शिमला डायरी : पीछे छूट गई धूल को समेट लाया कौन खानाबदोश

Shimla diary Book by Pramod Ranjan

‘शिमला डायरी’ (Shimla diary) अपने समय और समाज की एक ऐसी साहित्यिक-सांस्कृतिक डायरी और दस्तावेज है, जिसका एक अहम हिस्सा हिंदी पत्रकारिता (Hindi journalism) की दुनिया है। इसका विहंगम अवलोकन किया है चर्चित कवि और पत्रकार प्रमोद कौंसवाल (journalist Pramod Kaunswal) ने, जिन्होंने काफी समय तक चंडीगढ़ में रहते हुए खुद शिमला, चंडीगढ़ और पंजाब की

अदिति गुलेरी और उनकी कविताएं : बात सिर्फ बचपन की नहीं परिवार की भी है….

Dr. Aditi Guleri's first poetry collection, डा. अदिति गुलेरी का प्रथम काव्य संग्रह बात वजूद की

अदिति गुलेरी और उनकी कविताएं : बात सिर्फ बचपन की नहीं परिवार की भी है…. हाल ही में हिमाचल प्रदेश धर्मशाला से सुप्रसिद्ध परिवार की होनहार बिटिया डा. अदिति गुलेरी का प्रथम काव्य संग्रह ‘बात वजूद की‘ मेरे पास आया जिसे स्वयं अदिति ने भेजा और प्रतिक्रिया की उम्मीद भी रखी। किसी भी लेखक की