मतभेद बुद्धिजीवियों में होते हैं मूर्खों में नहीं : कृष्ण को बलराम से और पटेल को नेहरू से अलग करने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं हो सकती

Nehru and Patel differed on many issues

कांग्रेसी विचारधारा के दो नेताओं में से एक नेता को नायक और दूसरे नेता को खलनायक बनाने से गोलवलकर, दीनदयाल या मुखर्जी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं हो जाएंगे यह बात संघी अच्छी तरह समझ लें।