, कुंवर निषाद (विधायक) वंदना निषाद व यात्रा में शामिल सभी साथियों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूँ।

23 फरवरी को महासचिव प्रियंका गांधी ने बसवार से पीड़ितों से मिलकर जाने के बाद पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये की संयुक्त मदद की घोषणा की, साथ ही साथ निषाद समाज के परंपरागत अधिकारों की मांग की। कुछ दिनों बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने 18 पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद करने बसवार पहुंचे।

नदी अधिकार यात्रा की प्रमुख मांगे, गांव-गांव बंट रहा है पर्चा

नदी अधिकार पदयात्रा में गांव गांव में पर्चे बांटे जा रहे हैं। अब तक 2 लाख पर्चे निषाद बाहुल्य गांवों में बांटे जा चुके हैं।

पर्चे में लिखा है कि नदी अधिकार यात्रा के जरिये कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि

1-नदियों पर निषादों के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाय।

2- एनजीटी की गाइडलाइंस का हवाला देकर यूपी सरकार द्वारा नदियों में नाव द्वारा बालू खनन पर लगी रोक को हटाया जाय।

3-नदियों से बालू निकालने के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाय।

4-बालू खनन से माफिया राज खत्म किया जाय।

5- मशीन द्वारा होने वाले बालू खनन पर रोक लगाई जाय।

6-नदियों के किनारे खेती के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाय।

7-नदियों में मछली मारने का निर्बाध अधिकार दिया जाय।

8- निषाद समाज पर पुलिसिया उत्पीड़न बन्द हो, निर्दोष लोगों के ऊपर से मुकदमें वापस ले सरकार।

9- बसवार की बर्बर घटना की न्यायिक जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही हो।

बसवार गांव के पीड़ित परिवार निषाद बाहुल्य गांवों में जाकर बता रहे हैं अपना दर्द

गोद में चार महीने का बच्चा, सर पर पल्लू रखीं 35 साल की वंदना निषाद अपने संबोधन में अक्सर भावुक हो जाती हैं। वे रोकर लोगों के बीच में कहती हैं कि मेरे गांव की महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के पैर पकड़ लिए थे। बहुत गिड़गिड़ाते हुए कहा था कि साहब रोजी रोटी चलती है नाव से हमारी, मत तोड़िये लेकिन पुलिस ने नहीं सुना। नावें तोड़ डालीं। गांव में लाठीचार्ज किया। शिकारी कुत्ते छोड़ें। अब कुछ बाकी नहीं योगी सरकार ने सब तबाह कर दिया है। लेकिन अब निषाद समाज अत्यचार नहीं सहेगा।

बसवार से बलिया तक नहीं, पूरे प्रदेश में निषाद समाज एकजुट हो रहा है

इस यात्रा की अगुवाई कांग्रेस के प्रदेश सचिव देवेंद्र निषाद कर रहे हैं। 20 दिन से लगातार चल रहे देवेंद्र निषाद की तबियत खराब है। लेकिन उनके हौसले कम नहीं हैं। वे कहते हैं कि यह बसवार से बलिया तक की यात्रा नहीं है। इस यात्रा के जरिये निषाद समाज पूरे प्रदेश में एकजुट हो रहा है। वे आगे कहते हैं कि निषाद जाति सबसे बड़ी अतिपिछड़ी जाति है लेकिन सपा, बसपा और भाजपा समेत सबने हमें ठगा है। भाजपा ने निषाद समाज को ठगने के लिए कई दुकानें खोली हैं लेकिन अब समाज जाग चुका है।

सामाजिक न्याय : कतार के आखिरी आदमी की लड़ाई है मजबूती से लड़ेगी कांग्रेस

यूपी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष के पैरों में कई पट्टियां लगीं हैं। छाले अब फूट गए हैं। लोगों को जगह जगह संबोधित करते हुए मनोज यादव कहते हैं कि कांग्रेस की प्रतिबद्धता कतार के आखिरी आदमी के लिए हैं। यह सामाजिक न्याय और इंसाफ की लड़ाई है। इसे पार्टी मजबूती के साथ लड़ेगी।

नदी अधिकार कानून बनाकर देंगे निषाद समाज का हक़

कांग्रेस महासचिव मक़सूद खान और विश्वविजय सिंह कहते हैं कि निषाद समाज को उनका हक मिलना चाहिए। कांग्रेस ने अन्य राज्यों में निषाद समाज के लिए कई हितकारी योजनाएं चलाईं हैं। यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो नदियों पर निषादों का हक़ कायम होगा।

हर गांव में यात्रा का स्वागत, महिलाएं एक गांव से दूसरे गांव तक कर रहीं हैं विदा

इस यात्रा में सबसे अधिक भागीदारी महिलाओं की रही है। महिलाएं हर गांव में यात्रा का स्वागत कर रहीं हैं। कांग्रेसजनों को दाना-पानी करा रही हैं। साथ ही साथ अपने गांव से दूसरे गांव तक यात्रा को विदा कर रहीं हैं।

1 मार्च से शुरू हुई यह यात्रा बसवार से चली है और बलिया के माझी घाट पर खत्म होगी। यह यात्रा करीब 500 किलोमीटर पैदल चली है। कुछ दुर्गम्य स्थलों पर नाव से भी सफर तय किया है। इस यात्रा में छत्तीसगढ़ के विधायक कुँवर सिंह निषाद लगातार चल रहे हैं।

निषाद गांवों में रात्रि विश्राम भी, सांस्कृतिक कार्यक्रम से जागरूकता

रात्रि में यात्रा निषाद गांवों में गंगा के किनारे रुकती है। अबतक 19 पड़ाव पूरे हो चुके हैं। निषाद गांवों में भोजपुरी बिरहा के जरिये बसवार गांव की घटना और भाजपा के जनविरोधी नीतियों को लोकगायक बता रहे हैं।

प्रियंका ने कहा नदियों को बड़े पूजीपतियों-ठेकेदारों के चंगुल से निकालकर निषादों को इनके उपयोग का हक मिले

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

नदी अधिकार यात्रा का 20वां दिन

लखनऊ, 20 मार्च 2021. कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में प्रयागराज से बलिया के बीच जारी कांग्रेस की नदी अधिकार यात्रा के 20वें दिन ट्वीट करके पदयात्रियों का हौसला बढ़ाया है।

श्रीमती गांधी ने सिलसिलेवार ट्वीट (Smt Priyanka Gandhi’s Tweet ) किया

“यूपी कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग विभाग की नदी अधिकार यात्रा 19 दिन से 418 किमी चलकर निषाद समाज के बीच जाकर उनके हक की आवाज उठा रही है। निषाद नदियों के राजा और रक्षक हैं। नदी के संसाधनों पर उनका हक है।

निषाद समाज के गांव-गांव से एक ही आवाज उठ रही है कि उनकी सुख-दुख की साथी नदियों के संसाधनों बालू, मछली, नदी किनारे की जमीन इत्यादि के इस्तेमाल को बड़े पूजीपतियों-ठेकेदारों के चंगुल से निकालकर निषादों को इनके उपयोग का हक मिलना चाहिए।

ये उनकी जीविका का सवाल है और हम निषाद समाज की जीविका के हक को दिलाने की लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता से लड़ेंगे।

..यात्रा की अगुवाई कर रहे देवेंद्र निषाद, कुंवर निषाद (विधायक) वंदना निषाद व यात्रा में शामिल सभी साथियों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूँ।“

नदी अधिकार यात्रा के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश के बड़े अति पिछड़ा वर्ग मल्लाह, बिंद, केवट निषाद के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया है।

पूरे प्रदेश का निषाद समाज बसवार की घटना से आहत, 2022 में भाजपा को सबक सिखाने तैयार : देवेन्द निषाद

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

नदी अधिकार यात्रा : 374 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी

नदी अधिकार यात्रा का आज 17 वां दिन, आज 374 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी

यात्रा का गाज़ीपुर जिले के कलेक्टर घाट पर होगा पड़ाव

रोजाना दर्जनों निषाद बाहुल्य गांवों में यात्रा करती है जनसम्पर्क
प्रयागराज के बसवार से निकली है यात्रा बलिया के माझी घाट पर होगी खत्म

बसवार गांव, प्रयागराज के पीड़ित निषाद समुदाय के लोग भी यात्रा में शामिल

निषाद गांवों में जाकर बता रहे हैं योगी सरकार के उत्पीड़न की कहानी

बसवार की घटना से रूह कांप जाती है, लाठीचार्ज में पुलिस ने महिलाओं तक को नहीं छोड़ा : वंदना निषाद

बसवार की घटना की प्रत्यक्षदर्शी हैं वंदना निषाद

प्रियंका गांधी ने निषाद समाज की पीड़ा को समझा है, समाज उनके साथ खड़ा होगा : वंदना निषाद

बसवार की न्यायिक जांच हो, दोषियों सजा दे सरकार : वंदना निषाद

पिछड़ा समाज को योगी आदित्यनाथ ने ठगा है : मनोज यादव

योगी सरकार में पिछड़ो के ऊपर हमला बढ़ा है : मनोज यादव

नदियों किनारे खेती करने का पहला हक़ निषादों का : देवेंद्र निषाद

कांग्रेस की नदी अधिकार यात्रा का आज 15 वां दिन, 330 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी

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नदी अधिकार यात्रा : अपडेट

कांग्रेस की नदी अधिकार यात्रा : आज 15 वां दिन,  330 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी

गाज़ीपुर के पटना गांव में निषाद समाज ने किया स्वागत

नदी अधिकार यात्रा में शामिल हुए राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर
चन्दौली के टांडा गांव में निषाद समाज ने नदी अधिकार यात्रा को विदा किया

बसवार प्रयागराज से शुरू नदी अधिकार यात्रा आज गाज़ीपुर जिले में कर रही प्रवेश

प्रयागराज, भदोही, मिर्ज़ापुर, वाराणसी, चन्दौली, गाज़ीपुर होते हुए बलिया जाएगी यात्रा

बसवार में निषाद समाज के उत्पीड़न और पुलिसिया दमन के खिलाफ चल रही है यात्रा

निषाद समाज के नदियों पर अधिकार के लिए जारी है कांग्रेस की यात्रा

निषाद समाज की लड़ाई लड़ने के प्रतिबद्ध है कांग्रेस: धीरज गुर्जर

भाजपा ने हमारे समाज की नाव तोड़ी है, हमारा समाज सरकार का घमंड तोड़ेगा: देवेंद्र निषाद

नदियों किनारे खेती करने का अधिकार निषादों को मिले: देवेंद्र निषाद

बसवार में निषाद समाज पर हुए पुलिसिया हमले की न्यायिक जांच हो: देवेंद्र निषाद

निषाद समाज ने चन्दौली के टांडा कला से पटना गांव तक नाव से पदयात्रियों को पहुंचाया

नदी अधिकार यात्रा का छठा दिन, मिर्ज़ापुर के मिसिरपुर घाट पहुंची यात्रा

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

निषाद समाज ने चेहरा गांव में नदी अधिकार यात्रा का गाजे बाजे के साथ किया स्वागत

बालू निकालने का हक़ निषादों को दिया जाए : देवेंद्र निषाद

पूरे प्रदेश में निषाद समाज को एकजुट करेंगे, बसवार से बलिया तो शुरुआत है : देवेंद्र निषाद

निषाद समाज को नदियों के कछार में खेती करने का मिले अधिकार : मनोज यादव

मिर्ज़ापुर, 06 मार्च 2021। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग की तरफ से निकाली गयी नदी अधिकार पद यात्रा आज प्रयागराज के मांडा से सुबह निकली।

प्रयागराज के बसवार से निकली यह यात्रा अबतक कुल 130 किलोमीटर चल चुकी है। मिर्ज़ापुर की सीमा में प्रवेश करते समय चेहरा गांव में निषाद समाज के लोगों ने गाजे बाजे के साथ पदयात्रा का स्वागत किया।

प्रदेश सचिव देवेन्द्र निषाद ने योगी सरकार से मांग करते हुए कहा कि योगी सरकार एनजीटी के नाम पर लगी रोक को तत्काल हटाए और बालू, मोरंग आदि पर निषाद समाज का पारंपरिक हक़ बहाल किया जाए।

उन्होंने देवरी गांव में निषाद समाज के साथ संवाद करते हुए कहा कि बसवार में जो निषाद विरोधी घटना हुई है वह योगी आदित्यनाथ  सरकार की सत्ता में ताबूत की आखिरी कील साबित होगी।

देवेंद्र निषाद ने कहा कि बसवार से बलिया तक यात्रा तो बस शुरुआत है, अब पूरे प्रदेश में निषाद समाज को योगी आदित्यनाथ की सरकार के खिलाफ एकजुट किया जाएगा।

पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि इस सरकार में अतिपिछड़ा समाज का बहुत उत्पीड़न हुआ है। तमाम भर्तियों में पिछड़े समाज को हक़ नहीं मिला। उनके ऊपर पुलिसिया उत्पीड़न हुआ।

मनोज यादव ने नदी अधिकार यात्रा की मांगों को दोहराते हुए कहा कि निषाद समाज को नदियों के कछार में खेती करने का अधिकार मिले।

निषाद समाज अब बहकावे में नहीं आएगा, बसवार से बलिया तक निषाद समाज कांग्रेस के साथ एकजुट: देवेंद्र निषाद

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

नदी अधिकार यात्रा में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू हुए शामिल

नदी अधिकार यात्रा का तीसरा दिन, सिरसा में आज होगा पड़ाव

अतिपिछड़ा समाज का उत्पीड़न और दमन कर रही है भाजपा : अजय कुमार लल्लू

सरकार बनी तो निषाद समाज को नदियों, तालाबों पर पट्टे का अधिकार देगी कांग्रेस : अजय कुमार लल्लू

प्रयागराज, 3 मार्च 2021। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी पिछड़ा वर्ग द्वारा निकाली गई नदी अधिकार यात्रा आज तीसरे दिन जारी रही।

नदी अधिकार यात्रा में आज प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू शामिल हुए। नदी अधिकार यात्रा मे आज लटकहा, गड़ैला, बसहीं, दुमदुमा, असरिहा, सिरसा गांवों में निषाद समाज से संवाद और पर्चे वितरण हुआ। साथ ही साथ नदी अधिकार पत्र भी भरवाए गए।

नदी अधिकार यात्रा में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार अतिपिछड़ा समाज का उत्पीड़न और दमन कर रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार गोरखपुर से बसवार तक निषाद समाज के उत्पीड़न में शामिल रही है। यह महज एक  उदाहरण है इस सरकार में अतिपिछड़ा समाज पर लगातार हमले हुए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हमारी महासचिव लगातार सड़को पर हर उत्पीड़न और दमन के खिलाफ लड़ रहीं हैं। उन्होंने सिरसा में निषाद समाज के लोगों के बीच कहा कि 2022 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है। हम निषाद समाज को उनका हक देंगे। उनको नदियों और तालाबों पर पट्टे दिए जाएंगे।

यात्रा के दौरान प्रदेश सचिव देवेंद्र निषाद ने कहा कि निषाद समाज को सपा बसपा और भाजपा ने ठगा है। भाजपा ने निषाद समाज के साथ वादा खिलाफी की। समाज यह बर्दाश्त नहीं करेगा।

प्रदेश सचिव ने कहा कि निषाद समाज के साथ सत्ता के लालच में कुछ लोग भाजपा के साथ जा मिले। उनके लिए उनका बेटा प्रिय है, समाज नहीं। ऐसे लोगों से समाज को बचना चाहिए।

यात्रा में शामिल हुए पिछड़ा वर्ग के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश ठाकुर ने कहा कि अति पिछड़ा समाज भाजपा के छल को जान गया है। अब समाज भाजपा के भ्रमजाल नहीं आएगा।

अतिपिछड़ा समाज का उत्पीड़न कर रही है योगी सरकार, सपा-बसपा ने धोखा दिया: राहुल राजभर

nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

सरकार आयी तो निषादों को उनके पारम्परिक हक़ और नदियों-तालाबों के पट्टे देगी कांग्रेस: ज़ुबैर खान

नदियों से नाव से बालू निकालने का हक़ दे सरकार, पीपे के पुलों के निर्माण में निषाद समाज को मिले प्राथमिकता: कुँवर सिंह निषाद

नदी अधिकार यात्रा का दूसरा दिन, आज देर शाम डीहा मे होगा पड़ाव

प्रयागराज, 02 मार्च 2021। कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा वर्ग की तरफ से प्रयागराज बसवार से शुरू हुई नदी अधिकार यात्रा कल देर रात मवैया गांव पहुंची। निषाद समाज के लोगों ने पदयात्रियों का बहुत उत्साह और अपनत्व के साथ गाजे-बाजे संग स्वागत किया।

देर शाम ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव ज़ुबैर खान ने कहा कि निषाद समाज के लोगों को कांग्रेस के शासन काल में बहुत सारे पारम्परिक हक़ और अधिकार मिले थे। नदियों और तालाबों पर उनका पट्टा था लेकिन यह सरकार अपने चंद पूंजीपति दोस्तों को खुश करने के लिए उनका हक़ छीनने की साजिश कर रही है।

लवायन गांव में निषाद समाज को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के विधायक व संसदीय सचिव कुँवर सिंह निषाद ने कहा कि निषाद समाज आदि मालिक है। नदियों के किनारे सदियों से रहता आया है, लेकिन आज निषाद विरोधी यह सरकार हमारे समाज को नदियों से बेदखल करना चाहती है। हम अपने हक़ और अधिकार से बेदखल नहीं होंगे, बल्कि इस सरकार सत्ता से बेदखल होना पड़ेगा।

चटकहना गांव में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव राहुल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार में अतिपिछड़ा समाज का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। भाजपा सत्ता में आने के पहले अतिपिछड़ों को आरक्षण की देने की बात करती थी लेकिन सत्ता में आने के बाद सामाजिक न्याय की हत्या कर रही है।

आज मवैया, लवायन कला, चटकहना, चांडी, खड्सड़ा, मनइया, खनिका गांवों में सघन जनसम्पर्क किया गया। साथ ही साथ पर्चा वितरण और नदी अधिकार पत्र भरवाए गए। खड्सड़ा से मनइया तक नाव यात्रा हुई।