“प्रगतिशील लेखन” एक आंदोलन है

आज के दौर का लेखक लोकल से ग्लोबल तक जुड़ गई दुनिया से अनभिज्ञ रहकर लेखन नहीं कर सकता। आज के दौर का लेखक इन घटनाओं से विमुख नहीं रह सकता।

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गौरवशाली रहा है प्रगतिशील लेखक संघ का इतिहास

प्रलेसं म प्र राज्य कार्यकारिणी की बैठक साहित्य- विचारधारा और प्रतिबद्धता पर हुआ मनन इंदौर। प्रगतिशील लेखक संघ का इतिहास (History of Progressive Writers Association)

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बंग्ला व हिंदी के प्रति सेतु की तरह थे पूर्णेन्दु मुखोपाध्याय – अरुण कमल

प्रगतिशील लेखक संघ ने आयोजित की पूर्णेन्दु मुखोपाध्याय की श्रद्धाजंलि सभा पटना, 8 फरवरी। चर्चित बंग्ला कवि, लेखक व आलोचक पूर्णेन्दु मुखोपाध्याय की श्रद्धांजलि सभा

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