मोदीजी, ऐसे बयानों से तो और भड़केगा सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो रहा आंदोलन

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

किसी भी लोकतांत्रिक देश में जब माहौल बिगड़ता है तो उस देश की सरकार का दायित्व बनता है कि वह किसी भी तरह से माहौल को शांत करे। जब बात किसी मांग की होती है और आंदोलन राष्ट्रव्यापी हो तो सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है कि वह उस आवाज को सुने। केंद्र में