कृषि विधेयक : नोटबन्दी, जीएसटी, तालाबंदी के बाद अब यह चौथा मास्टरस्ट्रोक, जो अर्थव्यवस्था की रही सही कमर तोड़ेगा

More than 50 bighas of wheat crop burnt to ashes of 36 farmers of village Parsa Hussain of Dumariyaganj area

2 farm bills clear Rajya Sabha hurdle amid protests रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे (Opposition uproar in Rajya Sabha) के बीच कृषि विधेयक ध्वनिमत से पारित हुए। इसके साथ ही मोदी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में तथाकथित नए सुधार के कार्यक्रमों को अमलीजामा पहनाने के लिए लाए गए कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य

कोराना काल में नीरो की बंशी

narendra modi flute

Bansuri of Nero in the Corana era प्रेरणा अंशु मई अंक का अत्यंत प्रासंगिक सम्पादकीय | Very relevant editorial of Prerna Anshu May issue   पिछली 15 मार्च को जब हम लोग प्रेरणा-अंशु के वार्षिक समारोह व मास्साब की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पुस्तक ‘गाँव और किसान‘ के विमोचन का कार्यक्रम आयोजित कर

यह फरेब और धोखा है कि बिना जांच, इलाज के सिर्फ लॉक डाउन से कोरोना खत्म होगा

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

It is deceit and deception that without investigation, treatment, only the lock down will end the corona यह फरेब और धोखा है कि बिना जांच, इलाज के सिर्फ लॉक डाउन से कोरोना खत्म होगा। अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की बेशर्म कोशिश ने पूरे देश में संक्रमण का खतरा बढ़ाया है। अर्थव्यवस्था तनहा की और

नोटबन्दी और बैंकों द्वारा क़र्ज़ देने का सवाल

PM Narendra Modi's address to the nation on demonetization of Rs. 500 & Rs. 1000 currency notes.

इस तथ्य को साबित करने वाले बेहद कम सबूत हैं कि बैंकों में आए अतिरिक्त नक़द पैसे से ऋण वृद्धि को बढ़ावा मिला। There is little evidence to show that credit growth was stimulated by the additional cash that came into banks.  प्रभात पटनायक Prabhat Patnaik नवंबर 2016 में 500 और 1,000 रुपये मूल्यवर्ग के