जानिए बच्चों के लिए स्वस्थ आहार क्या हैं और क्यों जरूरी हैं ?

Children's health

Know what is a healthy diet for children and why is it important?

नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2022. बच्चों के स्वास्थ्य विकास के लिए समुचित पोषण अति आवश्यक है। क्या आप जानते हैं कि बच्चों के विकास के लिए क्या करना चाहिए? बालक के शारीरिक विकास में पोषण का क्या महत्व है? बच्चों के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक है, लेकिन अधिकांश मातापिता नहीं जानते कि सुबह बच्चों को क्या खिलाना चाहिए और शारीरिक विकास पर आहार एवं पोषण का क्या प्रभाव पड़ता है?

बच्चों के लिए पौष्टिक व स्वादिष्ट आहार (Nutritious and tasty food for kids)

लगभग सभी बच्चे हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज खाना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन उनकी अच्छी सेहत के लिए स्वस्थ आहार लेना बेहद जरूरी है, इसलिए उन्हें स्वास्थ्यप्रद भोजन इस तरह से परोसें कि देखने में यह अच्छा दिखे और वे खाने में दिलचस्पी लें।

देशबन्धु की एक पुरानी खबर के मुताबिक ऑनलाइन फिटनेस प्लेटफॉर्म जिमपिक (online fitness platform gympik) की पोषण व आहार विशेषज्ञ सुजेता शेट्टी (nutritionist and dietician sujeta shetty) और डॉक्टर इंस्टा (टेली-मेडिसिन प्लेटफॉर्म) की आहार विशेषज्ञ ने बच्चों के मन में स्वस्थ आहार के प्रति रुचि जगाने के संबंध में सुझाव दिए हैं

A – छिल्का युक्त अनाज की रोटी

बच्चे को चोकर सहित गेहूं के आटे की रोटी, दलिया, क्विन्वा या ब्राउन ब्रेड खिलाएं। चोकर या छिल्का युक्त अनाज विटामिन बी और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपके बच्चे का पेट भरने के साथ ही उनके पाचन को सुधारने में भी मददगार होते हैं। बच्चों को अंकुरित अनाज, सोयाबीन, चना भी खिलाएं।

B – प्रोटीन युक्त आहार

प्रोटीन ऊत्तकों का मरम्मत करने, हीमोग्लोबिन बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मांसपेशियों को विकसित करने में मदद करता है।

प्रोटीन के स्रोत : सी फूड, अंडे, लीन मीट, मुर्गी, फलियां, मटर, दूध, दाल, सोया आदि प्रोटीन के स्रोत होते हैं।

C – फल और सब्जियां

बच्चों के आहार में फल और सब्जियां शामिल करने में अक्सर मां को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने बच्चों को विभिन्न फलों को खाने के लिए प्रोत्साहित करें।

फलों का जूस न ही दें तो बेहतर, क्योंकि चोकर युक्त अनाज के फाइबर को ये शरीर से निकाल देते हैं और अगर जूस देना ही है तो बाजार में डिब्बाबंद जूस में ढेर सारा चीनी होता है, इसलिए घर पर बिना चीनी मिलाए जूस ही बच्चे को दें।

D – हरी सब्जियां

विभिन्न प्रकार की सब्जियां अपने बच्चों को खिलाएं। मटर, बीन्स, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद हैं। ये विटामिन्स, मिनरल और आयरन से भरपूर होती हैं।

E कम वसा युक्त डेयरी उत्पाद (low fat dairy products)

कम वसा युक्त डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर आदि कैल्शियम का अच्छा स्रोत होते हैं, जो शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। बच्चों के लिए गाय और बकरी के दूध का सेवन ज्यादा लाभदायक होता है।

बच्चों के आहार में किन चीजों को शामिल नहीं करें ?

एडेड शुगर बच्चों को पेय पदार्थों की आदत डालते हैं। प्रसंस्कृत भोजन, चॉकलेट्स, कैंडी, ब्राउन सुगर को सीमित मात्रा में ही बच्चों के आहार में शामिल करें, क्योंकि इससे उनके दांतों में कैविटी होने की आशंका होती है और आगे चलकर सिर दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

संतृप्त और ट्रांस फैट वाले भोज्य पादार्थ सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जैसे उच्च वसा वाले दूध, रेड मीट और मुर्गी आदि।

संतृप्त वसा युक्त आहार के बजाय विटामिन ई और आवश्यक फैटी एसिड युक्त सब्जियों, नट ऑयल और सी फूड का सेवन करें। स्वास्थ्यपरक फैट नट्स, ऑलिव और एवोकैडो में पाए जाते हैं।

गर्मियों में बच्चों को खूब तरल पदार्थो का सेवन कराएं, ताकि उनका शरीर हाइड्रेट रहे। उनके आहार में दही, पुदीना, खरबूज, तरबूज और गुलकंद शामिल करें।

स्वस्थ जीवन का आधार है संतुलित आहार

nutritious food

कुछ लोग जरूरत से ज्यादा मोटे और कुछ लोग जरूरत से ज्यादा पतले क्यों होते हैं ?

A balanced diet is the basis of a healthy life

नई दिल्ली, 22 अप्रैल ( रितु कुमार) हम अपने आस-पास अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा मोटे और कुछ लोग जरूरत से ज्यादा पतले या कमजोर होते हैं। इसी तरह अनेक बच्चे छोटी उम्र में ही मोटापे और कई बीमारियों के शिकार हो जाते हैं जबकि कुछ बच्चे काफी कमजोर या पतले होने की वजह से बीमारियों से ग्रसित होते हैं। क्या हमने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ? ऐसा नहीं है कि इस तरह के लोग या बच्चे खाते-पीते नहीं है या उन्हें खाने की वस्तुएं नहीं मिलती हैं।

संतुलित आहार का सेवन बेहद जरूरी क्यों  है ?

दरअसल इस तरह के मोटापे या बीमारियों की सबसे बड़ी वजह होती है उनका संतुलित आहार नहीं खाना। यानी खाने में उन पदार्थों का इस्तेमाल नहीं करना जो शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज-लवण जैसे पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। संतुलित आहार नहीं लेने से न केवल शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है बल्कि व्यक्ति की उत्पादकता भी काफी कम हो जाती है। ऐसे में एक स्वस्थ तन और मन के साथ ही अनेक गंभीर बीमारियों से बचने के लिए संतुलित आहार का सेवन बेहद जरूरी है।

person holding a bowl with vegetable salad
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संतुलित आहार क्या होता है | What is a balanced diet

दरअसल संतुलित आहार वह आहार है जिसमें सभी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज-लवण और जल शारीरिक जरूरत के हिसाब से उचित मात्रा में मौजूद हो। संतुलित आहार न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि लंबी उम्र भी प्रदान करता है। यह व्यक्ति के वजन को संतुलित रखने के साथ ही उत्तम स्वास्थ को बनाए रखने में काफी मददगार होता है। इसके इस्तेमाल से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमताओं का विकास होता है। संतुलित आहार के लिए जरूरी है कि खाने में सभी खाद्य समूहों जैसे अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, डेयरी प्रोडक्ट, अंडा, मांस, मछली, वसा, मौसम में उपलब्ध फल और सब्जियों का सेवन पर्याप्त मात्रा में किया जाए।

आमतौर पर किसी भोजन को संतुलित तभी माना जाता है जब उस से प्रतिदिन शरीर को प्राप्त होने वाली कुल ऊर्जा का 50 से 60 प्रतिशत भाग कार्बोहाइड्रेट के जरिए, 10 से 15 प्रतिशत भाग प्रोटीन के जरिए और 20 से 30 प्रतिशत भाग वसा के जरिए प्राप्त हो। एक बात जिस पर सभी को ध्यान देना चाहिए कि आहार में संतुलन के लिए अत्यधिक मात्रा में भोजन बिलकुल जरूरी नहीं है। अधिक भोजन हमेशा गंभीर बीमारियों और मोटापे का कारण होता है।

दरअसल हर व्यक्ति को उसकी शारीरिक आवश्यकताओं, आयु, लिंग के आधार पर संतुलित आहार की जरूरत होती है। जैसे ज्यादा शारीरिक कार्य करने वाले व्यक्ति को भोजन में ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए। बच्चों की शारीरिक वृद्धि के लिए प्रोटीन जरूरी है। इसी तरह स्त्रियों के लिए लौह तत्व और कैल्शियम की जरूरत होती है। इसलिए यह जरूरी है कि शरीर की जरूरत और उम्र के हिसाब से संतुलित आहार लिया जाए।

संतुलित आहार के फायदे | Benefits of a balanced diet

संतुलित आहार के एक नहीं अनेक फायदे हैं। इससे व्यक्ति के शरीर में उन सभी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है जो उसे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के लिए जरूरी है। संतुलित आहार अनेक रोगों और संक्रमण को रोकने में सहायक होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। यह मनुष्य के मानसिक क्षमताओं और स्मरण शक्ति में भी वृद्धि करता है। संतुलित आहार आयु और लंबाई के मुताबिक उचित शारीरिक वजन को बनाए रखने में भी काफी सहायक होता है। कम आहार ग्रहण करने से मनुष्य अल्पपोषण का शिकार हो जाता है जबकि अधिक आहार ग्रहण करने से मोटापा और अन्य बीमारियां घर बना लेती हैं। ऐसे में संतुलित आहार इन सब विकारों को दूर करने का काम करता है। स्वस्थ और संतुलित भोजन से मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के विकास को रोका जा सकता है। यह उच्च रक्तचाप के इलाज में भी सहायक है।

संतुलित आहार से शरीर को रेशा और एंटीऑक्सीडेंट जैसे विटामिन सी, विटामिन ई, बीटा-कैरोटीन, राइबोफ्लेविन और सिलेनियम जैसे तत्वों की प्राप्ति होती है। इसमें फाइटोकेमिकल्स जैसे फ्लोवेन्स और पॉलिफिनॉल्स भी मौजूद होते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) और पॉलिफिनॉल्स शरीर को अनेक प्रकार की क्षति और कई रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

संतुलित आहार में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें शामिल प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ ही शरीर के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। प्रोटीन न मिले तो गठिया, हृदय रोग, गंजापन जैसी तमाम बीमारियां हो जाए। प्रोटीन को प्रोटीन मिले इसके लिए मीट, अंडा, सी फूड, दूध, दही, सूखे मेवे खाना चाहिए जो प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। वहीं कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। यह कई बीमारियों को रोकने में सहायक है। साबुत अनाज, ब्राउन राइस, दाल, फलियां, आलू, केला इसके मुख्य स्रोत हैं।

संतुलित आहार के स्रोत | Sources of balanced diet

संतुलित आहार में शामिल विटामिन और मिनरल (Vitamins and minerals included in a balanced diet) हमें ताजे फलों और सब्जियों से प्राप्त होते हैं। आयोडीन, आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं। इससे शरीर में खून की कमी दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती हैं। संतुलित आहार में फाइबर का होना भी जरूरी है। फाइबर युक्त आहार का सेवन (Intake of fiber rich diet) पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद होता है। मेडिकल साइंस के मुताबिक एक वयस्क को रोजाना करीब 25 से 30 ग्राम फाइबर जरूर लेना चाहिए।

 संतुलित भोजन के लिए सबसे जरूरी है खाने के साथ उचित मात्रा में पानी पीना। कम पानी पीने से शरीर में अनेक बीमारियों पैदा होती हैं। इसलिए खुद को हाइड्रेट रखने के लिए हर रोज कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीना जरूरी है।  संतुलित आहार लेते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि प्रतिदिन पांच ग्राम से कम नमक (करीब एक चम्मच के बराबर) और आयोडीन युक्त नमक ही खाना है।

महिलाओं और पुरुषों के संतुलित आहार में क्या फर्क है | What is the difference between balanced diet of women and men

दरअसल प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की बनावट भिन्न होती है इसीलिए हर शरीर की पोषण आवश्यकताएं भी एक समान नहीं होती। इसलिए कोई एक आहार जो एक व्यक्ति के लिए संतुलित है वह दूसरे के लिए जरूरत से कम या अधिक पोषक तत्व प्रदान करने वाला साबित हो सकता है। ऐसे कई कारक हैं जो संतुलित आहार को प्रभावित करते हैं। इसलिए इस बात पर हमेशा ध्यान देने की जरूरत है कि किसी व्यक्ति की आयु, लिंग, शारीरिक क्षमता और जीवन शैली क्या है ? वह किस प्रकार की जलवायु में निवास करता है ? इन्हीं प्रश्नों के आधार पर संतुलित आहार का निर्धारण किया जा सकता है। जैसे बच्चे और बड़ों के संतुलित आहार में फर्क हो सकता है उसी तरह महिलाओं और पुरुषों के संतुलित आहार में भी फर्क होता है।

संतुलित आहार खाने वाले ‘स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली’ की नींव रखते हैं। इससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम होता है। साथ ही यह देश में मानव संसाधनों के विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। हम सभी जानते हैं कि एक स्वस्थ समाज द्वारा ही एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज के आहार और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

(इंडिया साइंस वायर)

जानिए अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद क्यों है जरूरी

healthy lifestyle

Good Sleep for Good Health: Get the Rest You Need

नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2021. कभी-कभी, आधुनिक जीवन की भागदौड़ भरी ज़िंदगी मुश्किल से आपको रुकने और आराम करने का समय देती है। नियमित आधार पर रात की एक अच्छी नींद एक सपने की तरह प्रतीत हो सकती है।

लेकिन अच्छी सेहत के लिए नींद उतनी ही जरूरी है जितना कि पौष्टिक आहार और व्यायाम। अच्छी नींद आपके मस्तिष्क के प्रदर्शन, मूड और स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेने से कई बीमारियों और विकारों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें हृदय रोग और स्ट्रोक से लेकर मोटापा और मनोभ्रंश तक शामिल हैं।

एनआईएच न्यूज़ इन हेल्थ के ताजा अंक में अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद के विषय में विस्तार से बताया गया है।

NIH के एक नींद विशेषज्ञ डॉ. मारिस्का ब्राउन (Dr. Marishka Brown, a sleep expert) कहती हैं कि बिस्तर में घंटे गिनकर सोने से ज्यादा अच्छा है कि आप कितनी अच्छी नींद लेते हैं। वह बताती हैं, “स्वस्थ नींद में तीन प्रमुख बातें शामिल हैं, एक आपको कितनी नींद आती है, दूसरा नींद की गुणवत्ता है – कि आप निर्बाध और ताज़ा नींद लेते हैं। और अंतिम एक सुसंगत नींद कार्यक्रम है।”

जो लोग रात की शिफ्ट या अनियमित शेड्यूल का काम करते हैं उन्हें गुणवत्ता की नींद अतिरिक्त चुनौतीपूर्ण लग सकती है। और वर्तमान महामारी की तरह- महान तनाव के समय- हमारी सामान्य नींद की दिनचर्या को बाधित कर सकते हैं। लेकिन कई चीजें हैं जो आप अपनी नींद को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं।

शरीर की मरम्मत के लिए सो जाओ । Sleep for Repair | हमें सोने की आवश्यकता क्यों है? | Why do we need to sleep?

डॉ. माकन नेदरगार्ड, जो रोचेस्टर विश्वविद्यालय में नींद पढ़ाती हैं (Dr Maiken Nedergaard, who studies sleep at the University of Rochester) कहती हैं कि लोग अक्सर सोचते हैं कि नींद सिर्फ एक डाउन टाइम है जब थका हुआ मस्तिष्क आराम करता है।

“लेकिन यह गलत है,” वह कहती हैं। जब आप सोते हैं, तो आपका दिमाग काम कर रहा होता है। उदाहरण के लिए, नींद आपके मस्तिष्क को सीखने, याद रखने और बनाने के लिए तैयार करने में मदद करती है।

नेदरगार्ड और उनके सहयोगियों ने पता लगाया कि मस्तिष्क में  एक जल निकासी प्रणाली (drainage system) है, जो नींद के दौरान विषाक्त पदार्थों को निकालती है।

वह बताती हैं, “जब हम सोते हैं, तो मस्तिष्क पूरी तरह से कार्य बदलता है। यह लगभग किडनी की तरह हो जाता है, जिससे सिस्टम से कचरा निकल जाता है।”

उनकी टीम ने चूहों में पाया कि ड्रेनेज सिस्टम अल्जाइमर रोग से जुड़े कुछ प्रोटीन को हटा देता है। इन विषाक्त पदार्थों को नींद के दौरान मस्तिष्क से दो बार तेजी से हटा दिया गया था।

कोलोराडो विश्वविद्यालय के एक नींद शोधकर्ता, डॉ. केनेथ राइट, जूनियर (Dr. Kenneth Wright, Jr., a sleep researcher at the University of Colorado) कहते हैं, रक्त वाहिकाओं से प्रतिरक्षा प्रणाली तक सब कुछ मरम्मत के लिए नींद का उपयोग करता है।

वे बताते हैं कि “कुछ मरम्मत की प्रक्रियाएं होती हैं जो शरीर में नींद के दौरान, या सबसे प्रभावी रूप से होती हैं, यदि आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो उन प्रक्रियाओं में गड़बड़ी होने लगती है।”

नींद के बारे में मिथक और सत्य | Sleep Myths and Truths

उम्र के साथ आपको कितने नींद की जरूरत है? विशेषज्ञ स्कूली बच्चों को रात में कम से कम नौ घंटे और किशोरियों को आठ से 10 घंटे के बीच नींद लेने की सलाह देते हैं। अधिकांश वयस्कों को हर रात कम से कम सात घंटे या अधिक नींद की आवश्यकता होती है।

नींद को लेकर कई गलतफहमियां हैं। एक यह है कि उम्र अधिक होने के साथ वयस्कों को कम नींद की जरूरत होती है। जबकि यह सच नहीं है बड़े वयस्कों को अभी भी उसी राशि में नींद की आवश्यकता है। लेकिन आपकी उम्र के अनुसार नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है। वृद्ध वयस्कों को नींद के साथ हस्तक्षेप करने वाली दवाएं लेने की अधिक संभावना है।

नींद के बारे में एक और मिथक है कि आप अपने सपताहांत के दिनों में नींद को “कैच” कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि काफी हद तक ऐसा नहीं है।

राइट कहते हैं, यदि आपकी रात की नींद खराब होती है और आप अगली रात को ज्यादा देर तक सोते हैं, तो इससे आपको फायदा हो सकता है। लेकिन अगर आपके पास एक सप्ताह में बहुत कम नींद लेते हैं, तो सप्ताहांत में आपका जमकर सोना पर्याप्त नहीं है। यह एक स्वस्थ व्यवहार नहीं है।

हाल के एक अध्ययन में राइट और उनकी टीम ने लगातार कम नींद वाले लोगों का निरीक्षण। उन्होंने उनकी तुलना नींद से वंचित उन लोगों से की जो सप्ताहांत में सोते थे।

लोगों के दोनों समूहों में नींद की कमी के साथ वजन बढ़ गया। उनके शरीर की रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता भी खराब हो गई। सप्ताहांत में नींद लेने से उन्हें मदद नहीं मिली।

ब्राउन कहती हैं, फ्लिप की तरफ, अधिक नींद हमेशा बेहतर नहीं होती है। वह बताती हैं कि वयस्कों के लिए, “यदि आप रात में नौ घंटे से अधिक सो रहे हैं और आप अभी भी तरोताजा महसूस नहीं कर रहे हैं, तो कुछ अंतर्निहित चिकित्सा समस्या हो सकती है” ।

नींद संबंधी विकार | Sleep Disorders

कुछ लोगों की ऐसी स्थितियां होती हैं जो उन्हें पर्याप्त गुणवत्ता वाली नींद लेने से रोकती हैं, चाहे वे कितनी भी कोशिश कर लें। इन समस्याओं को स्लीप डिसऑर्डर कहा जाता है।

सबसे आम नींद विकार अनिद्रा है। ब्राउन कहती हैं,

अनिद्रा तब होती है जब आपको नींद आने और / या सोते रहने में कठिनाई होती है।” ऐसा सोने के समय और उचित नींद के माहौल के बावजूद होता है। यह आपको दिन के दौरान थका हुआ या अप्रसन्न महसूस कर सकता है।

अनिद्रा अल्पकालिक हो सकती है, जहां लोग कुछ हफ्तों या महीनों तक सोने के लिए संघर्ष करते हैं। “कुछ और लोग महामारी के दौरान यह अनुभव कर रहे हैं,” ब्राउन कहती हैं। लंबे समय तक अनिद्रा तीन महीने या उससे अधिक समय तक रहता है।

स्लीप एपनिया एक और सामान्य नींद विकार है। स्लीप एपनिया में, नींद के दौरान ऊपरी वायुमार्ग अवरुद्ध हो जाता है। यह एयरफ्लो को कम करता है या रोकता है, जो रात के दौरान लोगों को जगाता है। हालत खतरनाक हो सकती है। यदि अनुपचारित किया जाता है, तो यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

यदि आपको नियमित रूप से नींद न आने की समस्या है, तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से बात करें। हो सकता है कि वह आपको कई हफ्तों तक अपनी नींद को ट्रैक करने के लिए नींद की डायरी रखने की सलाह दें। वे स्लीप स्टडीज़ सहित अन्य परीक्षण भी करा सकते हैं। ये नींद की बीमारी की तलाश करते हैं।

Getting Better Sleep बेहतर नींद लेना

यदि आपको सोने में परेशानी हो रही है, तो आपको यह सुनकर कि सोना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है, निराशा हो। लेकिन साधारण चीजें आपकी रात की नींद को बेहतर बना सकती हैं।

कई सामान्य नींद विकारों के लिए उपचार उपलब्ध हैं। संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioural therapy) अनिद्रा वाले कई लोगों को बेहतर नींद लाने में मदद कर सकती है। दवाएं कुछ लोगों की मदद भी कर सकती हैं।

कई सामान्य नींद विकारों के लिए उपचार उपलब्ध हैं। संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioural therapy) अनिद्रा वाले कई लोगों को बेहतर नींद लाने में मदद कर सकती है। दवाएं भी कुछ लोगों की मदद कर सकती हैं।

स्लीप एपनिया वाले कई लोग CPAP मशीन नामक उपकरण का उपयोग करने से लाभान्वित होते हैं। ये मशीनें वायुमार्ग को खुला रखती हैं ताकि आप सांस ले सकें। अन्य उपचारों में विशेष माउथगार्ड और जीवन शैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं।

ब्राउन कहते हैं, “सभी के लिए, जितना हो सके, आप नींद को प्राथमिकता देने की कोशिश करें। नींद एक छोड़ने वाली चीज नहीं है – यह एक जैविक आवश्यकता है।”

रात की बेहतर नींद लेने के लिए क्या करें | Getting a Better Night’s Sleep

सोने का समय निर्धारित करें (Stick to a sleep schedule.)

हर दिन एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और जागें, यहां तक ​​कि सप्ताहांत पर भी।

हर दिन कुछ व्यायाम करें। लेकिन सोने के समय के करीब नहीं।

घर से बाहर निकलें Go outside.

हर दिन कम से कम 30 मिनट के लिए प्राकृतिक धूप पाने की कोशिश करें।

निकोटीन और कैफीन से बचें (Avoid nicotine and caffeine.)

निकोटीन और कैफीन दोनों उत्तेजक हैं जो आपको जगाए रखते हैं। कैफीन का नशा पूरी तरह से उतरने में 6-8 घंटे लग सकते हैं।

मध्याह्न के बाद झपकी न लें (Don’t take naps after mid-afternoon).

सोने से पहले शराब और भारी भोजन से बचें। दोनों गहरी, आराम करने वाली नींद को रोक सकते हैं।

बिस्तर पर जाने से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स को सीमित करें। एक किताब पढ़ने की कोशिश करें, या सुखदायक संगीत सुनें।

सोने का अच्छा माहौल बनाएं (Create a good sleeping environment)

यदि संभव हो तो तापमान को ठंडा रखें। ध्वनि और प्रकाश विकर्षणों से छुटकारा पाएं। अंधेरा कर दें। अपने सेल फोन को साइलेंस करें।

फालतू में बिस्तर पर न पड़े रहें

यदि आप लेटने के 20 मिनट के बाद भी सो नहीं पा रहे हैं, तो उठे और आरामदायक गतिविधि करें, जब तक कि आपको फिर से नींद न आए।

यदि कुछ भी उपाय आपकी नींद की समस्या का हल नहीं कर पा रहे हैं तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को दिखाएं। यदि आपकी आगे जाँच की आवश्यकता है, तो वे निर्धारित कर सकते हैं। वे तनाव को प्रबंधित करने के नए तरीके सीखने में भी आपकी मदद कर सकते हैं।