आरएसएस और मोदी का इतिहास और दिल्ली के दंगे

Arun Maheshwari - अरुण माहेश्वरी, लेखक सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक, सामाजिक-आर्थिक विषयों के टिप्पणीकार एवं पत्रकार हैं। छात्र जीवन से ही मार्क्सवादी राजनीति और साहित्य-आन्दोलन से जुड़ाव और सी.पी.आई.(एम.) के मुखपत्र ‘स्वाधीनता’ से सम्बद्ध। साहित्यिक पत्रिका ‘कलम’ का सम्पादन। जनवादी लेखक संघ के केन्द्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव। वह हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

प्रतिक्रांति का एक समग्र राजनीतिक प्रत्युत्तर ही क्रांति का रास्ता तैयार कर सकता है History of RSS and Modi and Delhi riots आरएसएस और मोदी के इतिहास से परिचित कोई साधारण आदमी भी दिल्ली के दंगों और आगे इनकी और पुनरावृत्तियों का बहुत सहजता से पूर्वानुमान कर सकता है। फिर भी कथित रूप से दूरगामी

2019 के शिखर से मोदी का ढलान शुरू हुआ दिल्ली ने उसमें एक जोरदार धक्का दिया है

Amit Shah Narendtra Modi

दिल्ली में आप की जीत क्रांतिकारी महत्व की है AAP’s victory in Delhi is of revolutionary importance 2019 के शिखर से मोदी के ढलान का रास्ता जो शुरू हुआ है, दिल्ली ने उसमें एक जोरदार धक्के का काम किया है। मोदी का दूत अमित शाह रावण के मेघनादों और कुंभकर्णों की तरह रणभूमि में आकर

यह लड़ाई फासीवादी सरकार के विरुद्ध लोकतंत्र की है

Akhilendra Pratap Singh

नागरिकता संशोधन कानून और नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शरीक हुए सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली के बच्चों की शिनाख्त कि यह लड़ाई केंद्र की फासीवादी सरकार के विरुद्ध लोकतंत्र की है, पूरी तौर पर सटीक है। दरअसल यह लड़ाई फासीवाद बनाम लोकतंत्र की (Battle of Fascism vs Democracy) है, जो कि संविधान