14 को एमएसपी अधिकार दिवस मनाएगी किसान सभा

Kisan Sabha

Kisan Sabha will celebrate MSP Rights Day on 14th रायपुर 10 अक्तूबर 2020. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान सभा सहित देश में किसानों और आदिवासियों के 300 से अधिक संगठन 14 अक्टूबर को “न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिकार दिवस” मनायेंगे और घोषित समर्थन मूल्य से कम कीमत पर फसल की खरीदी

अब इस किसान असंतोष को सरकार नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है

Bharat Bandh Farmers on the streets throughout Chhattisgarh

सरकार उद्योग की कीमत पर कृषि को जिस दिन से नज़रअंदाज़ करने लगेगी, उसी दिन से देश की आर्थिकी खोखली होने लगेगी। सरकार को चाहिए कि वह देश और अर्थव्यवस्था के हित में किसान संगठनों से बात करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।

किसी की आपदा, किसी का अवसर! मेहनत-मजदूरी करने वालों की आपदा को कार्पोरेटों के लिए अवसर बनाने की धोखाधड़ी नहीं चलेगी

महामारी के बीचो-बीच और वास्तव में देशव्यापी लॉकडाउन के बीच (Amidst nationwide lockdown), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ‘आपदा को अवसर’ बनाने का आह्वान किया था, उस समय तो उनके कटु आलोचकों ने भी नहीं सोचा होगा कि वह सचमुच, कोविड-19 महामारी की आपदा को, कार्पोरेटों की सेवा के अपने असली एजेंडा को पहले से

अगर पीएम ईमानदार हैं, तो एमएसपी का प्रावधान एक नया कानून बनाकर क्यों नहीं स्थाई किया जाता है ?

Narendra Modi flute

सरकार ने कृषि सुधार की ओर कभी गंभीरता से ध्यान ही नहीं दिया। जबकि भारत की अर्थव्यवस्था का यह मूलाधार है। कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार की बात ही छोड़ दीजिए, विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री भी यह नहीं समझ पाये कि देश और समाज को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने में किसान और खेती की ही भूमिका होती है, बड़े धनपशुओं की नहीं !

किसान विरोधी हैं तीनों नए कानून, जानिए किसान कृषि विधेयकों से नाखुश क्यों हैं

Bharat Bandh Farmers on the streets throughout Chhattisgarh

All three new laws are anti-farmer हाल ही में, हरियाणा में किसानों के एक आंदोलन पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज (Barbaric lathi charge by police on a farmers agitation in Haryana) किया गया है। किसान, सरकार द्वारा पारित तीन नए अध्यादेशों या कानून का विरोध कर रहे थे। किसानों से जुड़े तीनो नए कानून

अपने बुने जाल में फंस गई मोदी सरकार, कृषि विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ किसानों का देशव्यापी प्रतिरोध आंदोलन 25 को

Kisan Sabha

Farmers nationwide resistance movement against 25 anti-agricultural ordinances on 25 रायपुर, 18 सितंबर 2020. कृषि संबंधी तीन अध्यादेशों को इस संसद सत्र में कानून का रूप दिया जा रहा है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने इन अध्यादेशों को कृषि विरोधी बताते हुए 25 सितम्बर को देशव्यापी प्रतिरोध आंदोलन का आह्वान किया है। यह जानकारी

देश विकास कर रहा है, तो लोग आत्महत्या करने पर मजबूर क्यों हो रहे हैं? गिरती जीडीपी का बढ़ती आत्महत्याओं से क्या संबंध

More than 50 bighas of wheat crop burnt to ashes of 36 farmers of village Parsa Hussain of Dumariyaganj area

गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती किसान आत्महत्याएं : मध्यप्रदेश आगे, तो छत्तीसगढ़ भी पीछे नहीं If the country is developing, then why are people forced to commit suicide? किसी भी देश में आत्महत्या की दर (Suicide rate) उसके सामाजिक स्वास्थ्य का संकेतक (Indicator of social health) होती है। हमारे देश में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime

संसद सत्र के पहले दिन ही 14 सितम्बर को पूरे देश में किसान करेंगे प्रदर्शन

Parliament of India

On the first day of the Parliament session on September 14, farmers will demonstrate across the country रायपुर, 11 सितंबर 2020. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर अपनी लंबित मांगों को लेकर पूरे देश में किसान संसद सत्र के पहले दिन ही 14 सितम्बर को देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। छत्तीसगढ़ में ये प्रदर्शन

खेती-किसानी की मांगों पर कल 5 सितम्बर को किसान सभा करेगी देशव्यापी प्रदर्शन

Kisan Sabha

Kisan Sabha will hold a nationwide protest tomorrow on September 5 on the demands of farming and farmers रायपुर, 04 सितंबर 2020. केंद्र सरकार से कृषि विरोधी अध्यादेशों और पर्यावरण आकलन मसौदे को वापस लेने, कोरोना संकट के मद्देनजर ग्रामीण गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न और नगद राशि से मदद करने, मनरेगा में 200 दिन काम

मोदी का ‘नया भारत’, हमारी संवैधानिक व्यवस्था के अस्तित्व के लिए ही खतरा पैदा कर रहा है

Sitaram Yechury

नये भारत का आख्यान या संविधान का ध्वंस Narrative of new india or the destruction of constitution मोदी के न्यू इंडिया पर सीताराम येचुरी का आलेख Sitaram Yechury‘s article on Modi’s New India, आज जबकि हम अपने 73वें स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, भारत के भविष्य को सौंपने के लिए, एक नया राष्ट्रीय